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15 दिन में आदेश का पालन नहीं हुआ तो यूपीसीडा महानिदेशक को होगी 3 वर्ष की जेल

Tue, 29 Mar 2022 01:30 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2022 01:30 AM IST
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If the order is not followed in 15 days, the Director General of UPcida will be jailed for 3 years
ग्रेटर नोएडा। जिला उपभोक्ता आयोग ने उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के महानिदेशक को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। महानिदेशक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। हालांकि उपभोक्ता आयोग ने यूपीसीडा के महानिदेशक को 15 दिन का समय दिया है। इस अवधि में आदेश का पालन नहीं करने पर महानिदेशक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा। फिलहाल राजेश कुमार यूपीसीडा के महानिदेशक हैं।
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आयोग के मुताबिक आदेश 23 मार्च से 15 दिन बाद लागू होगा। इस बीच यूपीसीडा आवंटी को भूखंड आवंटित करने पर सजा का आदेश लागू नहीं होगा। यूपीसीडा को आदेश का पालन कर इसकी सूचना आयोग और संबंधित थाना पुलिस को देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर आयोग की तरफ से संबंधित थाना पुलिस को गिरफ्तारी का वारंट जारी किया जाएगा।
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यह है मामला
दिल्ली के पीतमपुरा निवासी सुंदरपाल ने वर्ष 1997 में यूपीसीडी (तब यूपीएसआईडीसी) के सेक्टर साइट-5 में 450 वर्गमीटर का औद्योगिक भूखंड खरीदा था। सुंदरपाल ने आयोग को बताया कि पूरा भुगतान करने के बाद उसी साल भूखंड पर कब्जा ले लिया था, लेकिन बीमारी के कारण निर्माण नहीं करा सके। स्वस्थ होने के बाद सुंदरपाल ने यूपीसीडी में आवेदन कर समय विस्तार मांगा था। जिसका यूपीसीडा ने जवाब नहीं दिया। मार्च, 2002 में यूपीसीडा ने आवंटन निरस्त कर दिया और सुनवाई का मौका भी नहीं दिया। सुंदरपाल ने जिला उपभोक्ता आयोग से भूखंड दिलवाने की अपील की। दोनों पक्ष की सुनवाई के बाद उपभोक्ता आयोग ने 3 जनवरी 2008 को आदेश जारी कर यूपीसीडा को दो माह के अंदर आवंटी के भूखंड को फिर से आवंटित कर कब्जा देने को कहा। आदेश में कहा गया था कि अगर मूल भूखंड किसी और को आवंटित कर दिया गया है तो वैकल्पिक भूखंड पूर्व शर्तों पर देना होगा। इसके अलावा कब्जा देने तक जमा धनराशि का ब्याज भी देना होगा।
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राज्य से राष्ट्रीय आयोग तक नहीं मिली राहत
यूपीसीडा ने जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश को राज्य उपभोक्ता आयोग में चुनौती दी। जून, 2008 में राज्य उपभोक्ता आयोग ने यूपीसीडा की अपील खारिज कर दी, जिसके बाद यूपीसीडा राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग पहुंचा। अप्रैल, 2009 में राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने भी अपील खारिज कर दी। सितंबर, 2009 में ही आवंटी सुंदरपाल ने जिला उपभोक्ता फोरम में आदेश का पालन कराने की अपील की।

पहले भी जारी हो चुका है जमानती वारंट
जिला उपभोक्ता आयोग ने वर्ष 2008 में आदेश जारी किया था। जिसका अभी तक पालन नहीं किया गया है। पिछले वर्ष अक्तूबर, 2021 में आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर ने यूपीसीडा के महानिदेशक के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था।
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