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Noida News: आईआईटी मद्रास को पूर्व छात्रों और काॅर्पोरेट भागीदारों से 513 करोड़ मिले
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I-संस्थान के इतिहास में वर्ष 2023-24 में सर्वाधिक पैसे जुटाने का रिकार्ड I
I-135 फीसदी की बढ़ोतरी हुई फंड के मामले में पिछले साल के मुकाबले I
I-छात्रवृति, बीटेक में स्पोटर्स कोटे के इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जाएगा व्ययI
I- रिसर्च, इनोवेशन व सामाजिक हित के लिए अनुसंधान पर हो सकेगा काम I
Iअमर उजाला ब्यूरोI
Iनई दिल्ली। IIआईआईटी मद्रास को पूर्व छात्रों और कॉर्पोरेट भागीदारों से 513 करोड़ रुपये मिले हैं। आईआईटी मद्रास के इतिहास में वर्ष 2023-24 के तहत यह रिकार्ड धनराशि मिली है। यह पिछले साल के मुकाबले 135 फीसदी अधिक है। आईआईटी मद्रास इस धनराशि का प्रयोग अनुसंधान, विकास के अलावा जरूरतमंद होनहार छात्रों की छात्रवृति देने के साथ पहली बार बीटेक पाठ्यक्रम में स्पोर्ट्स कोटे के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा।I
Iआईआईटी मद्रास के निदेशक वी कामकोटि ने बताया कि पूर्व छात्रों, कॉर्पोरेट भागीदारों ने सत्र 2023 में 513 करोड़ रुपये दिए हैं। इस धनराशि का प्रयोग प्रौद्योगिकी अनुसंधान व विकास, बढ़ती बुनियादी जरूरतों और पहले से विकसित प्रौद्योगिकियों का देश के विभिन्न हिस्सों में सामाजिक हित के कार्यों में उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा इस धनराशि से होनहार जरूरतमंद छात्रों भी छात्रवृति भी मिलेगी। वहीं, शैक्षणिक सत्र 2024 से कैंपस में स्पोर्ट्स एक्सीलेंस एडमिशन प्रोग्राम में भी प्रयोग की जाएगी। दरअसल, पहली बार आईआईटी के इतिहास में पहली आईआईटी मद्रास ने स्पोर्ट्स कोटे से बीटेक प्रोग्राम में दाखिले की घोषणा की है। यह पैसा इंफ्रासट्रक्चर बनाने पर भी खर्च होगा। IIप्रोफेसर कामकोटि ने कहा कि शैक्षणिक विकास में आगे बढ़ने के लिए फंडिंग में भी बढ़ोतरी जरूरी है। I
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I48 पूर्व छात्रों ने एक करोड़ रुपये से अधिक पैसे दिए:I
Iआईआईटी मद्रास के इतिहास में जुटाई गई सर्वाधिक 513 करोड़ रुपये की सर्वाधिक धनराशि पिछले वित्त वर्ष 2022 से जुटाई गई 218 करोड़ रुपये से 135 फीसदी अधिक है। संस्थान को एक करोड़ रुपये से अधिक दान देने वाले डोनरों की संख्या 48 है। इसमें से 16 पूर्व छात्र, 32 काॅर्पोरेट भागीदार शामिल हैं। इससे पहले वर्ष 2022 में 231 करोड़ रुपये एकत्रित किए थे। जबकि वर्ष 2021 में 101.2 करोड़ रुपये इकट्ठे हुए थे।I
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Iएआई, उर्जा, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा व प्रौद्योगिकी पर फोकस:I
Iएक करोड़ रुपये देने वाले 48 पूर्व छात्रों व भागीदारों ने यह पैसा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), उर्जा, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा व प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम करने के लिए दिया है।I
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Iपहली बार स्पोर्ट्स कोटा लाने में पूर्व छात्र ने दिया सहयोगI
Iदेश में पहली बार आईआईटी में स्पोर्ट्स कोटा लाने और बीटेक प्रोग्राम से शुरुआत करने के लिए इंडो-एमआईएम लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. कृष्णा चिवुकुला ने पहल की है। इसका मकसद खेल मे मेधावी और बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिग्गज आईआईटी के स्नातक प्रोग्राम में दाखिला देनकर आगे बढ़ाना है। पूर्व छात्र सुनील वाधवानी ने वाधवानी स्कूल ऑफ डेटा साइंस एंड एआई के लिए 110 करोड़ रुपये दिए है।I
