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दिल्ली दंगा आरोपी गुलफिशा फातिमा की याचिका पर सुनवाई स्थगित
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगा मामले में अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार गुलफिशा फातिमा की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई 15 जुलाई तक स्थगित कर दी। मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने मामलों की संख्या अधिक होने के कारण याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई अगली तारीख तक स्थगित कर दी।
वहीं दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने अधिवक्ता अमित महाजन एवं अधिवक्ता रजत नायर के जरिये हलफनामा दायर कर फातिमा की याचिका सुनवाई नहीं बताते हुए खारिज करने की मांग की।
दूसरी ओर अपनी याचिका में फातिमा ने उसे दंगों की साजिश के आरोप में यूएपीए के मामले में जेल से रिहा करने की मांग की है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 16 सितंबर 2020 को निचली अदालत में फातिमा एवं अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत ने अगले दिन उस पर संज्ञान ले लिया था।
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दिल्ली पुलिस ने कहा कि याची निचली अदालत के आदेश के अनुसार न्यायिक हिरासत में है। इसलिए उसकी न्यायिक हिरासत पूरी तरह वैध एवं कानूनी है। इसलिए मौजूदा याचिका झूठी, निराधार व बेकार है। ये याचिका कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। यह याचिका बिना किसी आधार के दायर की गई है।
उत्तर पूर्वी दिल्ली इलाके में 24 फरवरी 2020 को सीएए विरोधियों और समर्थकों के बीच दंगे हुए थे। इनमें 53 लोग मारे गए थे और 200 से अधिक घायल हुए थे। - एजेंसी
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वहीं दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने अधिवक्ता अमित महाजन एवं अधिवक्ता रजत नायर के जरिये हलफनामा दायर कर फातिमा की याचिका सुनवाई नहीं बताते हुए खारिज करने की मांग की।
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दूसरी ओर अपनी याचिका में फातिमा ने उसे दंगों की साजिश के आरोप में यूएपीए के मामले में जेल से रिहा करने की मांग की है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 16 सितंबर 2020 को निचली अदालत में फातिमा एवं अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत ने अगले दिन उस पर संज्ञान ले लिया था।
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दिल्ली पुलिस ने कहा कि याची निचली अदालत के आदेश के अनुसार न्यायिक हिरासत में है। इसलिए उसकी न्यायिक हिरासत पूरी तरह वैध एवं कानूनी है। इसलिए मौजूदा याचिका झूठी, निराधार व बेकार है। ये याचिका कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। यह याचिका बिना किसी आधार के दायर की गई है।
उत्तर पूर्वी दिल्ली इलाके में 24 फरवरी 2020 को सीएए विरोधियों और समर्थकों के बीच दंगे हुए थे। इनमें 53 लोग मारे गए थे और 200 से अधिक घायल हुए थे। - एजेंसी