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Noida News: तिलपता में नाला निर्माण के दौरान दो मंजिला निर्माण ढ़हा
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नोएडा पुलिस बोली, नाला निर्माण की खोदाई से गिरा मकान
ग्रेनो प्राधिकरण बोला, नाले के ऊपर निर्माण को हमने गिराया
- मकान के चालू बिजली लाइन पर गिरने से बड़ा हादसा होने से टला, आसपास मौजूद थे लोग और बच्चे
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो के तिलपता में पुराने साकीपुर रोड पर दो मंजिला मकान नाला निर्माण के लिए हुई खोदाई के बाद ढ़ह गया। इस मकान के ढ़हने पर नोएडा पुलिस और ग्रेनो प्राधिकरण के अलग-अलग दावे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाला खोदाई के दौरान मिट्टी धंसने की वजह मकान ढ़हा। वहीं, ग्रेनो प्राधिकरण का दावा है कि मकान की नींव नाले की जमीन पर थी। नींव भी कम गहरी थी। ऐसे में मकान को प्राधिकरण ने खुद गिराया है।
बृहस्पतिवार को दोपहर में सूरजपुर थाना क्षेत्र के तिलपता में साकीपुर रोड पर एक मकान ढ़ह गया। वीडियो वायरल होने और सूचना के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंची थी। पुलिस के एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह के मुताबिक पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर घटना के कारणों की जांच की है। तिलपता में नाला बनाने के लिए खोदाई जेसीबी कर रही थी। ओमवीर पुत्र रमेश के मकान के सामने से जेसीबी ने नाले के लिए मिट्टी हटाई थी। मिट्टी हटने की वजह से मकान गिरा।
वहीं, ग्रेनो प्राधिकरण के महाप्रबंधक प्रोजेक्ट एके सिंह का कहना है कि मकान मिट्टी की खोदाई की वजह से खुद से नहीं ढ़हा है। यह दो मंजिला निर्माण नाला बनने से कुछ समय पहले ही हुआ है। इसका बड़ा हिस्सा नाले की जमीन पर था। मकान मालिक को पहले ही नोटिस दिया गया था। इस नोटिस में उसे अपना निर्माण खुद से तोड़ना था। इस नोटिस के बाद मकान तो उसने खाली कर दिया लेकिन इसे तोड़ा नहीं था। नाला निर्माण के दौरान यह जानकारी मिली थी कि मकान की नींव छह फुट के करीब है। ऐसे में मकान के असुरक्षित होने की आशंका थी। इसके आगे से मिट्टी जेसीबी से हटाकर पीछे से इसे धक्का देकर गिराया गया है।
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लापरवाही बन सकती थी जानलेवा : भले ही मकान खुद से ढ़हा हो, या फिर इसे गिराया गया हो। इसमें बड़ी लापरवाही आगे से गुजर रही बिजली की लाइन में आपूर्ति बंद नहीं कराने के तौर पर हुई। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि मकान कुछ ही सेकंड में मलबे में तब्दील हो गया। भवन गिरने के साथ ही वहां से गुजर रही बिजली की लाइन भी टूट गईं। आसपास कुछ लोग और बच्चे मौजूद थे। मकान जब लाइन के ऊपर गिरा तो करंट की चिंगारियां चारों तरफ फैल गईं। ऐसे में बड़ा हादसा हो सकता था।
आरोप: बिना सुरक्षा के बन रहा नाला : स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाले की खुदाई के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। उनका कहना है कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह की खुदाई से पहले सुरक्षा घेरा, बैरिकेडिंग और भवनों की मजबूती का आकलन किया जाना चाहिए।
तीन-चार महीने से मकान का निर्माण चल रहा था। इसी के साथ सड़क व नाला निर्माण का काम चल रहा था। इसमें जेसीबी द्वारा नाला निर्माण करने के लिए दुकान के सामने से मिट्टी हटाई गई थी। उक्त दुकान की नींव नाले पर रखी थी। इस कारण मिट्टी हटाने से यह दो मंजिला निर्माण ढ़ह गया। - स्वतंत्र सिंह, एडिशनल डीसीपी सेंट्रल नोएडा
नाले की जमीन पर निर्माण किया गया था। मकान मालिक को नोटिस भी दिया गया। इसके बाद मकान तो खाली कर दिया गया लेकिन निर्माण नहीं तोड़ा गया। नाला की खोदाई के समय सुरक्षा को देखते हुए प्राधिकरण ने ही पीछे से धक्का देकर मकान गिराया है। बिजली आपूर्ति बंद करानी चाहिए थी। - एके सिंह, महाप्रबंधक प्राेजेक्ट, ग्रेनो प्राधिकरण
