ग्रेटर नोएडा: डिवाइडर से टकराकर पलटी कंपनी स्टाफ की बस, एक युवती की मौत
सूरजपुर कोतवाली पुलिस के मुताबिक, मदरसन कंपनी की महिला स्टाफ को धौलाना हापुड़ क्षेत्र की ओर से लेकर चालक बस से नोएडा सेक्टर-84 की ओर जा रहा था। जैसे ही वह तिलपता गोलचक्कर के करीब पहुंचा। अचानक बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई
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ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे 130 मीटर रोड तिलपता गोलचक्कर के पास डिवाइडर से टकराकर एक बस पलट गई। बस में मदरसन कंपनी की लगभग 30 महिला कर्मचारी सवार थीं। हादसे में एक युवती की मौत हो गई। जबकि चार महिलाकर्मी घायल हुईं हैं।
कुछ अन्य महिला कर्मचारी भी मामूली रूप से चोटिल हुई हैं लेकिन उन्हें अस्पताल नहीं ले जाना पड़ा। हादसे के बाद बस चालक फरार हो गया। हादसे के बाद मार्ग भी बाधित हुआ। पुलिस ने मृतक महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज और घायलों का उपचार कराकर हादसे की जांच कर रही है।
सूरजपुर कोतवाली पुलिस के मुताबिक, मदरसन कंपनी की महिला स्टाफ को धौलाना हापुड़ क्षेत्र की ओर से लेकर चालक बस से नोएडा सेक्टर-84 की ओर जा रहा था। जैसे ही वह तिलपता गोलचक्कर के करीब पहुंचा। अचानक बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान गांव टीला पक्की चौपाल, धौलाना हापुड़ निवासी टीना शर्मा के रूप में हुई।
जबकि घायल महिलाकर्मियों में ममता, रितु, काजल व पूनम शामिल हैं। मार्ग पर बस पलटने से मार्ग बाधित हो गया। इससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। सूचना मिलने पर एसपी-2 और एसीपी-3 सेंट्रल नोएडा पुलिस टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बाद क्रेन आदि की मदद से हादसाग्रस्त बस को रास्ते से हटाकर यातायात सुचारू कराया।
केंटर ने पीछे से मारी टक्कर, चालक ने शीशा तोड़कर बाहर निकाला
टीना की सहकर्मी किरन ने बताया कि तिलपत्ता चौक गोलचक्कर से गुजरने के दौरान एक केंटर ने बस में पीछे से टक्कर मारी थी। इससे बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद चालक ने आगे का शीशा तोड़कर सभी कर्मियों को बाहर निकाला। वहीं, पुलिस का कहना है कि चालक तड़के साढ़े चार बजे से ही महिलाओं को उनके घर से लेने गया था। ऐसे में आशंका है कि चालक को नींद की झपकी लगने से बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलटी है। हालांकि पुलिस हादसे की जांच कर रही है।
बेटा बनकर टीना ने उठाई थी परिवार की जिम्मेदारी
किरन ने बताया कि टीना तीन बहनों में दूसरे नंबर की है। चौथे नंबर का भाई सबसे छोटा है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसके चलते टीना ने परिजन से कहा था कि वह बेटा बनकर उनका हाथ बंटाएगी। इसके चलते टीना लड़कों के कपड़े पहनकर लंबे समय से परिवार का सहारा बनने के लिए काम कर रही थी। किरन ने बताया कि वह बस में बाईं ओर सबसे आगे की सीट पर थी और टीना दूसरे नंबर की सीट पर बैठी थी। संभवत: टीना की खिड़की शीशा खुला था और उसकी आंख लग गई थी। बस पलटने पर उसका सिर सड़क से टकरा गया। जिससे उसकी मौत हो गई।