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Noida News: यूईआर-दो दिल्ली की अंदरूनी सड़कों से कम होगा 50% वाहनों का दबाव
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पंजाब, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश सहित देश के अन्य जगहों पर जाने की राह आसान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्लीवासियों को केंद्र सरकार की तरफ से रविवार को बड़ा तोहफा मिला। रोहिणी सेक्टर-37 से अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) और द्वारका एक्सप्रेसवे के शुरू होने से रोहिणी, नरेला और उत्तर पश्चिमी दिल्ली के निवासियों को बड़ी राहत मिली है। इन परियोजनाओं से राजधानी की अंदरूनी सड़कों पर वाहनों का दबाव 50 फीसदी तक कम हो जाएगा।
लगभग 11,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार दोनों सड़क परियोजनाएं सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि पंजाब, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश सहित देश के अन्य जगहों पर जाने की राह आसान करेंगी। माल ढुलाई की समस्या दूर होने से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मौजूदा समय में पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश सहित देश की अन्य जगहों से आने वाला ट्रैफिक राजधानी के अंदर से होकर गुजरता है, लेकिन अब यूईआर-दो से ये वाहन सीधे आवागमन कर सकेंगे।
यह राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (अलीपुर) से शुरू होकर मुंडका, बक्करवाला, नजफगढ़ और द्वारका होते हुए यशोभूमि के पास द्वारका एक्सप्रेसवे से मिलेगा। इससे सिंघू बार्डर से आईजीआई एयरपोर्ट मात्र 40 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। पहले करीब दो घंटे का समय लगता था। इस मार्ग के कारण इनर व आउटर रिंग रोड पर वाहनों का दबाव कम होगा। मुकरबा चौक, मधुबन चौक, पीरागढी चौक, धौला कुआं, एनएच-9 पर जाम की समस्या दूर होगी। यूईआर-दो का सबसे ज्यादा लाभ बाहरी दिल्ली के लोगों को मिलेगा। कंझावला, मुबाकरपुर, बवाना, नरेला, मुंडका, रोहिणी, समयपुर बादली, किराड़ी समेत काफी संख्या में ग्रामीण इलाकों से दिल्ली के अन्य हिस्सों में पहुंचना आसान हो जाएगा। वहीं, नरेला और बवाना में बने डीडीए के फ्लैट तक पहुंचने में भी आसानी होगी।
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सभी राजमार्ग से होगी कनेक्टिविटी
यूईआर-2 को दिल्ली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग, द्वारका एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे सहित कई अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग व एक्सप्रेसवे से जोड़ा गया है। यह बहादुरगढ़ में एनएच-9 (पंजाब के फाजिल्का से उत्तराखंड के पिथौरागढ़) और महिपालपुर में एनएच-48 (दिल्ली-चेन्नई) को जोड़ेगा। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग, केएमपी राष्ट्रीय राजमार्ग, गुरुग्राम-रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग, गुरुग्राम-सोहना राष्ट्रीय राजमार्ग से भी जुड़ा हुआ है। गुरुग्राम-सोहना राष्ट्रीय राजमार्ग सीधे रूप में दिल्ली-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग जुड़ा है।
औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगी गति
यूईआर-2 दिल्ली के बवाना, नरेला सहित हरियाणा के सोनीपत और बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों को लिंक रोड से जोड़ेगा जिससे उद्योग और माल ढुलाई को गति मिलेगी। इससे एनसीआर में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह मुख्य रूप से बेल्ट-लाइन हाईवे से गुजरने वाले भारी मालवाहक वाहनों को नया मार्ग उपलब्ध कराएगा जिससे औद्योगिक क्षेत्रों जैसे नरेला, बवाना, सोनीपत, बहादुरगढ़ की आवाजाही तेज होगी। इस पर रोजाना लगभग दो से तीन लाख वाहन आवाजाही करेंगे।
