{"_id":"646e51aee9baf628dd034a01","slug":"investigation-of-terrorist-aspect-in-foreign-drugs-case-grnoida-news-c-23-1-noi1091-9193-2023-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: विदेशी ड्रग्स मामले में आतंकी की पहलू की छानबीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: विदेशी ड्रग्स मामले में आतंकी की पहलू की छानबीन
विज्ञापन
विदेशी ड्रग्स मामले में आतंकी पहलू की छानबीन
-आईबी, एनआईए और एटीएस कर रहीं ड्रग्स माफियाओं से पूछताछ
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। शहर के थीटा-2 में पकड़ी गई मादक पदार्थ एमडीएमए की फैक्ट्री के मामले में आईबी, एनआईए और एटीएस की टीमें आतंकी पहलू की भी जांच करने में लगी हैं। बुधवार को रिमांड पर लिए गए आरोपियों से स्थानीय पुलिस के अलावा तीनों इंटेलिजेंस यूनिटों ने भी पूछताछ की। खुफिया विभागों को अंदेशा है कि कहीं अब तक करीब 1200 करोड़ रुपये की ड्रग्स सप्लाई से आतंकियों को तो मदद नहीं पहुंंचाई गई।
ग्रेटर नोएडा में पिछले कई वर्षों से मादक पदार्थ को बेचने और यहां बनाने की फैक्ट्रियों का खुलासा हो चुका है। पूर्व में भी कई अफ्रीकी नागरिक इन मादक पदार्थों की अवैध बिक्री में पकड़े जा चुके हैं। हाल ही में थीटा-2 में एमडीएमए ड्रग्स की 300 करोड़ की खेप पकड़ी गई थी। इसमें 10 विदेशी नागरिकों में से 4 आरोपी डेमियल अजूह, इम्मानू, जॉन कोफी, अजोकू उबाका को न्यायालय से पुलिस रिमांड पर लिया गया है। ड्रग्स की खेप को आरोपी दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, गोवा सहित अमेरिका और यूरोपीय देशों में भी अन्य अंतरराष्ट्रीय अपराधियों के सहयोग से बेचने की फिराक में थे। ऐसे में एजेंसियां आरोपियों से यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं वह ड्रग्स सप्लाई के पैसे को आतंकी संगठनों के पास तो नहीं पहुंच रहे।
-- -
वर्जन..........
स्थानीय पुलिस समेत अन्य एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ में लगी हैं। पता लगाया जा रहा है कि इनके द्वारा कमाए पैसे कहां भेजे गए हैं। एजेंसियां इनके कनेक्शन की पूरी जांच कर रही हैं।
विज्ञापन
अरविंद शर्मा, एसीपी ग्रेटर नोएडा प्रथम
विज्ञापन
-आईबी, एनआईए और एटीएस कर रहीं ड्रग्स माफियाओं से पूछताछ
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। शहर के थीटा-2 में पकड़ी गई मादक पदार्थ एमडीएमए की फैक्ट्री के मामले में आईबी, एनआईए और एटीएस की टीमें आतंकी पहलू की भी जांच करने में लगी हैं। बुधवार को रिमांड पर लिए गए आरोपियों से स्थानीय पुलिस के अलावा तीनों इंटेलिजेंस यूनिटों ने भी पूछताछ की। खुफिया विभागों को अंदेशा है कि कहीं अब तक करीब 1200 करोड़ रुपये की ड्रग्स सप्लाई से आतंकियों को तो मदद नहीं पहुंंचाई गई।
ग्रेटर नोएडा में पिछले कई वर्षों से मादक पदार्थ को बेचने और यहां बनाने की फैक्ट्रियों का खुलासा हो चुका है। पूर्व में भी कई अफ्रीकी नागरिक इन मादक पदार्थों की अवैध बिक्री में पकड़े जा चुके हैं। हाल ही में थीटा-2 में एमडीएमए ड्रग्स की 300 करोड़ की खेप पकड़ी गई थी। इसमें 10 विदेशी नागरिकों में से 4 आरोपी डेमियल अजूह, इम्मानू, जॉन कोफी, अजोकू उबाका को न्यायालय से पुलिस रिमांड पर लिया गया है। ड्रग्स की खेप को आरोपी दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, गोवा सहित अमेरिका और यूरोपीय देशों में भी अन्य अंतरराष्ट्रीय अपराधियों के सहयोग से बेचने की फिराक में थे। ऐसे में एजेंसियां आरोपियों से यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं वह ड्रग्स सप्लाई के पैसे को आतंकी संगठनों के पास तो नहीं पहुंच रहे।
विज्ञापन
वर्जन..........
स्थानीय पुलिस समेत अन्य एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ में लगी हैं। पता लगाया जा रहा है कि इनके द्वारा कमाए पैसे कहां भेजे गए हैं। एजेंसियां इनके कनेक्शन की पूरी जांच कर रही हैं।
विज्ञापन
अरविंद शर्मा, एसीपी ग्रेटर नोएडा प्रथम