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किसानों के समर्थन में वरुण गांधी का ट्वीटः भाजपा ने कहा- याद दिलाने की जरूरत नहीं, कृषि हितों के लिए केंद्र प्रतिबद्ध

Sun, 05 Sep 2021 02:27 PM IST
Amit Sharma अमित शर्मा
अमित शर्मा Published by: Amit Sharma Updated Sun, 05 Sep 2021 02:27 PM IST
सार

वरुण गांधी ने ट्वीट किया है कि मुजफ्फरनगर में आज प्रदर्शन के लिए लाखों किसान जुटे हैं। वो हमारे ही खून हैं। हमें उनके साथ फिर से सम्मानजनक तरीके से जुड़ने की जरूरत है। उनका दर्द समझें, उनका नजरिया देखें और जमीन तक पहुंचने के लिए उनके साथ काम करें।

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Kisan Andolan BJP MP Varun Gandhi tweets about Farmers Mahapanchayat in Muzaffarnagar
फाइल फोटो

विस्तार

मुजफ्फरनगर की किसान महापंचायत पर टिप्पणी करते हुए बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने किसानों के समर्थन में ट्वीट किया है। उन्होंने कहा है कि किसान हमारे ही शरीर के हिस्से हैं। उनसे दुबारा सम्मानजनक तरीके से बातचीत शुरू करने की कोशिश की जानी चाहिए। उनका दुख और दृष्टिकोण समझने की कोशिश होनी चाहिए। वरुण गांधी के इस ट्वीट पर भाजपा ने कहा है कि वरुण गांधी को यह सलाह देने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार पहले ही किसानों की स्थिति को बदलने के लिए ठोस उपाय कर रही है। इसका असर जमीन पर दिखने भी लगा है। 

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भाजपा ने कहा कि किसानों से बातचीत का दौर कभी बंद नहीं हुआ है और केंद्र सरकार ने बार-बार स्पष्ट किया है कि वह किसी भी मुद्दे पर हमेशा बातचीत को तैयार है। गौरतलब है कि वरुण गांधी पहले ऐसे भाजपा नेता हैं जिन्होंने खुलकर किसानों के समर्थन में आवाज उठाई है।
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बीजेपी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने अमर उजाला से कहा कि वरुण गांधी ने किसानों के हितों की बात की है। हर देशवासी को किसानों के हितों की बात करनी चाहिए। लेकिन किसी को यह बात याद दिलाने की जरूरत नहीं है क्योंकि केंद्र सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए पहले से ही ठोस उपाय कर रही है। इन नए तीन कृषि कानूनों से किसानों की बदहाल आर्थिक स्थिति को सुधारने की ही कोशिश की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि कृषि सुधारों के सबसे ब़ड़े हिमायती स्वामीनाथन ने भी माना है कि वर्तमान केंद्र सरकार ने उनकी अनुशंसाओं को लागू करने का प्रयास किया है। इस सीजन में फसलों की रिकॉर्ड दोगुनी तक खरीद हुई है और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड भुगतान किया गया है। इस तरह किसान नेताओं की हर आशंका गलत साबित हुई है कि नए कृषि कानूनों से न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म हो जाएगा या एपीएमसी मंडियां खत्म हो जाएंगी।

शाजिया इल्मी ने कहा कि कांट्रैक्ट फॉर्मिंग पहले ही पंजाब में चल रही है और इससे किसी किसान की भूमि का अधिग्रहण नहीं किया गया है। ऐसे में यही प्रावधान केंद्र सरकार के लाने पर विरोध क्यों किया जा रहा है। यह अफवाह क्यों फैलाई जा रही है कि नए कानूनों से किसानों की जमीन का सौदा किया जा सकता है। जबकि कृषि कानूनों में स्पष्ट किया गया है कि किसान-कांट्रैक्टर समझौते में भूमि पर किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

कॉर्पोरेट का ही पक्ष ले रहे वरुण गांधी: किसान नेता
भारतीय किसान यूनियन के नेता डॉक्टर आशीष मित्तल ने कहा कि वरुण गांधी किसानों के हित में आवाज तो उठा रहे हैं, लेकिन वे भी बदले रूप में कॉर्पोरेट घरानों का ही समर्थन कर रहे हैं। जब वे कहते हैं कि किसानों से नए फॉर्मेट पर बातचीत होनी चाहिए तब वे यही इशारा कर रहे हैं कि कॉर्पोरेट को दूसरे दरवाजे से आने की अनुमति देनी चाहिए, जबकि किसान सीधे तौर पर तीनों कृषि कानूनों और कॉर्पोरेट मॉडल का खात्मा करना चाहते हैं।

किसान नेता ने कहा कि इस समय वर्तमान में भी विभिन्न तरीकों से कॉर्पोरेट कंपनियां खेती पर नियंत्रण किए हुए हैं। खाद, बीज, कीटनाशकों के जरिए वे अपनी मनमानी कर रही हैं, लेकिन अब वे सीधे खेती पर उतरकर यह भी तय करना चाहती हैं कि उनके खेतों में क्या उगाया जाए और उसमें किसानों का हिस्सा कितना हो। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसी कीमत पर स्वीकार्य नही होगी।

किसान पंचायत में क्या हुआ?
मुजफ्फरनगर में आयोजित किसान महापंचायत में पूरे देश से आए किसानों की भारी भीड़ जमा हुई। किसान नेताओं ने 27 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया है। इसके पहले 10-11 सितंबर को लखनऊ में बैठक कर आंदोलन को अंतिम रूप देने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। किसानों ने आरोप लगाया है कि यूपी सरकार लोगों को धर्म के आधार पर बांट रही है और मंच से हर-हर महादेव और अल्लाहु-अकबर के नारे लगाए गए।

किसान नेता गांव, ब्लॉक और जिले स्तर पर कमेटियां बनाकर किसानों को नए कृषि कानूनों पर सचेत करेंगे। वे उन्हें जाति-धर्म पर बंटने की बजाय केवल किसानी धर्म याद रखकर वोट करने की अपील करेंगे। आंदोलन के बड़े नेता जगह-जगह सभाएं करेंगे और विशेष लोगों को अभियान के अंतर्गत अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा जाएगा। किसानों का आंदोलन अभी उत्तर प्रदेश को लेकर तेज होगा, लेकिन धीरे-धीरे इसे उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में भी फैलाया जाएगा।
 


रालोद नेता जयंत ने की वरुण के बयान की तारीफ
किसानों के मुद्दे पर भाजपा सांसद वरुण गांधी को अपनी ही सरकार को नसीहत देने का रालोद नेता जयंत चौधरी ने स्वागत किया है। भाजपा सांसद की प्रशंसा करते हुए कहा, वरुण भाई ने जो कहा वह प्रशंसनीय है, लेकिन खुर्जा के भाजपा विधायक ने जो कहा उसका क्या। उन्होंने कहा कि विजेंद्र को अपनी आंख की जांच करानी चाहिए, या उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र के कुछ गांवों में जाकर अपने फिजूल के बयान को दोहराना चाहिए। दरअसल भाजपा विधायक ने आंदोलनकारी किसानों की राष्ट्रवादी साख पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया था, जिसे बाद में डिलीट कर दिया।
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