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आस्ट्रेलिया में महिला के बेटे के लिए इलाज में मदद के लिए केंद्र उठा रहा सक्रिय कदम
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि आस्ट्रेलिया में एक महिला के बेटे के उपचार में मदद व निगरानी के लिए केंद्र सरकार सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। महिला का बेटा जानलेवा बीमारी से पीड़ित है। महिला ने उपचार में मदद के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी।
केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि आस्ट्रेलियन दूतावास ने कोविड वैश्विक महामारी के मद्देनजर जरूरी वीजा व यात्रा छूट महिला को प्रदान कर दी है। यह जानकारी सामने आने के बाद न्यायमूर्ति नवीन चावला ने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में सक्रिय कदम उठा रही है। कोर्ट ने ये कहते हुए याचिका का निपटारा कर दिया। हालांकि कोर्ट ने कहा कि याची जरूरत पड़ने पर दोबारा कोर्ट आ सकती है।
कोर्ट के समक्ष केंद्र सरकार के स्थायी अधिवक्ता अजय दिगपॉल ने कहा कि हालांकि महिला को वीजा एवं यात्रा नियमों में छूट मिल चुकी है लेकिन परिवार की ओर से बेटे को भारत लाने के लिए आवेदन मिला है। केंद्र सरकार इस मुद्दे को देख रही है और हर संभव सहायता परिवार को दे रही है।
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याची की ओर से अधिवक्ता गुरिंदर पाल सिंह ने कहा कि बेटे को भारत लाने का आग्रह भी उनकी याचिका में किया गया है क्योंकि फ्लाइट न होने के कारण महिला वीजा व यात्रा छूट मिलने के बाद भी आस्ट्रेलिया जाने में असमर्थ है।
महिला, जो एक विधवा है, ने याचिका दायर कर विदेश मंत्रालय को आस्ट्रेलिया में उसके बेटे के उपचार में सहायता व निगरानी रखने का निर्देश देने का आग्रह किया था। उसका बेटा मेलबर्न के अस्पताल में भर्ती है और उसकी किडनी काम करना बंद कर चुकी हैं। उसे डायलिसिस की जरूरत है और उसकी हालत बेहद गंभीर है।
याची महिला इंदरजीत कौर ने कहा कि उसका अर्शदीप सिंह पढ़ाई करने 2018 में स्टूडेंट वीजा पर आस्ट्रेलिया गया था। उसे नौ जून 2021 को पता चला कि उसके बेटे को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इसके बाद उसने अपने एक संबंधी के साथ आस्ट्रेलिया जाने के लिए आस्ट्रेलियन उच्चायोग से तत्काल वीजा मांगा था।
उसने विदेश मंत्रालय को भी निर्देश देने का आग्रह हाईकोर्ट से किया था ताकि उसे टूरिस्ट वीजा मिल जाए और वह अपने बेटे के पास आस्ट्रेलिया जा सके। - एजेंसी
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केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि आस्ट्रेलियन दूतावास ने कोविड वैश्विक महामारी के मद्देनजर जरूरी वीजा व यात्रा छूट महिला को प्रदान कर दी है। यह जानकारी सामने आने के बाद न्यायमूर्ति नवीन चावला ने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में सक्रिय कदम उठा रही है। कोर्ट ने ये कहते हुए याचिका का निपटारा कर दिया। हालांकि कोर्ट ने कहा कि याची जरूरत पड़ने पर दोबारा कोर्ट आ सकती है।
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कोर्ट के समक्ष केंद्र सरकार के स्थायी अधिवक्ता अजय दिगपॉल ने कहा कि हालांकि महिला को वीजा एवं यात्रा नियमों में छूट मिल चुकी है लेकिन परिवार की ओर से बेटे को भारत लाने के लिए आवेदन मिला है। केंद्र सरकार इस मुद्दे को देख रही है और हर संभव सहायता परिवार को दे रही है।
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याची की ओर से अधिवक्ता गुरिंदर पाल सिंह ने कहा कि बेटे को भारत लाने का आग्रह भी उनकी याचिका में किया गया है क्योंकि फ्लाइट न होने के कारण महिला वीजा व यात्रा छूट मिलने के बाद भी आस्ट्रेलिया जाने में असमर्थ है।
महिला, जो एक विधवा है, ने याचिका दायर कर विदेश मंत्रालय को आस्ट्रेलिया में उसके बेटे के उपचार में सहायता व निगरानी रखने का निर्देश देने का आग्रह किया था। उसका बेटा मेलबर्न के अस्पताल में भर्ती है और उसकी किडनी काम करना बंद कर चुकी हैं। उसे डायलिसिस की जरूरत है और उसकी हालत बेहद गंभीर है।
याची महिला इंदरजीत कौर ने कहा कि उसका अर्शदीप सिंह पढ़ाई करने 2018 में स्टूडेंट वीजा पर आस्ट्रेलिया गया था। उसे नौ जून 2021 को पता चला कि उसके बेटे को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इसके बाद उसने अपने एक संबंधी के साथ आस्ट्रेलिया जाने के लिए आस्ट्रेलियन उच्चायोग से तत्काल वीजा मांगा था।
उसने विदेश मंत्रालय को भी निर्देश देने का आग्रह हाईकोर्ट से किया था ताकि उसे टूरिस्ट वीजा मिल जाए और वह अपने बेटे के पास आस्ट्रेलिया जा सके। - एजेंसी