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Noida News: बिना फायर एनओसी और अधूरी तैयारियों के साथ चल रहा था होटल मून
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- आग लगने से फिजियोथेरेपिस्ट युवती की हुई थी मौत, भाई ने होटल प्रबंधक के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर
- होटल की पहली ग्राहक थी युवती, चौथी मंजिल पर शार्ट सर्किट से लगी थी आग
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-104 स्थित होटल मून में आग लगने से फिजियोथेरेपिस्ट युवती की मौत की जांच में कई खुलासे हुए है। होटल के पास अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं थी। होटल आधी-अधूरी तैयारियों के साथ शुरू कर दिया गया था। मामले में फिजियोथेरेपिस्ट पलक के भाई की शिकायत पर होटल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं हादसे में झुलसे युवक तरुण को रविवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अग्निशमन विभाग व पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक सेक्टर-104 स्थित होटल मून का संचालन बिहार निवासी विमलेश झा करते हैं। उन्होंने शामली निवासी आकाश शर्मा से इसे लीज पर लिया है। होटल में निर्माण कार्य जारी है। इसके बावजूद होटल में कमरों की बुकिंग शुरू कर दी गई। बताया जा रहा है कि हादसे में जिस युवती ने जान गंवाई है, वह होटल की पहली ग्राहक थी। दोनों ने दोपहर 1:30 मिनट के आसपास होटल में एंट्री की थी। करीब तीन घंटे बाद हादसा हुआ। हादसे के समय युवती तरुण के साथ कमरे में थी। आग लगने के बाद दोनों को काफी देर बाद पता चला था। जांच में पता चला है कि होटल में लगे फायर फाइटिंग सिस्टम काम नहीं कर रहे थे। आग होटल की चौथी मंजिल पर एसी से शार्ट सर्किट से लगी थी। पलक और तरुण होटल के छठे मंजिल पर बने कमरे में थे। धुएं की वजह से दोनों बेहोश हो गए थे।
वहीं होटल प्रबंधन का कहना है कि हादसे के बाद युवक और युवती जिस कमरे में रुके थे उस नंबर पर कई बार कॉल की गई। अलार्म भी बजाया गया। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
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घर में पलक थी सबसे बड़ी, अंतिम संस्कार संपन्न
मूल रूप से पटना निवासी पलक सेक्टर-46 में रहती थी। भाई प्रांशु वर्णवाल ने बताया कि पलक घर में सबसे बड़ी थी वह बहुत होनहार थी। हादसे के बाद घर में मातम पसर गया। वहीं पलक का रविवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सभी होटलों की जांच करेगा अग्निशमन विभाग
होटल मून में हादसे के बाद अग्निशमन विभाग शहर के सभी होटलों में जांच करेगा। मौके पर आग बुझाने के इंतजामों की जांच की जाएगी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने कहा कि सोमवार से होटलों में चेकिंग अभियान शुरू होगा। मौके पर होटलों की एनओसी के साथ अग्निशमन उपकरणों की जांच की जाएगी। कमी पाए जाने पर नोटिस देकर समय सीमा के भीतर इंतजाम दुरुस्त कराने के लिए कहा जाएगा। शुरुआती जांच में अभी आठ होटलों में एनओसी और आग बुझाने के उपकरणों की कमी के बारे में पता चला है।
होटल प्रबंधन पर देर से सूचना देने का आरोप
पलक के भाई प्रांशु की ओर से दी गई तहरीर में होटल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि होटल प्रबंधन ने पुलिस और अग्निशमन विभाग को आग लगने की सूचना देर से दी। आरोप है कि समय पर सूचना मिलने पर युवक को बचाया जा सकता था। पुलिस की टीम होटल प्रबंधक व अन्य लोगों की तलाश कर रही है लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। एसीपी प्रवीण सिंह ने बताया कि मुकदमा पंजीकृत कर जांच जारी है।
यह था घटनाक्रम
सेक्टर-104 में होटल मून में शनिवार शाम को आग लगने और कुछ लोगों के अंदर फंसे होने की सूचना मिली थी। अग्निशमन विभाग की टीम दस दमकल वाहनों के साथ मौके पर पहुंची। मौके पर युवक और युवती कमरे में फंसे होने की जानकारी मिली। एक टीम दोनों को सकुशल बाहर निकालने में जुट गई। जबकि दूसरी टीम फायर ब्रिगेड की गाड़ी की मदद से आग पर काबू पाती रही। उधर धुएं की वजह से कमरे में फंसे युवक और युवती को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। धुंआ शरीर के अंदर जाने से दोनों का दम फूलने लगा था। दोनों को रेस्क्यू करने के बाद नजदीक के अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान पलक ने दम तोड़ दिया।
