{"_id":"691b466f87d91bf7d60d0113","slug":"greno-authority-issues-tender-for-garbage-disposal-in-lakhnawali-for-the-third-time-noida-news-c-23-1-lko1064-80786-2025-11-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: ग्रेनो प्राधिकरण ने लखनावली में कूड़ा निस्तारण को तीसरी बार निकाला टेंडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: ग्रेनो प्राधिकरण ने लखनावली में कूड़ा निस्तारण को तीसरी बार निकाला टेंडर
विज्ञापन
-कंपनी का चयन न हो पाने से तीसरी बार शुरू किया प्रयास
- अधिकारियों ने कहा, अनुभवी कंपनी को ही दिया जाएगा काम
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। लखनावली में जमा तीन लाख टन कूड़े के अलावा नए कचरे के निस्तारण के लिए तीसरी बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने टेंडर निकाला है। पिछले चार महीने में प्राधिकरण दो बार टेंडर निकाल चुका है। अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण की संवेदनशीलता और एनजीटी के आदेशों की गंभीरता को देखते हुए किसी अनुभवी कंपनी को ही यह काम सौंपा जाएगा। कई कंपनियां प्राधिकरण के संपर्क में हैं।
अधिकारियों ने कहा कि पांच साल के लिए कंपनी को काम सौंपा जाएगा। पहले की योजना में तीन साल के अनुबंध के बाद दो साल का विस्तार देना प्रस्तावित था। अब इसे सीधे पांच साल कर दिया है। इस दौरान जमा हो चुके लीगेसी वेस्ट के अलावा रोजाना आने वाले करीब 800 टन कूड़े के लिए प्लांट भी लगाना होगा। इस पूरे काम पर पांच साल में प्राधिकरण करीब 182 करोड़ रुपये खर्च करेगा। अगले तीन महीने में इस कंपनी को तय प्राधिकरण करेगा। इसके साथ कंपनी अपना प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू करेगी।
मौजूदा समय में लखनावली तक आबादी होने से इस साइट को खत्म किया जाना है। एनजीटी भी इसके लिए प्राधिकरण को आदेश पूर्व में दे चुका है। ऐसे में यहां जमा कूड़े को पूरी तरह खत्म कर जमीन को खाली करना है। वहीं अभी भी नई तय साइट अस्तौली पर कूड़ा पहुंचना शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में प्राधिकरण को कुछ समय के लिए लखनावली साइट को ही चालू रखना होगा। ऐसे में नए कूड़े का निस्तारण भी यहां जरूरी है जिससे कूड़े का नया पहाड़ यहां न बन जाए।
विज्ञापन
छह महीने में हटाना होगा लीगेसी वेस्ट : अधिकारियों के मुताबिक लखनावली साइट पर करीब तीन लाख टन पुराना कूड़ा-लीगेसी वेस्ट जमा है। जो भी कंपनी इस काम को संभालेगी। उसे छह महीने में इस कूड़े को खत्म करना है। हर महीने करीब 50 हजार टन कूड़ा निस्तारित करना होगा। ऐसे में करीब 16.7 प्रतिशत जमीन न्यूनतम हर महीने खाली करनी होगी। ऐसा नहीं होने पर रोजाना 5000 रुपये का जुर्माना कंपनी के ऊपर प्राधिकरण लगाएगा। जो नया कूड़ा आएगा, उसे दूसरी जगह तय कर वहां डंप किया जाएगा। यहां नया प्लांट लगाकर उसका निस्तारण नियमित रूप से होना है।
विज्ञापन
- अधिकारियों ने कहा, अनुभवी कंपनी को ही दिया जाएगा काम
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। लखनावली में जमा तीन लाख टन कूड़े के अलावा नए कचरे के निस्तारण के लिए तीसरी बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने टेंडर निकाला है। पिछले चार महीने में प्राधिकरण दो बार टेंडर निकाल चुका है। अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण की संवेदनशीलता और एनजीटी के आदेशों की गंभीरता को देखते हुए किसी अनुभवी कंपनी को ही यह काम सौंपा जाएगा। कई कंपनियां प्राधिकरण के संपर्क में हैं।
अधिकारियों ने कहा कि पांच साल के लिए कंपनी को काम सौंपा जाएगा। पहले की योजना में तीन साल के अनुबंध के बाद दो साल का विस्तार देना प्रस्तावित था। अब इसे सीधे पांच साल कर दिया है। इस दौरान जमा हो चुके लीगेसी वेस्ट के अलावा रोजाना आने वाले करीब 800 टन कूड़े के लिए प्लांट भी लगाना होगा। इस पूरे काम पर पांच साल में प्राधिकरण करीब 182 करोड़ रुपये खर्च करेगा। अगले तीन महीने में इस कंपनी को तय प्राधिकरण करेगा। इसके साथ कंपनी अपना प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू करेगी।
विज्ञापन
मौजूदा समय में लखनावली तक आबादी होने से इस साइट को खत्म किया जाना है। एनजीटी भी इसके लिए प्राधिकरण को आदेश पूर्व में दे चुका है। ऐसे में यहां जमा कूड़े को पूरी तरह खत्म कर जमीन को खाली करना है। वहीं अभी भी नई तय साइट अस्तौली पर कूड़ा पहुंचना शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में प्राधिकरण को कुछ समय के लिए लखनावली साइट को ही चालू रखना होगा। ऐसे में नए कूड़े का निस्तारण भी यहां जरूरी है जिससे कूड़े का नया पहाड़ यहां न बन जाए।
विज्ञापन
छह महीने में हटाना होगा लीगेसी वेस्ट : अधिकारियों के मुताबिक लखनावली साइट पर करीब तीन लाख टन पुराना कूड़ा-लीगेसी वेस्ट जमा है। जो भी कंपनी इस काम को संभालेगी। उसे छह महीने में इस कूड़े को खत्म करना है। हर महीने करीब 50 हजार टन कूड़ा निस्तारित करना होगा। ऐसे में करीब 16.7 प्रतिशत जमीन न्यूनतम हर महीने खाली करनी होगी। ऐसा नहीं होने पर रोजाना 5000 रुपये का जुर्माना कंपनी के ऊपर प्राधिकरण लगाएगा। जो नया कूड़ा आएगा, उसे दूसरी जगह तय कर वहां डंप किया जाएगा। यहां नया प्लांट लगाकर उसका निस्तारण नियमित रूप से होना है।