करीब 76 किलोमीटर की लंबाई
इस रोड का निर्माण कार्य पांच पैकेज में किया गया है। पहला पैकेज एनएच-1 दिल्ली पानीपत हाईवे इंटरसेक्शन से कराला-कंझावला रोड तक (15.70 किलोमीटर), दूसरा पैकेज कराला-कंझावला रोड से नांगलोई-नजफगढ़ रोड (13.45 किलोमीटर), तीसरा पैकेज नांगलोई-नजफगढ़ रोड से द्वारका सेक्टर-24 (9.66 किलोमीटर) का है। वहीं, 37.29 किलोमीटर लंबाई की दो लिंक रोड का भी निर्माण किया गया है। इसमें बवाना इंडस्ट्रियल एरिया से बरवासनी बाईपास सोनीपत (29.60 किलोमीटर) और ढिचाऊ कलां से बहादुरगढ़ बाईपास (7.2 किलोमीटर) हैं। इन दोनों सड़कों के जरिये सोनीपत और बहादुरगढ़ से वाहन बिना किसी बाधा के एयरपोर्ट और गुरुग्राम की तरफ जा सकेंगे।
10.1 किलोमीटर लंबा है द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली खंड
द्वारका एक्सप्रेसवे के 10.1 किलोमीटर लंबे दिल्ली खंड से यशोभूमि, मेट्रो ब्लू लाइन, आरेंज लाइन, निर्माणाधीन बिजवासन रेलवे स्टेशन और द्वारका बस डिपो को मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी मिलेगी। दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे से एयरपोर्ट की तरफ या गुरुग्राम की तरफ आने वाले वाहन यूईआर-दो से सीधे द्वारका एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाएंगे। इससे डेढ़ से दाे घंटे का सफर केवल 20 से 25 मिनट में तय होगा। फिलहाल, दिल्ली के विभिन्न इलाकों से होते हुए वाहन एयरपोर्ट या गुरुग्राम की तरफ पहुंचते हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे दो भाग में बांटकर बनाया गया है। गुरुग्राम भाग का उद्घाटन पिछले साल किया जा चुका है। द्वारका एक्सप्रेसवे खेड़कीदौला के नजदीक से लेकर महिपालपुर में शिवमूर्ति के सामने तक है। इस एक्सप्रेसवे को टनल बनाकर सीधे एयरपोर्ट से कनेक्ट कर दिया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्लीवासियों को केंद्र सरकार की तरफ से रविवार को बड़ा तोहफा मिला। रोहिणी सेक्टर-37 से अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) और द्वारका एक्सप्रेसवे के शुरू होने से रोहिणी, नरेला और उत्तर पश्चिमी दिल्ली के निवासियों को बड़ी राहत मिली है। इन परियोजनाओं से राजधानी की अंदरूनी सड़कों पर वाहनों का दबाव 50 फीसदी तक कम हो जाएगा।
लगभग 11,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार दोनों सड़क परियोजनाएं सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि पंजाब, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश सहित देश के अन्य जगहों पर जाने की राह आसान करेंगी। माल ढुलाई की समस्या दूर होने से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मौजूदा समय में पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश सहित देश की अन्य जगहों से आने वाला ट्रैफिक राजधानी के अंदर से होकर गुजरता है, लेकिन अब यूईआर-दो से ये वाहन सीधे आवागमन कर सकेंगे।
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यह राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (अलीपुर) से शुरू होकर मुंडका, बक्करवाला, नजफगढ़ और द्वारका होते हुए यशोभूमि के पास द्वारका एक्सप्रेसवे से मिलेगा। इससे सिंघू बार्डर से आईजीआई एयरपोर्ट मात्र 40 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। पहले करीब दो घंटे का समय लगता था। इस मार्ग के कारण इनर व आउटर रिंग रोड पर वाहनों का दबाव कम होगा। मुकरबा चौक, मधुबन चौक, पीरागढी चौक, धौला कुआं, एनएच-9 पर जाम की समस्या दूर होगी। यूईआर-दो का सबसे ज्यादा लाभ बाहरी दिल्ली के लोगों को मिलेगा। कंझावला, मुबाकरपुर, बवाना, नरेला, मुंडका, रोहिणी, समयपुर बादली, किराड़ी समेत काफी संख्या में ग्रामीण इलाकों से दिल्ली के अन्य हिस्सों में पहुंचना आसान हो जाएगा। वहीं, नरेला और बवाना में बने डीडीए के फ्लैट तक पहुंचने में भी आसानी होगी।