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- होटल की पहली ग्राहक थी युवती, चौथी मंजिल पर शार्ट सर्किट से लगी थी आग
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-104 स्थित होटल मून में आग लगने से फिजियोथेरेपिस्ट युवती की मौत की जांच में कई खुलासे हुए है। होटल के पास अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं थी। होटल आधी-अधूरी तैयारियों के साथ शुरू कर दिया गया था। मामले में फिजियोथेरेपिस्ट पलक के भाई की शिकायत पर होटल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं हादसे में झुलसे युवक तरुण को रविवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अग्निशमन विभाग व पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक सेक्टर-104 स्थित होटल मून का संचालन बिहार निवासी विमलेश झा करते हैं। उन्होंने शामली निवासी आकाश शर्मा से इसे लीज पर लिया है। होटल में निर्माण कार्य जारी है। इसके बावजूद होटल में कमरों की बुकिंग शुरू कर दी गई। बताया जा रहा है कि हादसे में जिस युवती ने जान गंवाई है, वह होटल की पहली ग्राहक थी। दोनों ने दोपहर 1:30 मिनट के आसपास होटल में एंट्री की थी। करीब तीन घंटे बाद हादसा हुआ। हादसे के समय युवती तरुण के साथ कमरे में थी। आग लगने के बाद दोनों को काफी देर बाद पता चला था। जांच में पता चला है कि होटल में लगे फायर फाइटिंग सिस्टम काम नहीं कर रहे थे। आग होटल की चौथी मंजिल पर एसी से शार्ट सर्किट से लगी थी। पलक और तरुण होटल के छठे मंजिल पर बने कमरे में थे। धुएं की वजह से दोनों बेहोश हो गए थे।
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वहीं होटल प्रबंधन का कहना है कि हादसे के बाद युवक और युवती जिस कमरे में रुके थे उस नंबर पर कई बार कॉल की गई। अलार्म भी बजाया गया। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
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घर में पलक थी सबसे बड़ी, अंतिम संस्कार संपन्न
मूल रूप से पटना निवासी पलक सेक्टर-46 में रहती थी। भाई प्रांशु वर्णवाल ने बताया कि पलक घर में सबसे बड़ी थी वह बहुत होनहार थी। हादसे के बाद घर में मातम पसर गया। वहीं पलक का रविवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सभी होटलों की जांच करेगा अग्निशमन विभाग
होटल मून में हादसे के बाद अग्निशमन विभाग शहर के सभी होटलों में जांच करेगा। मौके पर आग बुझाने के इंतजामों की जांच की जाएगी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने कहा कि सोमवार से होटलों में चेकिंग अभियान शुरू होगा। मौके पर होटलों की एनओसी के साथ अग्निशमन उपकरणों की जांच की जाएगी। कमी पाए जाने पर नोटिस देकर समय सीमा के भीतर इंतजाम दुरुस्त कराने के लिए कहा जाएगा। शुरुआती जांच में अभी आठ होटलों में एनओसी और आग बुझाने के उपकरणों की कमी के बारे में पता चला है।
होटल प्रबंधन पर देर से सूचना देने का आरोप
पलक के भाई प्रांशु की ओर से दी गई तहरीर में होटल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि होटल प्रबंधन ने पुलिस और अग्निशमन विभाग को आग लगने की सूचना देर से दी। आरोप है कि समय पर सूचना मिलने पर युवक को बचाया जा सकता था। पुलिस की टीम होटल प्रबंधक व अन्य लोगों की तलाश कर रही है लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। एसीपी प्रवीण सिंह ने बताया कि मुकदमा पंजीकृत कर जांच जारी है।
यह था घटनाक्रम
सेक्टर-104 में होटल मून में शनिवार शाम को आग लगने और कुछ लोगों के अंदर फंसे होने की सूचना मिली थी। अग्निशमन विभाग की टीम दस दमकल वाहनों के साथ मौके पर पहुंची। मौके पर युवक और युवती कमरे में फंसे होने की जानकारी मिली। एक टीम दोनों को सकुशल बाहर निकालने में जुट गई। जबकि दूसरी टीम फायर ब्रिगेड की गाड़ी की मदद से आग पर काबू पाती रही। उधर धुएं की वजह से कमरे में फंसे युवक और युवती को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। धुंआ शरीर के अंदर जाने से दोनों का दम फूलने लगा था। दोनों को रेस्क्यू करने के बाद नजदीक के अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान पलक ने दम तोड़ दिया।