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Noida News: युवाओं को भविष्य में नौकरी लेने वाला नहीं, देने वाला बनना है-कुलपति
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-डीयू कुलपति ने उधमोध्या फाउंडेशन के दूसरे एफडीपी कार्यक्रम का उद्घाटन किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। युवाओं को भविष्य में नौकरी लेने वाला नहीं, बल्कि देने वाला बनना है। उन्हें ऐसा बनाने के लिए शिक्षकों में नवीन मूल्यांकन प्रथाओं को विकसित करना जरूरी है। डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने यह बातें उधोमध्या फाउंडेशन के एफडीपी (फैकल्टी डेवलेपमेंट प्रोग्राम) का उद्घाटन करते हुए कहीं। कुलपति ने कहा कि युवाओं को महत्वाकांक्षी लीडर बनने के लिए फोर सी यानि करेज (साहस), कम्यूनिकेशन (संचार), कंपेशन (करूणा), कमिटमेंट (प्रतिबद्धता) की प्रासंगिकता और इनके महत्व को समझना होगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय के उधमोध्या फाउंडेशन के दूसरे एफडीपी कार्यक्रम को हंसराज कॉलेज के टीचर ट्रेनिंग सेंटर के सहयोग से विवि के महर्षि कनाद भवन में आयोजित किया गया। इस मौके पर उधमोध्या फाउंडेशन के संयुक्त सीईओ अभिषेक टंडन ने उधमोध्या फाउंडेशन के तत्वाधान में इनक्यूबेटेड स्टार्टअप्स के विषय में विस्तृत जानकारी दी। हंसराज कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. रमा ने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को कक्षा की जिम्मेदारी से इतर जाना होगा और छात्रों के लिए निर्देशन और सीखने को प्रभावित करने और बढ़ाने के लिए स्कूल के भीतर अनौपचारिक और औपचारिक भूमिका निभानी होगी। इस अवसर पर दक्षिणी परिसर के निदेशक प्रो. श्रीप्रकाश सिंह समेत बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। युवाओं को भविष्य में नौकरी लेने वाला नहीं, बल्कि देने वाला बनना है। उन्हें ऐसा बनाने के लिए शिक्षकों में नवीन मूल्यांकन प्रथाओं को विकसित करना जरूरी है। डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने यह बातें उधोमध्या फाउंडेशन के एफडीपी (फैकल्टी डेवलेपमेंट प्रोग्राम) का उद्घाटन करते हुए कहीं। कुलपति ने कहा कि युवाओं को महत्वाकांक्षी लीडर बनने के लिए फोर सी यानि करेज (साहस), कम्यूनिकेशन (संचार), कंपेशन (करूणा), कमिटमेंट (प्रतिबद्धता) की प्रासंगिकता और इनके महत्व को समझना होगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय के उधमोध्या फाउंडेशन के दूसरे एफडीपी कार्यक्रम को हंसराज कॉलेज के टीचर ट्रेनिंग सेंटर के सहयोग से विवि के महर्षि कनाद भवन में आयोजित किया गया। इस मौके पर उधमोध्या फाउंडेशन के संयुक्त सीईओ अभिषेक टंडन ने उधमोध्या फाउंडेशन के तत्वाधान में इनक्यूबेटेड स्टार्टअप्स के विषय में विस्तृत जानकारी दी। हंसराज कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. रमा ने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को कक्षा की जिम्मेदारी से इतर जाना होगा और छात्रों के लिए निर्देशन और सीखने को प्रभावित करने और बढ़ाने के लिए स्कूल के भीतर अनौपचारिक और औपचारिक भूमिका निभानी होगी। इस अवसर पर दक्षिणी परिसर के निदेशक प्रो. श्रीप्रकाश सिंह समेत बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
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