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सभी राजमार्ग से होगी कनेक्टिविटी
यूईआर-2 को दिल्ली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग, द्वारका एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे सहित कई अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग व एक्सप्रेसवे से जोड़ा गया है। यह बहादुरगढ़ में एनएच-9 (पंजाब के फाजिल्का से उत्तराखंड के पिथौरागढ़) और महिपालपुर में एनएच-48 (दिल्ली-चेन्नई) को जोड़ेगा। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग, केएमपी राष्ट्रीय राजमार्ग, गुरुग्राम-रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग, गुरुग्राम-सोहना राष्ट्रीय राजमार्ग से भी जुड़ा हुआ है। गुरुग्राम-सोहना राष्ट्रीय राजमार्ग सीधे रूप में दिल्ली-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग जुड़ा है।
औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगी गति
यूईआर-2 दिल्ली के बवाना, नरेला सहित हरियाणा के सोनीपत और बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों को लिंक रोड से जोड़ेगा जिससे उद्योग और माल ढुलाई को गति मिलेगी। इससे एनसीआर में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह मुख्य रूप से बेल्ट-लाइन हाईवे से गुजरने वाले भारी मालवाहक वाहनों को नया मार्ग उपलब्ध कराएगा जिससे औद्योगिक क्षेत्रों जैसे नरेला, बवाना, सोनीपत, बहादुरगढ़ की आवाजाही तेज होगी। इस पर रोजाना लगभग दो से तीन लाख वाहन आवाजाही करेंगे।
करीब 76 किलोमीटर की लंबाई
इस रोड का निर्माण कार्य पांच पैकेज में किया गया है। पहला पैकेज एनएच-1 दिल्ली पानीपत हाईवे इंटरसेक्शन से कराला-कंझावला रोड तक (15.70 किलोमीटर), दूसरा पैकेज कराला-कंझावला रोड से नांगलोई-नजफगढ़ रोड (13.45 किलोमीटर), तीसरा पैकेज नांगलोई-नजफगढ़ रोड से द्वारका सेक्टर-24 (9.66 किलोमीटर) का है। वहीं, 37.29 किलोमीटर लंबाई की दो लिंक रोड का भी निर्माण किया गया है। इसमें बवाना इंडस्ट्रियल एरिया से बरवासनी बाईपास सोनीपत (29.60 किलोमीटर) और ढिचाऊ कलां से बहादुरगढ़ बाईपास (7.2 किलोमीटर) हैं। इन दोनों सड़कों के जरिये सोनीपत और बहादुरगढ़ से वाहन बिना किसी बाधा के एयरपोर्ट और गुरुग्राम की तरफ जा सकेंगे।
10.1 किलोमीटर लंबा है द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली खंड
द्वारका एक्सप्रेसवे के 10.1 किलोमीटर लंबे दिल्ली खंड से यशोभूमि, मेट्रो ब्लू लाइन, आरेंज लाइन, निर्माणाधीन बिजवासन रेलवे स्टेशन और द्वारका बस डिपो को मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी मिलेगी। दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे से एयरपोर्ट की तरफ या गुरुग्राम की तरफ आने वाले वाहन यूईआर-दो से सीधे द्वारका एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाएंगे। इससे डेढ़ से दाे घंटे का सफर केवल 20 से 25 मिनट में तय होगा। फिलहाल, दिल्ली के विभिन्न इलाकों से होते हुए वाहन एयरपोर्ट या गुरुग्राम की तरफ पहुंचते हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे दो भाग में बांटकर बनाया गया है। गुरुग्राम भाग का उद्घाटन पिछले साल किया जा चुका है। द्वारका एक्सप्रेसवे खेड़कीदौला के नजदीक से लेकर महिपालपुर में शिवमूर्ति के सामने तक है। इस एक्सप्रेसवे को टनल बनाकर सीधे एयरपोर्ट से कनेक्ट कर दिया गया है।