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Noida News: निगम की पहली बैठक में जमकर चले लात-घूंसे
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हंगामा, हाथापाई और धक्कामुक्की की वजह से नहीं हो सकता मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव
सदन की बैठक शुरू होते ही आप ने मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाने पर जताया एतराज, कई पार्षद हुए चोटिल
सदन की कार्यवाही स्थगित, पीठासीन अधिकारी ने एलजी को भेजी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम की पहली बैठक में शुक्रवार को आम आदमी पार्टी और भाजपा के पार्षदों के बीच जमकर घमासान हुआ। शुरुआत बैठक के तुरत बाद मनोनीत पार्षदों की शपथ दिलाने पर आप पार्षदों के एतराज से हुई। थोड़ी देर में दोनों तरफ से लात-घूंसे चलने लगे। एक- दूसरे के खिलाफ नफरती पोस्टर लहराए गए। आपत्तिजनक नारे लगे। कुर्सियां उठाकर फेंकी गईं और पीठासीन अधिकारी का माइक तोड़ दिया गया। हंगामे के दौरान कई पार्षदों को चोटें भी आई हैं। आखिरकार मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव नहीं हो पाया। अब उपराज्यपाल सदन की अगली तारीख तय करेंगे और उस दिन दिल्ली का मेयर चुना जाएगा।
सदन के भीतर पक्ष विपक्ष के बीच किसी मसले पर सहमति नहीं बनने पर हंगामा होना आम बात है। लेकिन एमसीडी ने इतिहास में ऐसा पहली बार देखा गया कि मेयर चुनाव के लिए बुलाई गई सदन की पहली बैठक ही हंगामे की भेंट चढ़ गई। सुबह ग्यारह बजे एमसीडी ने सदन की बैठक बुलाई थी। करीब आधे घंटे देरी से निगम मुख्यालय सिविक सेंटर में सदन की कार्यवाही शुरू हुई। भाजपा से तीसरी बार पार्षद चुनकर आईं पूर्ववर्ती पूर्वी निगम की पूर्व महापौर सत्या शर्मा ने पीठासीन अधिकारी के रूप में शपथ ग्रहण किया। उन्हें निगम सचिव ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके तुरंत बाद पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा ने पार्षदों को शपथ दिलाने की कार्यवाही आरंभ की। उन्होंने सबसे पहले मनोनीत पार्षदों को शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित किया। इसपर आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने तुरंत आपत्ति दर्ज कराई कि हमेशा से जनता द्वारा निर्वाचित पार्षदों को पहले शपथ दिलाई जाती है, वह मनोनीत पार्षदों को पहले शपथ ग्रहण कराने की नई परिपाटी शुरू नहीं होने देंगे। आप के पार्षदों के आपत्ति के बीच ही भाजपा के मनोनीत चार पार्षदों सुनीत चौहान, लक्ष्मण आर्य, मुकेश मान और विनोद शेहरावत ने शपथ ग्रहण कर लिया।
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कार्यवाही शुरू होते ही शुरू हुआ हंगामा
मनोनीत पार्षद शपथ ले रहे थे, तभी आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने आगे बढ़कर इसका पुरजोर विरोध किया और देखते ही देखते पीठासीन अधिकारी का माइक खींचकर नीचे फेंक दिया। पलक झपकते ही भाजपा के पार्षद भी हंगामे में शामिल हो गए। इस बीच दोनों पार्टियों के पार्षदों के बीच हाथापाई हुई। पार्षदों ने पीठासीन अधिकारी के सामने रखी कुर्सी उठाकर फेंक दी। तभी हंगामा बढ़ता देखकर पीठासीन अधिकारी ने सदन को स्थगित कर दिया। करीब घंटे भर बाद वह फिर से अपनी कुर्सी पर लौटीं और सदन की कार्यवाही को फिर से शुरू कराना चाहा। उन्होंने आते ही कहा कि यह सदन चलाने का तरीका नहीं है, वह पार्षदों की बात सुनने को राजी हैं। लेकिन पार्षदों ने उनकी बात को नजरंदाज किया और एक दूसरे के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लिखे पोस्टर लहराते रहे और हंगामे को जारी रखा। इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने अगली तारीख तक के लिए सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया।
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पीठासीन अधिकारी ने एलजी को भेजी रिपोर्ट
पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा ने बताया कि सदन में हुए हंगामे की जानकारी उपराज्यपाल को भेज दी गई है। उनसे शपथ ग्रहण के दौरान सदन में अधिक सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए और अधिक पुलिस बल बढ़ाने की मांग की है। सदन में जो भी सरकारी संपत्ति की तोड़फोड़ की गई है, उस पर संज्ञान लेने के लिए कहा है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो एलजी को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि अब सदन की अगली बैठक को लेकर उपराज्यपाल को निर्णय लेना है।