अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस: उच्च शिक्षा का गढ़ बन रहा यूपी का ये जिला, 40 देशों के 10 हजार छात्र कर रहे पढ़ाई
गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय मामलों के निदेशक डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि विदेशी छात्रों की संख्या कई सालों से बढ़ रही है। उनके लिए यहां एक दर्जन से अधिक कोर्स चलाए जा रहे हैं।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौतमबुद्धनगर की पहचान अब शिक्षा के क्षेत्र में भी हो रही है। हर साल 10 हजार से अधिक विदेशी छात्र पढ़ाई करने विभिन्न संस्थानों में प्रवेश ले रहे हैं। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय से लेकर कई संस्थाओं में 40 से अधिक देशों के छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। हाईटेक एजुकेशन इंफ्रा, क्वॉलिफाईड शिक्षक से लेकर सड़क, एयरपोर्ट सभी सुविधाएं विदेशी छात्रों को लुभा रही हैं। इसके साथ ही यमुना प्राधिकरण की ओर से यीडा सिटी विकसित की जा रही है, जिसमें कई देशों के संस्थान यहां अपनी शाखाएं खोलने के लिए जमीन लेने के लिए संपर्क कर रहे हैं।
गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय मामलों के निदेशक डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि विदेशी छात्रों की संख्या कई सालों से बढ़ रही है। उनके लिए यहां एक दर्जन से अधिक कोर्स चलाए जा रहे हैं। स्नातक और पीएचडी करने के लिए छात्र आते हैं। विदेशी छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नए सत्र से कई कोर्स शुरू होने वाले हैं। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में नई बिल्डिंग का कार्य होना है। वहीं, शारदा विश्वविद्यालय में एक हजार से अधिक छात्र इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, आर्किटेक्ट, मेडिकल सहित कई कोर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। एमिटी, गलगोटिया, एनआईयू में छात्र पढ़ रहे हैं।
नोएडा के विश्वविद्यालयों में वियतनाम, श्रीलंका, थाईलैंड, वर्मा, भूटान, दक्षिण एशिया समेत कई देशों के छात्र यहां पढ़ाई करने के लिए आते हैं। कई देशों के छात्र बुद्ध स्टडीज में पढ़ाई कर रहे हैं।
यीडा सिटी में कैंपस खोलेंगे विदेशी संस्थान
यमुना प्राधिकरण की ओर से विकसित हो रही यीडा सिटी में हायर एजुकेशन इंस्टिट्यूट स्थापित होंगे। देश-विदेश के कई बड़े संस्थान यहां अपना कैंपस स्थापित करने वाले हैं। अमेरिकी कंपनी ने विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान के लिए 100 एकड़ जमीन की मांग की है। इंजीनियरिंग के लिए मशहूर संस्थान बिट्स पिलानी ग्रुप ने भी 40 एकड़ जमीन का प्रस्ताव रखा है। रामा यूनिवर्सिटी ने भी अथॉरिटी से जमीन मांगी है।
यहां शैक्षणिक माहौल के अलावा हमें भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जानने का अवसर मिलता है। यहां पढ़ाई करने में काफी अच्छा लग रहा है। - नगुयेन वान क्वोक, एमए द्वितीय वर्ष, वियतनाम
जीबीयू शोध के लिए आवश्यक संसाधन और सहायता प्रदान करता है। प्रोफेसर हमें शोध सामग्री उपलब्ध कराने में काफी मदद करते हैं। - अर्णन्दर, पीएचडी बुद्ध स्टडीज, म्यांमार