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4400 करोड़ रुपये से स्मार्ट बनेगा ग्रेनो क्षेत्र
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ग्रेटर नोएडा। प्राधिकरण की 122वीं बोर्ड बैठक में शनिवार को वित्त वर्ष 2021-22 का 4398.90 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ। इसमें शहरी के साथ ग्रामीण क्षेत्र को स्मार्ट बनाने के लिए विकास कार्य तो होंगे ही कोरोना के मद्देनजर स्वास्थ्य सेवाओं का भी ख्याल रखा गया। सड़क, मेट्रो और एयरपोर्ट का विकास कर ट्रांसपोर्ट सुविधाएं बढ़ाकर जनता को लाभ पहुंचाया जाएगा।
बजट से प्राधिकरण क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के साथ क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के नए अवसर दिलाए जाएंगे। बजट का सबसे बड़ा हिस्सा भूमि अधिग्रहण और जेवर में बन रहे नोएडा एयरपोर्ट परियोजना में खर्च होगा। क्षेत्र में नए औद्योगिक सेक्टरों में अधिग्रहण होगा और नए उद्योग लगने से निवेश व रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। 900 करोड़ रुपये से सड़क, बिजली, पानी के अलावा विकास की नई योजनाओं पर काम होगा। एयरपोर्ट को केवल जिले ही नहीं पूरे उत्तर भारत के लिए विकास की परियोजना माना जा रहा है। एयरपोर्ट के निर्माण के बाद जिला पूरे उत्तर भारत का केंद्र बन जाएगा। यही कारण है कि बोर्ड बैठक में 2200 करोड़ रुपये एयरपोर्ट परियोजना व भूमि अधिग्रहण पर खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया जिस पर मुहर भी लग गई। इसके अलावा शहरी और स्वास्थ्य सेवाओं पर 460 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मेट्रो पर भी 75 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे क्षेत्र में मेट्रो सुविधा बढ़ेगी और यात्रियों को लाभ होगा।
210 करोड़ से सेक्टरों का मुकाबला करेंगे 14 गांव
गांवों को स्मार्ट बनाने के लिए 210 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वर्तमान में 67.59 के निर्माण व विकास कार्य चल रहे हैं। 15.11 करोड़ के कार्य निविदा प्रक्रिया में हैं और 62.45 करोड़ के कार्य का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। प्राधिकरण पहले चरण में 14 गांव को स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करेगा। इनमें मायचा, छपरौला, सादुल्लापुर, तिलपता-करनवास, घरबरा, चीरसी, लडपुरा, अमीनाबाद उर्फ नियाना, सिरसा, घंघोला, अस्तौली, जलपुरा, चिपियाना खुर्द तिगड़ी, युसुफपुर चकशाहबेरी शामिल हैं। इन गांवों के विकास की डीपीआर तैयार करने के लिए सलाहकार कंपनी का भी चयन कर लिया गया है। कंपनी कुछ गांव की डीपीआर बनाकर प्राधिकरण को सौंप चुकी है। इनमें मायचा, जलपुरा, घरबरा व अमीनाबाद, नियाना आदि गांव शामिल है। अन्य गांवों की भी डीपीआर जल्द तैयार की जाएगी। इन गांवों में ढांचागत सुविधाएं इसमें सड़क, ड्रेनेज, सीवरेज, जलापूर्ति व विद्युतीकरण का विकास आदि शामिल है। सामुदायिक केंद्र, पंचायत घर, प्राथमिक विद्यालय का विकास भी किया जाएगा। ये गांव सेक्टरों का मुकाबला करते नजर आएंगे।
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नई योजनाओं से होगी 573 करोड़ की आय
प्राधिकरण अधिकारियों ने बोर्ड बैठक के बाद जानकारी दी कि विभिन्न संपत्तियों की नई योजनाओं से वर्ष 2021-22 में लगभग 573.00 करोड़ की आय की संभावनाएं हैं। इस आय से ग्रेनो प्राधिकरण क्षेत्र में विकास योजनाओं को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश शासन और ग्रेनो प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव मित्तल, प्रमुख सचिव, औद्योगिक विकास विभाग अरविंद कुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण नरेंद्र भूषण, मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा विकास प्राधिकरण रितू माहेश्वरी, मुख्य कार्यपालक अधिकारी यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण डॉ. अरुणवीर सिंह, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, दीपचंद्र आदि मौजूद रहे।
