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Noida News: जमीन अधिग्रहण से बेघर हुए बेजुबान, नहीं सुनी किसी ने दास्तान
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हजारों हेक्टेयर जमीन से बेघर हुए बेजुबान, नहीं सुनी किसी ने दास्तान
-सैकड़ों की संख्या में जानवर रनवे पर पहुंचकर निर्माण में बन रहे बाधा
-शासन से निर्देश आने का इंतजार कर रहे यमुना प्राधिकरण अधिकारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में जंगली जानवर बाधा उत्पन्न कर रहे है। इस समस्या को दूर करने के लिए ज्यूरिख के सीईओ क्रिस्टॉफ श्रेलमैन ने नियाल के सीईओ को पत्र लिखकर इस समस्या को दूर कराने की मांग की है। उधर, शासन ने भी यमुना प्राधिकरण से इस संबंध में प्रस्ताव मांगा है। चूंकि यहां पर सैकड़ों की संख्या में बेजुबान नीलगाय, हिरन, सारस आदि भूमि अधिग्रहण के बाद से बेघर हो गए हैं।
जेवर में बन रहे नोएडा अंतरर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे में बेघर हुए लावारिस जानवरों के पुर्नवास पर एक साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद कोई योजना नहीं बनाई गई है। ऐसे में ये जानवर अपने भोजन-पानी के लिए एयरपोर्ट के प्रशासनिक भवन और एटीसी के क्षेत्र में आ जा रहे हैं। जिससे काम में तो बाधा उत्पन्न हो ही रही है। साथ ही उनको चोट भी पहुंचने की आशंका रहती है। सुनवाई न होने पर इस बार ज्यूरिख ने नियाल को पत्र लिखा है। उधर, नागरिक उड्डयन विभाग ने भी शासन को पत्र लिखकर बेजुबानों के पुनर्वास की समस्या को दूर करने के निर्देश दिए हैं। आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में करीब 10 किमी के दायरे में 250 से अधिक नीलगाय, 300 से अधिक काले हिरन और काले हिरन, 50 से अधिक सारस और वन्यजीव-जानवरों को पुनर्वास के लिए चिन्हित किए गए थे। मगर एक साल बाद भी ये बेजुबान आसरे के लिए भटक रहे हैं।
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एयरपोर्ट का निर्माण कर रही कंपनी ज्यूरिख ने पत्र लिखा था। इस संबंध में शासन को अवगत कराया गया है। इसमें मुख्य सचिव और पशुधन विभागध्यक्ष को निर्णय लेना है। वहां से जैसे ही निर्देश मिलेंगे उस पर काम करेंगे।
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डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा.लि.
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-सैकड़ों की संख्या में जानवर रनवे पर पहुंचकर निर्माण में बन रहे बाधा
-शासन से निर्देश आने का इंतजार कर रहे यमुना प्राधिकरण अधिकारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में जंगली जानवर बाधा उत्पन्न कर रहे है। इस समस्या को दूर करने के लिए ज्यूरिख के सीईओ क्रिस्टॉफ श्रेलमैन ने नियाल के सीईओ को पत्र लिखकर इस समस्या को दूर कराने की मांग की है। उधर, शासन ने भी यमुना प्राधिकरण से इस संबंध में प्रस्ताव मांगा है। चूंकि यहां पर सैकड़ों की संख्या में बेजुबान नीलगाय, हिरन, सारस आदि भूमि अधिग्रहण के बाद से बेघर हो गए हैं।
जेवर में बन रहे नोएडा अंतरर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे में बेघर हुए लावारिस जानवरों के पुर्नवास पर एक साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद कोई योजना नहीं बनाई गई है। ऐसे में ये जानवर अपने भोजन-पानी के लिए एयरपोर्ट के प्रशासनिक भवन और एटीसी के क्षेत्र में आ जा रहे हैं। जिससे काम में तो बाधा उत्पन्न हो ही रही है। साथ ही उनको चोट भी पहुंचने की आशंका रहती है। सुनवाई न होने पर इस बार ज्यूरिख ने नियाल को पत्र लिखा है। उधर, नागरिक उड्डयन विभाग ने भी शासन को पत्र लिखकर बेजुबानों के पुनर्वास की समस्या को दूर करने के निर्देश दिए हैं। आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में करीब 10 किमी के दायरे में 250 से अधिक नीलगाय, 300 से अधिक काले हिरन और काले हिरन, 50 से अधिक सारस और वन्यजीव-जानवरों को पुनर्वास के लिए चिन्हित किए गए थे। मगर एक साल बाद भी ये बेजुबान आसरे के लिए भटक रहे हैं।
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एयरपोर्ट का निर्माण कर रही कंपनी ज्यूरिख ने पत्र लिखा था। इस संबंध में शासन को अवगत कराया गया है। इसमें मुख्य सचिव और पशुधन विभागध्यक्ष को निर्णय लेना है। वहां से जैसे ही निर्देश मिलेंगे उस पर काम करेंगे।
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डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा.लि.