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Noida News: एलजी ने लिया बाढ़ की तैयारियों का जायजा, निर्देश दिए
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यमुना के प्रवाह में किसी भी तरह की बाधा से बचने के लिए मलबा, निर्माण सामग्री हटाने को कहा
नालों से तत्काल गाद निकालने और किनारे से अतिक्रमण हटाने को कहा, जुर्माने का भी आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बृहस्पतिवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के साथ कर बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान यमुना के प्रवाह में किसी भी तरह की बाधा से बचने के लिए मलबा, निर्माण सामग्री और मशीनरी को हटाने के निर्देश दिए गए। वहीं, नालों से तत्काल गाद निकालने और किनारे से अतिक्रमण हटाने को कहा गया। एमसीडी को नालों की निगरानी बढ़ाने के साथ जुर्माना लगाने का भी निर्देश दिया गया।
उन्होंने डीडीए को यमुना के बाढ़ के मैदान से मलबा और निर्माण सामग्री हटाने के लिए सभी एजेंसियों से तालमेल बिठाने के लिए। डीडीए 13 जुलाई को यमुना फ्लड प्लेन की सघन निगरानी करेगा। उपराज्यपाल ने पीडब्ल्यूडी, रेलवे और एनसीआरटीसी समेत सभी एजेंसियों को निर्माण सामग्री जल्द हटाने को कहा है। उपराज्यपाल ने कहा कि सिग्नेचर ब्रिज समेत सभी संवेदनशील स्थलों पर केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से चौबीसों घंटे निगरानी की जानी है। यमुना में गिरने वाले सभी 22 प्रमुख नालों का प्रबंधन ठीक किया जाना है। बाढ़ की स्थिति में किसी भी आकस्मिक घटना से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) की 29 टीमें तैनात रहेंगी। 100 से अधिक नावों से लैस होकर दिल्ली और आसपास तैनाती की जाएंगी। संवेदनशील स्थानों पर स्थायी और अस्थायी पंप लगाए जाएंगे। संबंधित एजेंसियां विफल साबित होती हैं तो डीडीए इन एजेंसियों को तत्काल हटाने का काम करे।
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हथिनीकुंड बैराज की नियमित निगरानी होगी
दिल्ली सरकार का सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग हरियाणा और हिमाचल प्रदेश सरकार के संपर्क में रहेगा। इससे नियमित आधार पर हथिनी कुंड बैराज से छोड़े जाने वाले पानी पर नजर रहेगी। बाढ़ की स्थिति में जिला प्रशासन को निचले इलाकों में रहने वाले करीब 25,000 लोगों को निकालने का इंतजाम करना है। स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ और उसके बाद जल-जनित बीमारियों के प्रकोप से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
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मुनक नहर में आई दरार की समीक्षा के बाद दिए निर्देश
बैठक में मुनक नहर के टूटने पर भी चर्चा हुई। एलजी ने सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग (आईएंडएफसीडी), पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, एनडीएमसी को नालों की व्यापक सफाई करने का निर्देश दिया। इससे पहले मुख्य सचिव ने उपराज्यपाल के आदेश पर टूटी हुई नहर को लेकर सभी विभागों की जिम्मेदारी सुनिश्चित की। जल बोर्ड के सीईओ को अपने इंजीनियरों की टीम के साथ मौके पर पहुंचने, हरियाणा सरकार के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने, एनडीआरएफ टीमों को मौके पर तैनाती, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग जल्द से जल्द पानी निकालने के लिए पंप की व्यवस्था करने, राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन सेल को नियमानुसार राहत प्रदान करने की सलाह दी गई।
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नालों से तत्काल गाद निकालने और किनारे से अतिक्रमण हटाने को कहा, जुर्माने का भी आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बृहस्पतिवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के साथ कर बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान यमुना के प्रवाह में किसी भी तरह की बाधा से बचने के लिए मलबा, निर्माण सामग्री और मशीनरी को हटाने के निर्देश दिए गए। वहीं, नालों से तत्काल गाद निकालने और किनारे से अतिक्रमण हटाने को कहा गया। एमसीडी को नालों की निगरानी बढ़ाने के साथ जुर्माना लगाने का भी निर्देश दिया गया।
उन्होंने डीडीए को यमुना के बाढ़ के मैदान से मलबा और निर्माण सामग्री हटाने के लिए सभी एजेंसियों से तालमेल बिठाने के लिए। डीडीए 13 जुलाई को यमुना फ्लड प्लेन की सघन निगरानी करेगा। उपराज्यपाल ने पीडब्ल्यूडी, रेलवे और एनसीआरटीसी समेत सभी एजेंसियों को निर्माण सामग्री जल्द हटाने को कहा है। उपराज्यपाल ने कहा कि सिग्नेचर ब्रिज समेत सभी संवेदनशील स्थलों पर केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से चौबीसों घंटे निगरानी की जानी है। यमुना में गिरने वाले सभी 22 प्रमुख नालों का प्रबंधन ठीक किया जाना है। बाढ़ की स्थिति में किसी भी आकस्मिक घटना से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) की 29 टीमें तैनात रहेंगी। 100 से अधिक नावों से लैस होकर दिल्ली और आसपास तैनाती की जाएंगी। संवेदनशील स्थानों पर स्थायी और अस्थायी पंप लगाए जाएंगे। संबंधित एजेंसियां विफल साबित होती हैं तो डीडीए इन एजेंसियों को तत्काल हटाने का काम करे।
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हथिनीकुंड बैराज की नियमित निगरानी होगी
दिल्ली सरकार का सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग हरियाणा और हिमाचल प्रदेश सरकार के संपर्क में रहेगा। इससे नियमित आधार पर हथिनी कुंड बैराज से छोड़े जाने वाले पानी पर नजर रहेगी। बाढ़ की स्थिति में जिला प्रशासन को निचले इलाकों में रहने वाले करीब 25,000 लोगों को निकालने का इंतजाम करना है। स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ और उसके बाद जल-जनित बीमारियों के प्रकोप से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
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मुनक नहर में आई दरार की समीक्षा के बाद दिए निर्देश
बैठक में मुनक नहर के टूटने पर भी चर्चा हुई। एलजी ने सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग (आईएंडएफसीडी), पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, एनडीएमसी को नालों की व्यापक सफाई करने का निर्देश दिया। इससे पहले मुख्य सचिव ने उपराज्यपाल के आदेश पर टूटी हुई नहर को लेकर सभी विभागों की जिम्मेदारी सुनिश्चित की। जल बोर्ड के सीईओ को अपने इंजीनियरों की टीम के साथ मौके पर पहुंचने, हरियाणा सरकार के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने, एनडीआरएफ टीमों को मौके पर तैनाती, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग जल्द से जल्द पानी निकालने के लिए पंप की व्यवस्था करने, राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन सेल को नियमानुसार राहत प्रदान करने की सलाह दी गई।