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Noida News: दो दिन में शिक्षक को नहीं हटाया तो बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे अभिभावक
Wed, 15 Oct 2025 12:10 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Wed, 15 Oct 2025 12:10 AM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत ब्लॉक क्षेत्र के जीआईसी जैना में शिक्षक और महिला बीएड प्रशिक्षु के बीच कथित संबंधों का मामले ने तूल पकड़ लिया है। विद्यालय की सीसीटीवी फुटेज और शिक्षक की व्हाट्सएप चैट की जांच में दोनों के बीच अश्लील संदेशों और अनुचित हरकतों की पुष्टि हुई है।
मंगलवार को जैसे ही आरोपी शिक्षक विद्यालय पहुंचे तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। अभिभावकों ने शिक्षक को साफ तौर पर चेतावनी दी कि अगर वो विद्यालय आया तो वे अपने बच्चो को पढ़ने नहीं भेजेंगे। इसके बाद अभिभावक संघ, स्कूल प्रबंधन समिति और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि दो दिन के भीतर आरोपी शिक्षक का स्थानांतरण नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। महिला बीएड प्रशिक्षु को भी विद्यालय से हटाने की मांग उठी।
इससे पहले सोमवार को शिक्षक की पत्नी हल्द्वानी से अपने पिता के साथ विद्यालय पहुंची और अपने पति व बीएड प्रशिक्षु पर अवैध संबंधों का आरोप लगाते हुए उनके साथ मारपीट की। महिला ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं, लेकिन उनके पति का चरित्र ठीक नहीं है। इस घटना की जानकारी प्रधानाचार्य कुलवंत सिंह बल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को दी।
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अभिभावक समिति की मांग पर सीसीटीवी फुटेज और व्हाट्सएप चैट की जांच के आधार पर आरोप सही पाए गए। इसके बाद अभिभावक संघ, प्रबंधन समिति और पंचायत प्रतिनिधियों ने शिक्षक को चेतावनी दी कि यदि वह विद्यालय में प्रवेश करते हैं तो जनांदोलन किया जाएगा। मंगलवार को हुई बैठक में अभिभावक संघ अध्यक्ष कमलेश बुधानी, एसएमसी की लक्ष्मी देवी, ग्राम प्रधान जैना बीना बुधानी, ग्राम प्रधान स्यौं पान सिंह, मनारी के दिनेश आर्या, पूरन चंद्र धारीवाल, रतन सिंह, गायत्री आर्या, मंजू देवी, नारायण सिंह, हरीश राम, धारा बल्लभ, विनोद नेगी आदि मौजूद रहे।
बच्चों की सुरक्षा और सख्त कदम की जरूरत
शिक्षा के मंदिर में इस तरह के कृत्य बच्चों के मानसिक और शैक्षणिक विकास के लिए हानिकारक हैं। अगर मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रीय स्तर पर आंदोलन और स्कूल बंद की संभावना है। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। शिक्षक और अन्य स्टाफ की कड़ी निगरानी आवश्यक है ताकि बच्चों को किसी भी अनुचित व्यवहार से सुरक्षित रखा जा सके। अभिभावक एवं पंचायत मिलकर शिक्षा संस्थानों में उचित सुरक्षा मानक सुनिश्चित करें।
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मंगलवार को जैसे ही आरोपी शिक्षक विद्यालय पहुंचे तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। अभिभावकों ने शिक्षक को साफ तौर पर चेतावनी दी कि अगर वो विद्यालय आया तो वे अपने बच्चो को पढ़ने नहीं भेजेंगे। इसके बाद अभिभावक संघ, स्कूल प्रबंधन समिति और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि दो दिन के भीतर आरोपी शिक्षक का स्थानांतरण नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। महिला बीएड प्रशिक्षु को भी विद्यालय से हटाने की मांग उठी।
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इससे पहले सोमवार को शिक्षक की पत्नी हल्द्वानी से अपने पिता के साथ विद्यालय पहुंची और अपने पति व बीएड प्रशिक्षु पर अवैध संबंधों का आरोप लगाते हुए उनके साथ मारपीट की। महिला ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं, लेकिन उनके पति का चरित्र ठीक नहीं है। इस घटना की जानकारी प्रधानाचार्य कुलवंत सिंह बल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को दी।
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अभिभावक समिति की मांग पर सीसीटीवी फुटेज और व्हाट्सएप चैट की जांच के आधार पर आरोप सही पाए गए। इसके बाद अभिभावक संघ, प्रबंधन समिति और पंचायत प्रतिनिधियों ने शिक्षक को चेतावनी दी कि यदि वह विद्यालय में प्रवेश करते हैं तो जनांदोलन किया जाएगा। मंगलवार को हुई बैठक में अभिभावक संघ अध्यक्ष कमलेश बुधानी, एसएमसी की लक्ष्मी देवी, ग्राम प्रधान जैना बीना बुधानी, ग्राम प्रधान स्यौं पान सिंह, मनारी के दिनेश आर्या, पूरन चंद्र धारीवाल, रतन सिंह, गायत्री आर्या, मंजू देवी, नारायण सिंह, हरीश राम, धारा बल्लभ, विनोद नेगी आदि मौजूद रहे।
बच्चों की सुरक्षा और सख्त कदम की जरूरत
शिक्षा के मंदिर में इस तरह के कृत्य बच्चों के मानसिक और शैक्षणिक विकास के लिए हानिकारक हैं। अगर मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रीय स्तर पर आंदोलन और स्कूल बंद की संभावना है। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। शिक्षक और अन्य स्टाफ की कड़ी निगरानी आवश्यक है ताकि बच्चों को किसी भी अनुचित व्यवहार से सुरक्षित रखा जा सके। अभिभावक एवं पंचायत मिलकर शिक्षा संस्थानों में उचित सुरक्षा मानक सुनिश्चित करें।