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ग्रेनो प्राधिकरण बोला, नाले के ऊपर निर्माण को हमने गिराया
- मकान के चालू बिजली लाइन पर गिरने से बड़ा हादसा होने से टला, आसपास मौजूद थे लोग और बच्चे
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो के तिलपता में पुराने साकीपुर रोड पर दो मंजिला मकान नाला निर्माण के लिए हुई खोदाई के बाद ढ़ह गया। इस मकान के ढ़हने पर नोएडा पुलिस और ग्रेनो प्राधिकरण के अलग-अलग दावे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाला खोदाई के दौरान मिट्टी धंसने की वजह मकान ढ़हा। वहीं, ग्रेनो प्राधिकरण का दावा है कि मकान की नींव नाले की जमीन पर थी। नींव भी कम गहरी थी। ऐसे में मकान को प्राधिकरण ने खुद गिराया है।
बृहस्पतिवार को दोपहर में सूरजपुर थाना क्षेत्र के तिलपता में साकीपुर रोड पर एक मकान ढ़ह गया। वीडियो वायरल होने और सूचना के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंची थी। पुलिस के एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह के मुताबिक पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर घटना के कारणों की जांच की है। तिलपता में नाला बनाने के लिए खोदाई जेसीबी कर रही थी। ओमवीर पुत्र रमेश के मकान के सामने से जेसीबी ने नाले के लिए मिट्टी हटाई थी। मिट्टी हटने की वजह से मकान गिरा।
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वहीं, ग्रेनो प्राधिकरण के महाप्रबंधक प्रोजेक्ट एके सिंह का कहना है कि मकान मिट्टी की खोदाई की वजह से खुद से नहीं ढ़हा है। यह दो मंजिला निर्माण नाला बनने से कुछ समय पहले ही हुआ है। इसका बड़ा हिस्सा नाले की जमीन पर था। मकान मालिक को पहले ही नोटिस दिया गया था। इस नोटिस में उसे अपना निर्माण खुद से तोड़ना था। इस नोटिस के बाद मकान तो उसने खाली कर दिया लेकिन इसे तोड़ा नहीं था। नाला निर्माण के दौरान यह जानकारी मिली थी कि मकान की नींव छह फुट के करीब है। ऐसे में मकान के असुरक्षित होने की आशंका थी। इसके आगे से मिट्टी जेसीबी से हटाकर पीछे से इसे धक्का देकर गिराया गया है।
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लापरवाही बन सकती थी जानलेवा : भले ही मकान खुद से ढ़हा हो, या फिर इसे गिराया गया हो। इसमें बड़ी लापरवाही आगे से गुजर रही बिजली की लाइन में आपूर्ति बंद नहीं कराने के तौर पर हुई। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि मकान कुछ ही सेकंड में मलबे में तब्दील हो गया। भवन गिरने के साथ ही वहां से गुजर रही बिजली की लाइन भी टूट गईं। आसपास कुछ लोग और बच्चे मौजूद थे। मकान जब लाइन के ऊपर गिरा तो करंट की चिंगारियां चारों तरफ फैल गईं। ऐसे में बड़ा हादसा हो सकता था।
आरोप: बिना सुरक्षा के बन रहा नाला : स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाले की खुदाई के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। उनका कहना है कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह की खुदाई से पहले सुरक्षा घेरा, बैरिकेडिंग और भवनों की मजबूती का आकलन किया जाना चाहिए।
तीन-चार महीने से मकान का निर्माण चल रहा था। इसी के साथ सड़क व नाला निर्माण का काम चल रहा था। इसमें जेसीबी द्वारा नाला निर्माण करने के लिए दुकान के सामने से मिट्टी हटाई गई थी। उक्त दुकान की नींव नाले पर रखी थी। इस कारण मिट्टी हटाने से यह दो मंजिला निर्माण ढ़ह गया। - स्वतंत्र सिंह, एडिशनल डीसीपी सेंट्रल नोएडा
नाले की जमीन पर निर्माण किया गया था। मकान मालिक को नोटिस भी दिया गया। इसके बाद मकान तो खाली कर दिया गया लेकिन निर्माण नहीं तोड़ा गया। नाला की खोदाई के समय सुरक्षा को देखते हुए प्राधिकरण ने ही पीछे से धक्का देकर मकान गिराया है। बिजली आपूर्ति बंद करानी चाहिए थी। - एके सिंह, महाप्रबंधक प्राेजेक्ट, ग्रेनो प्राधिकरण