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डेंगू-वायरल से निपटने की तैयारियां परखेगी जांच टीम
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नोएडा (योगेश शर्मा)। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जानलेवा बुखार का प्रकोप जारी है। ब्रज क्षेत्र में बेकाबू होते जा रहे हालात पर केंद्र और राज्य सरकार नजर बनाए हुए है। डेंगू-वायरल से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शासन ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारियों को फील्ड में उतारा है। गौतमबुद्ध नगर में भी जांच टीम पहुंच गई है। सोमवार और मंगलवार को जांच टीम स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर सरकारी अस्पताल में जाकर डेंगू-वायरल से निपटने की तैयारियों को परखेगी।
फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, कासगंज, फर्रुखाबाद सहित कई जिलों में जानलेवा बुखार हो रहा है। शासन ने नजदीकी जिलों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। गौतमबुद्ध नगर को हाई रिस्क जोन में रखा गया है। जिले में डेंगू के 10 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जबकि मलेरिया के अब तक 24 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल जिले में हालात नियंत्रण में है। जिला स्तर पर किस स्तर की तैयारियां की गई हैं, इसको परखने के लिए स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सचिन वैश्य रविवार शाम नोएडा पहुंच गए हैं। उनके नेतृत्व में जांच टीम दो दिन तक स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा करेगी और इसके बाद शासन को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
जांच टीम सोमवार को जिले के अलग-अलग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का दौरा करेगी, जबकि मंगलवार को जिला अस्पताल सहित अन्य जगह का निरीक्षण किया जाएगा। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी व मलेरिया अधिकारी भी टीम में शामिल रहेंगे।
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तीसरी लहर से पहले बुखार ने बढ़ाई मुश्किलें
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारियां के बीच बुखार के बढ़ते मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 17 व 18 सितंबर को तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों के लिए दूसरे दौर की मॉक ड्रिल का आयोजन होना था, लेकिन ब्रज क्षेत्र व आसपास के जिलों में बिगड़ रहे हालात को देखते हुए फिलहाल मॉक ड्रिल का कार्यक्रम टल गया है।
जिला स्तर पर इन तैयारियों का दावा
- सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए 10 बेड की व्यवस्था।
- सीएचसी भंगेल, बिसरख, बादलपुर, दादरी, डाढा और जेवर में 5-5 बेड आरक्षित ।
- पीएचसी दनकौर में 4 बेड की व्यवस्था। सभी स्थानों पर हेल्पडेस्क क्रियाशील ।
- जिला अस्पताल में बच्चों के लिए 4 बेड व सीएचसी, पीएचसी स्तर पर दो-दो बेड आरक्षित ।
- अस्पताल में वेंटिलेटर बेड व सीएचसी, पीएचसी में ऑक्सीजन सिलिंडर व कंसट्रेटर की व्यवस्था।
- भंगेल में ऑक्सीजन बेड पर छह बाइपेप, बिसरख, दादरी व जेवर में दो-दो बाइपेप की सुविधा।
- रेपिड रेस्पांस टीम, नियंत्रण कक्ष के अलावा अफवाह पंजिका और रिपोर्टिंग सिस्टम तैयार।
- जिले में 10 डॉक्टरों और 30 नर्सों की तैनाती। कुल 65 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी तैनात।
- दवाओं की कालाबाजारी रोकने के लिए औषधि निरीक्षक को किया गया अलर्ट।
जिले में हालात पूरी तरह नियंत्रित हैं। डेंगू के कुछ मामले बताए गए हैं, लेकिन सभी मरीज ठीक हो चुके हैं। सभी संस्थानों व अस्पतालों को जानकारी मुहैया कराने के लिए कहा गया है। -डॉ. सुनील कुमार शर्मा, सीएमओ-गौतमबुद्ध नगर
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फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, कासगंज, फर्रुखाबाद सहित कई जिलों में जानलेवा बुखार हो रहा है। शासन ने नजदीकी जिलों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। गौतमबुद्ध नगर को हाई रिस्क जोन में रखा गया है। जिले में डेंगू के 10 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जबकि मलेरिया के अब तक 24 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल जिले में हालात नियंत्रण में है। जिला स्तर पर किस स्तर की तैयारियां की गई हैं, इसको परखने के लिए स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सचिन वैश्य रविवार शाम नोएडा पहुंच गए हैं। उनके नेतृत्व में जांच टीम दो दिन तक स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा करेगी और इसके बाद शासन को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
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जांच टीम सोमवार को जिले के अलग-अलग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का दौरा करेगी, जबकि मंगलवार को जिला अस्पताल सहित अन्य जगह का निरीक्षण किया जाएगा। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी व मलेरिया अधिकारी भी टीम में शामिल रहेंगे।
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तीसरी लहर से पहले बुखार ने बढ़ाई मुश्किलें
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारियां के बीच बुखार के बढ़ते मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 17 व 18 सितंबर को तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों के लिए दूसरे दौर की मॉक ड्रिल का आयोजन होना था, लेकिन ब्रज क्षेत्र व आसपास के जिलों में बिगड़ रहे हालात को देखते हुए फिलहाल मॉक ड्रिल का कार्यक्रम टल गया है।
जिला स्तर पर इन तैयारियों का दावा
- सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए 10 बेड की व्यवस्था।
- सीएचसी भंगेल, बिसरख, बादलपुर, दादरी, डाढा और जेवर में 5-5 बेड आरक्षित ।
- पीएचसी दनकौर में 4 बेड की व्यवस्था। सभी स्थानों पर हेल्पडेस्क क्रियाशील ।
- जिला अस्पताल में बच्चों के लिए 4 बेड व सीएचसी, पीएचसी स्तर पर दो-दो बेड आरक्षित ।
- अस्पताल में वेंटिलेटर बेड व सीएचसी, पीएचसी में ऑक्सीजन सिलिंडर व कंसट्रेटर की व्यवस्था।
- भंगेल में ऑक्सीजन बेड पर छह बाइपेप, बिसरख, दादरी व जेवर में दो-दो बाइपेप की सुविधा।
- रेपिड रेस्पांस टीम, नियंत्रण कक्ष के अलावा अफवाह पंजिका और रिपोर्टिंग सिस्टम तैयार।
- जिले में 10 डॉक्टरों और 30 नर्सों की तैनाती। कुल 65 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी तैनात।
- दवाओं की कालाबाजारी रोकने के लिए औषधि निरीक्षक को किया गया अलर्ट।
जिले में हालात पूरी तरह नियंत्रित हैं। डेंगू के कुछ मामले बताए गए हैं, लेकिन सभी मरीज ठीक हो चुके हैं। सभी संस्थानों व अस्पतालों को जानकारी मुहैया कराने के लिए कहा गया है। -डॉ. सुनील कुमार शर्मा, सीएमओ-गौतमबुद्ध नगर