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बजट से प्राधिकरण क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के साथ क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के नए अवसर दिलाए जाएंगे। बजट का सबसे बड़ा हिस्सा भूमि अधिग्रहण और जेवर में बन रहे नोएडा एयरपोर्ट परियोजना में खर्च होगा। क्षेत्र में नए औद्योगिक सेक्टरों में अधिग्रहण होगा और नए उद्योग लगने से निवेश व रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। 900 करोड़ रुपये से सड़क, बिजली, पानी के अलावा विकास की नई योजनाओं पर काम होगा। एयरपोर्ट को केवल जिले ही नहीं पूरे उत्तर भारत के लिए विकास की परियोजना माना जा रहा है। एयरपोर्ट के निर्माण के बाद जिला पूरे उत्तर भारत का केंद्र बन जाएगा। यही कारण है कि बोर्ड बैठक में 2200 करोड़ रुपये एयरपोर्ट परियोजना व भूमि अधिग्रहण पर खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया जिस पर मुहर भी लग गई। इसके अलावा शहरी और स्वास्थ्य सेवाओं पर 460 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मेट्रो पर भी 75 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे क्षेत्र में मेट्रो सुविधा बढ़ेगी और यात्रियों को लाभ होगा।
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210 करोड़ से सेक्टरों का मुकाबला करेंगे 14 गांव
गांवों को स्मार्ट बनाने के लिए 210 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वर्तमान में 67.59 के निर्माण व विकास कार्य चल रहे हैं। 15.11 करोड़ के कार्य निविदा प्रक्रिया में हैं और 62.45 करोड़ के कार्य का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। प्राधिकरण पहले चरण में 14 गांव को स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करेगा। इनमें मायचा, छपरौला, सादुल्लापुर, तिलपता-करनवास, घरबरा, चीरसी, लडपुरा, अमीनाबाद उर्फ नियाना, सिरसा, घंघोला, अस्तौली, जलपुरा, चिपियाना खुर्द तिगड़ी, युसुफपुर चकशाहबेरी शामिल हैं। इन गांवों के विकास की डीपीआर तैयार करने के लिए सलाहकार कंपनी का भी चयन कर लिया गया है। कंपनी कुछ गांव की डीपीआर बनाकर प्राधिकरण को सौंप चुकी है। इनमें मायचा, जलपुरा, घरबरा व अमीनाबाद, नियाना आदि गांव शामिल है। अन्य गांवों की भी डीपीआर जल्द तैयार की जाएगी। इन गांवों में ढांचागत सुविधाएं इसमें सड़क, ड्रेनेज, सीवरेज, जलापूर्ति व विद्युतीकरण का विकास आदि शामिल है। सामुदायिक केंद्र, पंचायत घर, प्राथमिक विद्यालय का विकास भी किया जाएगा। ये गांव सेक्टरों का मुकाबला करते नजर आएंगे।
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नई योजनाओं से होगी 573 करोड़ की आय
प्राधिकरण अधिकारियों ने बोर्ड बैठक के बाद जानकारी दी कि विभिन्न संपत्तियों की नई योजनाओं से वर्ष 2021-22 में लगभग 573.00 करोड़ की आय की संभावनाएं हैं। इस आय से ग्रेनो प्राधिकरण क्षेत्र में विकास योजनाओं को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश शासन और ग्रेनो प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव मित्तल, प्रमुख सचिव, औद्योगिक विकास विभाग अरविंद कुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण नरेंद्र भूषण, मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा विकास प्राधिकरण रितू माहेश्वरी, मुख्य कार्यपालक अधिकारी यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण डॉ. अरुणवीर सिंह, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, दीपचंद्र आदि मौजूद रहे।