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पोलैंड बॉर्डर पर सीमा पार करने के लिए दो रात भूखे प्यासे करना पड़ा इंतजार

Sun, 06 Mar 2022 01:38 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 06 Mar 2022 01:38 AM IST
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Had to wait two nights hungry and thirsty to cross the border on Poland border
ग्रेटर नोएडा/दादरी। यूक्रेन में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा दुजाना गांव निवासी मोहित नागर शनिवार को गांव लौट आया। मोहित ने यूक्रेन से घरवापसी में हुई परेशानी की जानकारी सबको दी। उन्होंने बताया कि रूस के हमले के बाद पलायन कर रहे लोगों को देखकर मोहित अपने साथियों संग करीब 40 किमी पैदल चलकर पोलैंड पहुंचा। बॉर्डर पर कड़ाके की सर्दी में भूूखे-प्यासे सीमा पार करने के लिए दो रात इंतजार करना पड़ा। वहां लाठी चार्ज होने के बाद कई छात्र हॉस्टल लौट गए। वहीं रास्ते में थकान से परेशान होकर कई छात्रों ने अपने बैग व अन्य सामान फेंक दिए थे। हालांकि अब मोहित के घर लौटने परिजनों ने राहत की सांस ली है।
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शनिवार को मोहित को लेने भाई सोनू, शिक्षक भूपेंद्र नागर दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे थे। मोहित ने बताया कि 25 फरवरी को यूक्रेन के लीव शहर स्थित छात्रावास से वह अन्य छात्रों के साथ पैदल ही रवाना हुआ था। यूक्रेन के निवासियों ने उनकी रास्ते में कॉफी आदि देकर मदद की। 40 किमी पैदल चलकर देर शाम वह वह पोलैंड बार्डर पर पहुंच गए। यहां पहुंचकर उन्हें लगा कि अब वह सुरक्षित घर पहुंच जाएंगे। लेकिन यहां पोलैंड की सेना ने भारतीयों को सीमा पार करने से रोक दिया। यहां लगभग 500 छात्र दो रात तक कड़ाके की सर्दी में भूखे प्यासे रुके रहे। इस दौरान ही उन्हें सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुछ लोग जिद कर सीमा पार करने लगे तो सेना ने उन्हें लाठी चार्ज कर भगा दिया।
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इसके बाद सभी ने वहां वापस लौटने का फैसला किया, जहां से वह सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए निकले थे। एक बस की मदद से छात्रावास लौट गए। इसके बाद उन्हें बस से रोमानिया बॉर्डर पर भेजा गया। रोमानिया में वह एक शिविर में रुके और फिर दो दिन उन्हें बॉस्केटबॉल कोर्ट में रोका गया। यहां कुछ सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उनके खाने-पीने आदि का बंदोबस्त किया। यहां उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। इसके बाद वह विमान से वापस भारत लौट आए।
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पूर्वी शहरों में फंसे हैं छात्र, तिरंगा लेकर लगा रहे गुहार
मोहित ने बताया कि उनका छात्रावास यूक्रेन के पश्चिम में है। यूक्रेन के पूर्वी शहरों में हालात अधिक खराब हैं। पूर्वी शहर सूमी में फंसी एक छात्रा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें कई छात्र भारी बर्फबारी के बीच तिरंगा लेकर भारत सरकार से देश वापसी के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं। ये छात्र अपनी जान को खतरा बताकर जल्द से जल्द मदद की मांग कर रहे हैं।
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