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Noida News: एक माह बाद ग्रेप के नियम होंगे लागू, बढ़ेगी सख्ती
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- अब भी 60 हजार वाहन बिना प्रदूषण जांच भर रहे फर्राटा, पुलिस व परिवहन विभाग मौन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। एक अक्तूबर से ग्रेप के नियम प्रभावी हो जाएंगे। इसके साथ पाबंदी का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा। ऐसा इसलिए संभव है कि परिवहन विभाग एवं ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही के कारण लोग जमकर प्रदूषण फैला रहे हैं। परिवहन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 60 हजार वाहन बिना प्रदूषण जांच कराए ही सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। ऐसे में इनसे निकलने वाला धुआं लोगों का दम घोंट रहा है। आने वाले महीनों में यह धुआं लोगों की जान का दुश्मन भी बन जाएगा।
शहर में निजी वाहनों के मुकाबले कॉमर्शियल वाहनों का आवागमन अधिक होता है। परिवहन विभाग के आकड़ों के अनुसार 14 हजार से अधिक कॉमर्शियल वाहन ऐसे हैं जो बिना प्रदूषण जांच के दौड़ रहे हैं। जनपद में करीब 100 से ज्यादा प्रदूषण जांच केंद्र हैं। पिछले तीन सालों में 54 पीयूसी केंद्र भी बढ़े हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग वाहनों की प्रदूषण जांच नहीं करा रहे हैं। उप संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. सियाराम वर्मा बताते हैं कि प्रवर्तन टीमों द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। अब बड़े स्तर पर योजना तैयार कर इन वाहनों पर अंकुश लगाया जाएगा।
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एक वर्ष में बिना प्रदूषण के बढ़ गए 16 हजार वाहन
विभागों की सख्ती ना होने से लोगों की लापरवाही भी सामने आ रही है। बीते एक वर्ष में ही करीब 16 हजार वाहन बढ़ गए जिन्होंने अपने वाहन की फिटनेस जांच नहीं कराई है। यह हालात तब है जब परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल में छह टीमें काम कर रही हैं। वहीं 600 यातायात कर्मी तैनात हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। एक अक्तूबर से ग्रेप के नियम प्रभावी हो जाएंगे। इसके साथ पाबंदी का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा। ऐसा इसलिए संभव है कि परिवहन विभाग एवं ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही के कारण लोग जमकर प्रदूषण फैला रहे हैं। परिवहन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 60 हजार वाहन बिना प्रदूषण जांच कराए ही सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। ऐसे में इनसे निकलने वाला धुआं लोगों का दम घोंट रहा है। आने वाले महीनों में यह धुआं लोगों की जान का दुश्मन भी बन जाएगा।
शहर में निजी वाहनों के मुकाबले कॉमर्शियल वाहनों का आवागमन अधिक होता है। परिवहन विभाग के आकड़ों के अनुसार 14 हजार से अधिक कॉमर्शियल वाहन ऐसे हैं जो बिना प्रदूषण जांच के दौड़ रहे हैं। जनपद में करीब 100 से ज्यादा प्रदूषण जांच केंद्र हैं। पिछले तीन सालों में 54 पीयूसी केंद्र भी बढ़े हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग वाहनों की प्रदूषण जांच नहीं करा रहे हैं। उप संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. सियाराम वर्मा बताते हैं कि प्रवर्तन टीमों द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। अब बड़े स्तर पर योजना तैयार कर इन वाहनों पर अंकुश लगाया जाएगा।
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एक वर्ष में बिना प्रदूषण के बढ़ गए 16 हजार वाहन
विभागों की सख्ती ना होने से लोगों की लापरवाही भी सामने आ रही है। बीते एक वर्ष में ही करीब 16 हजार वाहन बढ़ गए जिन्होंने अपने वाहन की फिटनेस जांच नहीं कराई है। यह हालात तब है जब परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल में छह टीमें काम कर रही हैं। वहीं 600 यातायात कर्मी तैनात हैं।
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