{"_id":"60ccf4898ebc3e2d971fdb5d","slug":"learned-the-easy-way-on-the-internet-then-committed-suicide-with-nitrogen-gas-noida-news-noi5883773162","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंटरनेट पर सीखा आसान तरीका, फिर नाइट्रोजन गैस से की आत्महत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंटरनेट पर सीखा आसान तरीका, फिर नाइट्रोजन गैस से की आत्महत्या
विज्ञापन
होटल के कमरे में रखा नाइट्रोजन गैस का सिलिंडर।
नोएडा। कर्ज और बेरोजगारी से परेशान एक युवक ने इंटरनेट पर आत्महत्या करने का आसान तरीका सीखा और नाइट्रोजन गैस का मास्क मुंह पर लगाकर जान दे दी। बृहस्पतिवार आधी रात को सेक्टर-12 स्थित ओयो होटल के कमरे में युवक का शव मिला। परिजनों की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को कब्जे में लिया। युवक के पास मिले सुसाइड नोट में मौत करने के कारणों, इंटरनेट सर्च से लेकर बेरोजगारी व कर्ज में डूबे होने की बात लिखी गई है।
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि मूलरूप से असम निवासी रमेश दास (32) चोटपुर कॉलोनी में रहकर रिलायंस कंपनी में नौकरी करता था। कोरोना काल में नौकरी छूटने के बाद दूसरी नहीं मिलने से वह काफी परेशान था। बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे रमेश ने सेक्टर-12 के ओयो होटल में कमरा बुक किया था। वह साथ में पांच किलो का सिलिंडर भी लाया था। कमरे में जाकर वह बेड पर लेट गया और नाइट्रोजन से भरे सिलिंडर से पाइप लगाकर मुंह पर मास्क लगा लिया। रमेश के रात तक घर नहीं पहुंचने के बाद उसके जी-मेल अकाउंट से लोकेशन का पता करते हुए परिजन आधी रात को ओयो होटल के आसपास पहुंचे तोेे गश्त कर रही पुलिस से मदद मांगी। इसके बाद पुलिस की टीम होटल पहुंची। काफी देर तक खटखटाने के बाद भी जब रमेश ने दरवाजा नहीं खोला तो दरवाजा तोड़ गया। रमेश बेड पर नाइट्रोजन मास्क लगाकर मृत पड़ा हुआ था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
सुसाइट नोट में लिखा- बिना दर्द मौत मरना चाहता था
सुसाइड नोट में रमेश ने लिखा है, ‘मैं अपनी खुशी से आत्महत्या कर रहा हूं। मैंने इंटरनेट पर सर्च कर सीखा था कि नाइट्रोजन गैस से बिना दर्द मौत होती है। अगर आज इस तरीके से मैं मर गया तो घरवालों को सूचित कर देना। आत्महत्या की वजह पांच लाख रुपये का कर्ज है। इसे चुका नहीं पा रहा हूं। नौकरी भी चली गई, जो नौकरी मिल रही है। उसे करने का मन नहीं है। आखिर में घरवालों से कहना चाहता हूं कि मैं उनसे बहुत प्यार करता हूं। मैं छोड़कर जा रहा हूं, माफ कर देना। इसके नीचे उसने पिता, पत्नी, साले व भाई का मोबाइल नंबर लिखा था।
विज्ञापन
एक दिन जोमैटो में की नौकरी, खाना भी पहुंचाया
पुलिस जांच में पता चला है कि कर्ज व नौकरी से परेशान रमेश लगातार नौकरी ढूंढ रहा था। बृहस्पतिवार को उसने जोमैटो में एक दिन की नौकरी की और एक शख्स के यहां खाना भी पहुंचाया। इसके बाद जान दे दी। रमेश के दो बच्चे हैं और उसकी पत्नी, माता-पिता से लेकर परिवार के कई सदस्य नोएडा में ही रहते हैं।
विज्ञापन
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि मूलरूप से असम निवासी रमेश दास (32) चोटपुर कॉलोनी में रहकर रिलायंस कंपनी में नौकरी करता था। कोरोना काल में नौकरी छूटने के बाद दूसरी नहीं मिलने से वह काफी परेशान था। बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे रमेश ने सेक्टर-12 के ओयो होटल में कमरा बुक किया था। वह साथ में पांच किलो का सिलिंडर भी लाया था। कमरे में जाकर वह बेड पर लेट गया और नाइट्रोजन से भरे सिलिंडर से पाइप लगाकर मुंह पर मास्क लगा लिया। रमेश के रात तक घर नहीं पहुंचने के बाद उसके जी-मेल अकाउंट से लोकेशन का पता करते हुए परिजन आधी रात को ओयो होटल के आसपास पहुंचे तोेे गश्त कर रही पुलिस से मदद मांगी। इसके बाद पुलिस की टीम होटल पहुंची। काफी देर तक खटखटाने के बाद भी जब रमेश ने दरवाजा नहीं खोला तो दरवाजा तोड़ गया। रमेश बेड पर नाइट्रोजन मास्क लगाकर मृत पड़ा हुआ था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
विज्ञापन
सुसाइट नोट में लिखा- बिना दर्द मौत मरना चाहता था
सुसाइड नोट में रमेश ने लिखा है, ‘मैं अपनी खुशी से आत्महत्या कर रहा हूं। मैंने इंटरनेट पर सर्च कर सीखा था कि नाइट्रोजन गैस से बिना दर्द मौत होती है। अगर आज इस तरीके से मैं मर गया तो घरवालों को सूचित कर देना। आत्महत्या की वजह पांच लाख रुपये का कर्ज है। इसे चुका नहीं पा रहा हूं। नौकरी भी चली गई, जो नौकरी मिल रही है। उसे करने का मन नहीं है। आखिर में घरवालों से कहना चाहता हूं कि मैं उनसे बहुत प्यार करता हूं। मैं छोड़कर जा रहा हूं, माफ कर देना। इसके नीचे उसने पिता, पत्नी, साले व भाई का मोबाइल नंबर लिखा था।
विज्ञापन
एक दिन जोमैटो में की नौकरी, खाना भी पहुंचाया
पुलिस जांच में पता चला है कि कर्ज व नौकरी से परेशान रमेश लगातार नौकरी ढूंढ रहा था। बृहस्पतिवार को उसने जोमैटो में एक दिन की नौकरी की और एक शख्स के यहां खाना भी पहुंचाया। इसके बाद जान दे दी। रमेश के दो बच्चे हैं और उसकी पत्नी, माता-पिता से लेकर परिवार के कई सदस्य नोएडा में ही रहते हैं।

रमेश दास की फाइल फोटो