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I-135 फीसदी की बढ़ोतरी हुई फंड के मामले में पिछले साल के मुकाबले I
I-छात्रवृति, बीटेक में स्पोटर्स कोटे के इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जाएगा व्ययI
I- रिसर्च, इनोवेशन व सामाजिक हित के लिए अनुसंधान पर हो सकेगा काम I
Iअमर उजाला ब्यूरोI
Iनई दिल्ली। IIआईआईटी मद्रास को पूर्व छात्रों और कॉर्पोरेट भागीदारों से 513 करोड़ रुपये मिले हैं। आईआईटी मद्रास के इतिहास में वर्ष 2023-24 के तहत यह रिकार्ड धनराशि मिली है। यह पिछले साल के मुकाबले 135 फीसदी अधिक है। आईआईटी मद्रास इस धनराशि का प्रयोग अनुसंधान, विकास के अलावा जरूरतमंद होनहार छात्रों की छात्रवृति देने के साथ पहली बार बीटेक पाठ्यक्रम में स्पोर्ट्स कोटे के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा।I
Iआईआईटी मद्रास के निदेशक वी कामकोटि ने बताया कि पूर्व छात्रों, कॉर्पोरेट भागीदारों ने सत्र 2023 में 513 करोड़ रुपये दिए हैं। इस धनराशि का प्रयोग प्रौद्योगिकी अनुसंधान व विकास, बढ़ती बुनियादी जरूरतों और पहले से विकसित प्रौद्योगिकियों का देश के विभिन्न हिस्सों में सामाजिक हित के कार्यों में उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा इस धनराशि से होनहार जरूरतमंद छात्रों भी छात्रवृति भी मिलेगी। वहीं, शैक्षणिक सत्र 2024 से कैंपस में स्पोर्ट्स एक्सीलेंस एडमिशन प्रोग्राम में भी प्रयोग की जाएगी। दरअसल, पहली बार आईआईटी के इतिहास में पहली आईआईटी मद्रास ने स्पोर्ट्स कोटे से बीटेक प्रोग्राम में दाखिले की घोषणा की है। यह पैसा इंफ्रासट्रक्चर बनाने पर भी खर्च होगा। IIप्रोफेसर कामकोटि ने कहा कि शैक्षणिक विकास में आगे बढ़ने के लिए फंडिंग में भी बढ़ोतरी जरूरी है। I
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I48 पूर्व छात्रों ने एक करोड़ रुपये से अधिक पैसे दिए:I
Iआईआईटी मद्रास के इतिहास में जुटाई गई सर्वाधिक 513 करोड़ रुपये की सर्वाधिक धनराशि पिछले वित्त वर्ष 2022 से जुटाई गई 218 करोड़ रुपये से 135 फीसदी अधिक है। संस्थान को एक करोड़ रुपये से अधिक दान देने वाले डोनरों की संख्या 48 है। इसमें से 16 पूर्व छात्र, 32 काॅर्पोरेट भागीदार शामिल हैं। इससे पहले वर्ष 2022 में 231 करोड़ रुपये एकत्रित किए थे। जबकि वर्ष 2021 में 101.2 करोड़ रुपये इकट्ठे हुए थे।I
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Iएआई, उर्जा, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा व प्रौद्योगिकी पर फोकस:I
Iएक करोड़ रुपये देने वाले 48 पूर्व छात्रों व भागीदारों ने यह पैसा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), उर्जा, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा व प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम करने के लिए दिया है।I
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Iपहली बार स्पोर्ट्स कोटा लाने में पूर्व छात्र ने दिया सहयोगI
Iदेश में पहली बार आईआईटी में स्पोर्ट्स कोटा लाने और बीटेक प्रोग्राम से शुरुआत करने के लिए इंडो-एमआईएम लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. कृष्णा चिवुकुला ने पहल की है। इसका मकसद खेल मे मेधावी और बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिग्गज आईआईटी के स्नातक प्रोग्राम में दाखिला देनकर आगे बढ़ाना है। पूर्व छात्र सुनील वाधवानी ने वाधवानी स्कूल ऑफ डेटा साइंस एंड एआई के लिए 110 करोड़ रुपये दिए है।I