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Noida News: बाढ़ आने पर डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण को सुरक्षा देना नहीं संभव

Tue, 14 May 2024 11:10 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 14 May 2024 11:10 PM IST
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It is not possible to provide protection to illegal construction in submerged areas during floods.
बाढ़ आने पर डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण को सुरक्षा देना नहीं संभव
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-प्रशासन ने हिंडन व यमुना के डूब क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण पर जारी की चेतावनी
-नए निर्माण बंद करने के साथ हटाना होगा पुराना निर्माण, नहीं तो होगी तोड़फोड़
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन ने यमुना व हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों के लिए चेतावनी जारी की है। चेतावनी दी है कि बाढ़ की स्थिति मे अवैध निर्माण को सुरक्षा देना संभव नहीं होगा। अगर किसी तरह की जनहानि होगी तो लोग स्वयं जिम्मेदार होंगे। साथ ही नए निर्माण को तत्काल बंद करने और पुराने निर्माण को तोड़ने का आदेश दिया है। चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं किया तो फिर प्रशासन की टीम किसी भी दिन कार्रवाई कर सकती है।

गौतमबुद्ध नगर में हिंडन के डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण हो रहा है। डूब क्षेत्र में लगातार कॉलोनी काटी जा रही है। छिजारसी से लेकर मोमनाथल तक बड़ी संख्या में मकान बन चुके हैं। वहीं, डूब क्षेत्र में भी अवैध निर्माण चल रहा है। वहां फार्म हाउस बन रहे हैं। साथ ही आवासीय भवन के साथ-साथ स्कूल, क्रेशर प्लांट, हॉट मिक्स प्लांट, कंक्रीट, रेडी मिक्स प्लांट और बदरपुर सैंड की धुलाई की हौदियां बनी हैं। सिंचाई विभाग के अफसरों का कहना है कि अगर बाढ़ आती है तो डूब क्षेत्र के अवैध निर्माण में होने वाली जन-हानि को रोका नहीं जा सकता है। कोर्ट ने डूब क्षेत्र में निर्माण पर रोक लगा रखी है। ऐसे में अगर किसी तरह की क्षतिपूर्ति होती है तो उसकी भरपाई नहीं की जाएगी। अवैध निर्माण से होने वाली क्षति की भरपाई निर्माण करने वालों से वसूली जाएगी।
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इन गांवों के डूब क्षेत्र में चल रहा है अवैध निर्माण
छजारसी, चोटपुर, यूसूफपुर चकशाहबेरी, बहलोलपुर, गढी चौखंडी, हैबतपुर, पर्थला खंजरपुर, सोरखा जाहिदाबाद, ककराला, अलीवर्दीपुर, जलपुरा, हल्दोनी, कुलेसरा और हिंडन व यमुना के तटबंध के निकट इलाहाबास, कुलेसरा, सुथ्याना, शहदरा, लखनावली, बेगमपुर, मुबारकपुर, गुर्जरपुर, झटटा, बादौली बांगर, तुगलपुर, कोंडली बांगर, सफीपुर, चूहड़पुर व मोमनाथल गांव है। जबकि युमना नदी किनारे मोतीपुर, तिलवाडा, मोमनाथल, गढ़ी समस्तीपुर, बादौली खादर, कोंडली खादर, कामबक्शपुर, दोस्तपुर मंगरौली, छपरौली व असदुल्लापुर (हरियाणा की तरफ), ओरंगाबाद, गुलावली, दलेलपुर, याकूतपुर में अवैध निर्माण हो रहा है।
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केवल चेतावनी तक सीमित रह जाता है प्रशासन

डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण पर प्रशासन केवल चेतावनी तक सीमित है। पिछले वर्ष भी बाढ़ से काफी नुकसान हुआ था। हजारों घर डूब गए थे। तब भी प्रशासन ने चेतावनी जारी की थी। प्राधिकरण और प्रशासन ने अवैध निर्माण को मिलकर रोकने की कार्ययोजना शुरू की थी, लेकिन हालात सामान्य होने के बाद डूब क्षेत्र में फिर अवैध निर्माण शुरू हो गए हैं। प्रशासन और प्राधिकरण के अफसरों ने आंखें बंद कर ली है।
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