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Noida News: हांसी सब डिपो को मिलीं तीन अतिरिक्त रोडवेज बसें, 8 और बसों की जरूरत बरकरार
Thu, 02 Oct 2025 02:00 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Thu, 02 Oct 2025 02:00 AM IST
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हांसी। हांसी सब डिपो को तीन अतिरिक्त रोडवेज बसें मिली हैं, जिससे डिपो में अब कुल बसों की संख्या 65 हो गई है। ये बसें चरखी दादरी डिपो से प्राप्त हुई हैं, जो एनसीआर क्षेत्र में होने के कारण 10 वर्ष से अधिक पुरानी बसें वहां नहीं चलाई जा सकतीं। लिहाजा इन्हें हिसार डिपो भेजा गया था, जहां से हांसी सब डिपो को तीन बसें मिलीं।
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, इन बसों की तकनीकी जांच के लिए पहले चालकों को भेजा गया था। जांच के बाद सही स्थिति में पाई गई बसों को ही डिपो में शामिल किया गया है। पुरानी होने के बावजूद ये बसें फिलहाल स्थानीय (लोकल) रूटों पर संचालित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों को राहत मिलने लगी है। 10 सितंबर को प्रकाशित समाचार रिपोर्ट में रोडवेज बसों की खस्ताहाल स्थिति उजागर की गई थी। इसके बाद 11 सितंबर को हिसार डिपो के महाप्रबंधक राहुल मित्तल ने संज्ञान लेते हुए जिले की 34 पुरानी बसों को जर्जर घोषित कर दिया था। इनमें से 15 बसें हांसी सब डिपो की थीं, जो करीब 13 वर्ष पुरानी थीं। 78 बसों के बेड़े में से 15 बसें हटाए जाने के बाद डिपो के पास सिर्फ 58 बसें बची थीं, जिससे कई रूटों पर बस सेवा बाधित हो गई थी।
अब तक 7 बसें मिल चुकीं
12 दिन पहले डिपो को चार नई बसें मिली थीं। अब तीन और बसें मिलने से कुल 7 नई बसें प्राप्त हो चुकी हैं। हालांकि, डिपो में सुचारु संचालन के लिए कम से कम 8 और बसों की जरूरत अभी भी बनी हुई है। नई बसों के मिलने से चंडीगढ़, पानीपत जैसे रूटों पर पहले बंद हुई सेवाएं आंशिक रूप से बहाल कर दी गई हैं। लोकल रूटों पर भी अब बसों की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे यात्रियों को राहत मिल रही है।
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तीन रोडवेज बसें और आ गई हैं। जिन्हें अभी लोकल रूटों पर चलाया जा रहा है। - प्रेम सागर, डीआई, सब डिपो, हांसी
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, इन बसों की तकनीकी जांच के लिए पहले चालकों को भेजा गया था। जांच के बाद सही स्थिति में पाई गई बसों को ही डिपो में शामिल किया गया है। पुरानी होने के बावजूद ये बसें फिलहाल स्थानीय (लोकल) रूटों पर संचालित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों को राहत मिलने लगी है। 10 सितंबर को प्रकाशित समाचार रिपोर्ट में रोडवेज बसों की खस्ताहाल स्थिति उजागर की गई थी। इसके बाद 11 सितंबर को हिसार डिपो के महाप्रबंधक राहुल मित्तल ने संज्ञान लेते हुए जिले की 34 पुरानी बसों को जर्जर घोषित कर दिया था। इनमें से 15 बसें हांसी सब डिपो की थीं, जो करीब 13 वर्ष पुरानी थीं। 78 बसों के बेड़े में से 15 बसें हटाए जाने के बाद डिपो के पास सिर्फ 58 बसें बची थीं, जिससे कई रूटों पर बस सेवा बाधित हो गई थी।
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अब तक 7 बसें मिल चुकीं
12 दिन पहले डिपो को चार नई बसें मिली थीं। अब तीन और बसें मिलने से कुल 7 नई बसें प्राप्त हो चुकी हैं। हालांकि, डिपो में सुचारु संचालन के लिए कम से कम 8 और बसों की जरूरत अभी भी बनी हुई है। नई बसों के मिलने से चंडीगढ़, पानीपत जैसे रूटों पर पहले बंद हुई सेवाएं आंशिक रूप से बहाल कर दी गई हैं। लोकल रूटों पर भी अब बसों की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे यात्रियों को राहत मिल रही है।
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तीन रोडवेज बसें और आ गई हैं। जिन्हें अभी लोकल रूटों पर चलाया जा रहा है। - प्रेम सागर, डीआई, सब डिपो, हांसी