नगीना। जमीयत उलमा हिंद हरियाणा के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से 19 नवंबर को फिरोजपुर झिरका में शैक्षणिक समाज जागरूकता पर एक जलसे का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गुरुग्राम, पलवल, पानीपत, दिल्ली, फरीदाबाद, अलवर और भरतपुर आदि जिलों के विद्वान, सामाजिक संगठन, धार्मिक नेता तथा कई विधायक मौजूद रहेंगे। यह बातें जमीयत उलमा गुरुग्राम के महासचिव मौलाना साबिर कासमी ने नगीना के बड़कली चौक पर मंगलवार को कही।
उन्होंने कहा कि मेवात के पिछड़ेपन के लिए सभी पार्टियां जिम्मेदार रहीं हैं। नेताओं ने यूनिवर्सिटी, रेल और नहरें लाने के लिए कम संघर्ष किया। दिल्ली के बिल्कुल नजदीक होते हुए भी मेवात 4 साल पहले नीति आयोग का सबसे पिछड़ा जिला घोषित हुआ। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय प्रशासन फर्जी रिपोर्टों के सहारे जिले को उन्नत करने की कोशिशें करने में जुटा हुआ है जबकि जमीनी हकीकत बदहाल है। महासचिव मौलाना साबिर कासमी ने बताया कि जलसे में हरियाणा कांग्रेस विधायक दल के उप नेता आफताब अहमद, विधायक मम्मन खान, पूर्व विधायक नसीम अहमद, रामगढ़ विधायक सफिया जुबैर, अलवर बीएसपी महासचिव इमरान खान, समेत जमीयत उलमा के प्रदेशाध्यक्ष मौलाना हारून, मील खेडला मदरसा के कुलपति मौलाना राशिद, मौलाना खालिद कासमी, हाजी रमजान मालब, मौलाना सईद अमीनी, कांग्रेस युवा नेता नजीफाह जाहिद बीसरू, डाक्टर महबूब खान, अरशद हुसैन अडबर, मौलाना हकीमुद्दीन उटावड शामिल होंगे।