फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Industry running on paper, lock hanging on the spot

Noida News: कागजों में चल रही इंडस्ट्री, मौके पर लटक रहा ताला

Wed, 14 May 2025 07:25 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 14 May 2025 07:25 PM IST
विज्ञापन
Industry running on paper, lock hanging on the spot
-औद्योगिक प्लॉट लेकर बतौर संपत्ति रखने का खेल, नोएडा प्राधिकरण के सर्वे में उजागर होगी हकीकत
विज्ञापन


-शासन ने ऐसे प्लॉट चिन्हित करने के निर्देश प्राधिकरण को दिए, फर्जीवाड़ा मिलने पर होगी कार्रवाई

योगेश तिवारी

नोएडा। शहर में बहुत सी औद्योगिक इकाई महज कागजों में चल रही हैं। मौके पर संचालन के लिए हुआ निर्माण खंडहर में बदल गया है या फिर ताला लटक रहा है। प्लॉट लेने वाले आवंटी उसे बतौर संपत्ति बचाकर रखे हुए हैं। इससे शहर के औद्योगिक विकास का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। 45 औद्योगिक सेक्टरों में सैकड़ों आवंटी ऐसा कर रहे हैं। लेकिन यह खेल अब और आगे ज्यादा दिन तक नहीं चल पाएगा। नोएडा प्राधिकरण को शासन ने ऐसे प्लॉट को चिन्हित कर फर्जीवाड़ा उजागर करने के निर्देश दिए हैं।
इसकी शुरुआत फेज-1 से हुई है। फेज-1 में सेक्टर-1 से 11 और 16 व 16 ए में आते हैं। फेज-2 में सेक्टर 80 से 88 व 90, 138, 140, 140 ए, 145,151, 155 से 159, 162, 164, फेज-2 होजरी कॉम्पलेक्स, सेक्टर-88 ट्रांसपोर्ट नगर शामिल है। फेज-3 में सेक्टर 57 से 60, 63 से 68 व 69 ट्रांसपोर्ट नगर है। इनमें प्राधिकरण ने 11098 औद्योगिक प्लॉट आवंटित किए हुए हैं। इन प्लॉट का क्षेत्रफल 1,35,65,395 वर्ग मीटर है। इनमें 9463 प्लॉट पर औद्योगिक इकाई स्थापित है और क्रियाशील होने का प्रमाणपत्र नोएडा प्राधिकरण में जमा है। नियम यह है कि औद्योगिक प्लॉट आवंटन के साथ ही उस पर औद्योगिक इकाई स्थापित कर संचालन शुरू करने के लिए निश्चित समय दिया जाता है। संचालन हो रहा है यह साबित करने के लिए क्रियाशीलता का प्रमाणपत्र प्राधिकरण में जमा करना होता है।
विज्ञापन

------------------

लगातार बढ़ रहीं कीमतें, जमीन भी कम बची

कागजों में औद्योगिक इकाई को चलता हुआ दिखाकर प्लॉट को बचाकर रखने के पीछे कई कारण हैं। पहला यह कि औद्योगिक उपयोग की जमीन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। आगे नोएडा में अब जमीन भी कम बची हुई है। औद्योगिक उपयोग की जमीन की मांग भी ज्यादा है। बात अगर जमीन की कीमतें बढ़ने की करें तो प्राधिकरण स्तर पर ही पिछले तीन साल में आवंटन दरें 52 प्रतिशत तक बढ़ी हैं। मौजूदा वित्तीय वर्ष में ही इनमें फेज-1, 2 और 3 में सभी दरें 6 प्रतिशत बढ़ाई गई हैं। इसके पहले जुलाई-2024 में भी 6 प्रतिशत, अप्रेल-2023 में फेज-1 व फेज-3 में 6 प्रतिशत फेज-2 में 10 प्रतिशत दरें बढ़ी थीं। 2022 के अगस्त में फेज-1 और 3 में 20 प्रतिशत वहीं फेज-2 में 30 प्रतिशत दरें बढ़ाई गई थीं। इस तरह प्लॉट बचाकर रखने पर आवंटियों की संपत्ति प्रति वर्ष बढ़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed