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दिल्ली सरकार के भ्रष्टाचार का पर्याय बना जल बोर्ड : भाजपा

Wed, 22 Nov 2023 08:01 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 22 Nov 2023 08:01 PM IST
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Jal Board has become synonymous with corruption of Delhi government: BJP
भाजपा नेताओं ने बोर्ड के आय व व्यय के मामले की न्यायिक जांच की मांग की
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जल मंत्री आतिशी की ओर से जल बोर्ड का फंड रोकने का खुलासा करने के मामले में भाजपा ने बुधवार को दिल्ली सरकार पर आरोपों की झड़ी लगाई। भाजपा सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने बुधवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जल बोर्ड केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया है। इसका ऑडिट ही नहीं, बल्कि वित्तीय मामलों की न्यायिक जांच की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1998 में दिल्ली जल बोर्ड की स्थापना स्वयं मूलभूत ढांचा तैयार करने और अपने राजस्व से खर्चे चलाने के उद्देश्य से की गई थी। दिल्ली सरकार को बोर्ड को केवल बड़ी योजनाओं के लिए आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराने थे, लेकिन खेद का विषय है कि 1999 से 2013 तक कांग्रेस की शीला सरकार ने जल बोर्ड के संसाधनों की लूट मचाई और टैंकर माफिया के सामने गिरवी रख दिया। इस कारण 2013-14 के अंत में जल बोर्ड पर लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की देनदारी खड़ी हो गई। विगत पांच वित्त वर्षों में दिल्ली सरकार ने जल बोर्ड को 12,700 करोड़ रुपये के ऋण एवं अनुदान दिए हैं, लेकिन इस पैसे का कोई हिसाब-किताब नहीं है। वित्त विभाग ने जब भी हिसाब मांगा तो केजरीवाल सरकार ने विक्टिम कार्ड खेलना शुरू कर दिया। दरअसल, 2016-17 के बाद से जल बोर्ड के न तो खाते बने हैं और न ही कोई ऑडिट हुआ है। इस हेरफेर के कारण गत पांच साल में जल बोर्ड का घाटा 26 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 70 हजार करोड़ रुपये हो चुका है। कैग के आग्रह के बावजूद केजरीवाल सरकार ने जल बोर्ड के खातों का ऑडिट नहीं कराया है।
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वर्तमान वित्त वर्ष में दिल्ली सरकार के बजट में जल बोर्ड को 6342 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से 1557 करोड़ रुपये मई 2023 में जल बोर्ड के खाते में भेज दिए गए और जल बोर्ड ने 750 करोड़ रुपये ऐसे कामों पर खर्च किए जिनका कोई प्रावधान नहीं था। दिल्ली सरकार के वित्त विभाग ने जब बजट राशि की अगली किस्त देने के लिए जल बोर्ड से 1557 करोड़ रुपये का हिसाब मांगा तो जल मंत्री ने हिसाब देने की बजाए दिल्ली में जल संकट की धमकी देनी शुरू कर दी। इस मौके पर प्रदेश मंत्री हरीश खुराना व प्रवक्ता प्रवीन शंकर कपूर भी मौजूद रहे।
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