ग्रेटर नोएडा के गांवों में कोरोना का कहर: अब तक 339 लोगों की हो चुकी है मौत, घर-घर पहुंच रहा संक्रमण
हालात यह हैं कि अब तक 339 ग्रामीणों की मौत की बात सरकारी आंकड़ों में भी मानी जा रही है। शायद ही कोई ऐसा गांव बचा है जहां दो-चार संक्रमित व बुखार से पीड़ितों की मौत न हुई हो।
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ग्रेटर नोएडा में शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना का कहर जारी है। गांवों में बड़ी संख्या में लोग संक्रमण से जान गंवा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग शहरी क्षेत्र को संभालने के चक्कर में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के साथ लापरवाह रवैया अपना रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
हालात यह हैं कि अब तक 339 ग्रामीणों की मौत की बात सरकारी आंकड़ों में भी मानी जा रही है। शायद ही कोई ऐसा गांव बचा है जहां दो-चार संक्रमित व बुखार से पीड़ितों की मौत न हुई हो। ग्रामीण लगातार सैनिटाइजेशन, टीकाकरण व बेहतर जांच के लिए कैंप लगाने की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में स्वास्थ्य विभाग के कामकाज को लेकर नाराजगी सामने आ रही है। चचूला गांव के रहने वाले मास्टर महकार नागर ने स्वास्थ्य विभाग पर ग्रामीणों के साथ भेदभाव करने का भी आरोप लगाया है।
बताया जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्र के बिलासपुर, दनकौर समेत दादरी के दुजाना, बादलपुर, खटाना, बिलासपुर, मंडीश्याम नगर, भट्ठा पारसौल, दनकौर कस्बा, भाईपुर, चचूला, प्यावली, मूजंखेड़ा, जमालपुर, अस्तौली समेत अन्य गांवों में सैकड़ों ऐसे मरीज हैं, जो बुखार से पीड़ित थे।
बेहतर इलाज न मिलने के कारण इनमें से अधिकांश की मौत हो गई। सरकारी आंकड़ों की बात करें तो मंगलवार तक कुल 339 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें ग्रामीण क्षेत्र में संक्रमण व बुखार से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा शामिल नहीं हैं। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य जांच की बेहतर व्यवस्था स्वास्थ्य केंद्रों पर की गई है। वहां रोज जांच हो रही हैं। ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर लगातार ध्यान रखा जा रहा है।
नोडल अफसर नरेंद्र भूषण ने सैनी व तिलपता का दौरा किया
अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधिकारी गांवों की दौड़ लगा रहे हैं। बुधवार को नोडल अफसर नरेंद्र भूषण ने सैनी व तिलपता का दौरा किया। कोरोना किट नहीं मिलने पर सीएमओ को फटकार भी लगाई। जनपद के कोविड प्रभारी नरेंद्र भूषण बुधवार दोपहर सैनी और तिलपता पहुंचे।
यहां मरीजों के घर जाकर परिजनों से बात की। लोगों ने बताया कि उन्हें कोविड किट नहीं मिली है। इस पर उन्होंने सीएमओ को किट मुहैया कराने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल के तहत सारी कार्रवाई की जाए। उन्होंने सभी गांवों में निगरानी समिति बनाने के भी आदेश दिए हैं।
उनके साथ जीएम परियोजना एके अरोड़ा, वरिष्ठ प्रबंधक श्योदान सिंह, आरए गौतम, स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी बिसरख प्रभारी डॉ. सचिंद्र मिश्रा मौजूद रहे। कोविड प्रभारी ने ग्राम तिलपता एवं ग्राम सैनी में दी जाने वाली सहायता, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, सर्विलांस, ट्रैकिंग, चिकित्सा, दवा आदि को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
कोविड प्रभारी दोनों गांवों में 3 ऐसे घरों में गए, जहां पर कोविड मरीज थे। मरीजों व उनके परिवार वालों से हालचाल जाना और होम आइसोलेशन में मिलने वाली सुविधाओं पर चर्चा की। ग्राम तिलपता में एक मरीज के परिवार ने बताया कि उनको कोविड किट नहीं मिल रही है। उन्होंने सीएमओ से तत्काल किट मुहैया कराने को कहा।
डीएम व विधायक ने सीएचसी का लिया जायजा
जेवर में जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बुधवार को विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ जेवर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया। यहां 100 बेड का कोविड अस्पताल तैयार किया जा रहा है। इसमें कई संस्थाएं और कंपनियां मदद कर रही हैं। विधायक ने जिलाधिकारी से दवा और अन्य सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है।
नगर पंचायत, यमुना प्राधिकरण और जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर अस्पताल बना रहा है। अस्पताल बनाने के लिए विधायक ने अपनी निधि से 50 लाख रुपये दिए हैं। इसके बाद जिलाधिकारी ने ऑक्सीजन वितरण केंद्र और वैक्सीनेशन सेंटर का भी दौरा किया।