पुन्हाना। कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर सुनहेड़ा बॉर्डर पर चल रहे धरने में 15 मार्च को मेवात के आखिरी राजा शहीद हसन खां मेवाती का 495वां शहीदी दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी। इसको लेकर तैयारी तेज कर दी गई है। शुक्रवार को धरने के दौरान किसान नेताओं ने सभी को जिम्मेदारियां सौंपीं।
मेवाती किसान मोर्चा के अध्यक्ष मौलाना अरशद मीलखेड़ला, प्रवक्ता रशीद अहमद और प्रेस सचिव बुरहान हुसैन ने बताया कि राजा हसन खां 15 मार्च 1527 को कान्वाह के मैदान में राणा सांगा के साथ बाबर से हुई जंग में 12 हजार घुड़सवारों के साथ शहीद हो गए थे। 15 मार्च को हर साल उनका शहीदी दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि देश की जीडीपी को संभाले रखने वाले किसानों को भाजपा सरकार कोई तवज्जो नहीं दे रही है, बल्कि धरने पर बैठे किसानों को कभी खालिस्तानी, तो कभी आतंकवादी आदि शब्दों से बदनाम कर रही हैं। किसान महापंचायत में दस हजार से अधिक किसानों को बुलाया गया है। जिसमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान में बसे मेवाती किसान भाग लेंगे। महापंचायत में ज्यादा से ज्यादा किसानों की भागेदारी के लिए गांव-गांव जाकर किसानों को न्यौता दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक तीनों कानून वापस नहीं होते और एमएसपी पर लिखित गारंटी नहीं मिलती है, तब तक धरना जारी रहेगा।