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एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए जमीन अधिग्रहण को शासन से मंजूरी
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जेवर (मनोज कुमार शर्मा)। नोएडा एयरपोर्ट के विस्तार और दूसरे चरण की भूमि अधिग्रहण के लिए तैयार सामाजिक समाघात निर्धारण (एसआईए) सर्वे रिपोर्ट पर शासन ने मुहर लगा दी है। अब 1365 हेक्टेयर जमीन में से जेवर के छह गांव की 1185 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है। प्रशासन ने इन सभी छह गांवों के प्रभावित किसानों से सहमति के लिए कार्यक्रम भी जारी कर दिया है। इसके तहत प्रशासनिक अधिकारी 7 से 10 जनवरी तक किसानों से बैठक कर सहमति लेने के लिए गांव-गांव जाएंगे।
अधिकारियों के मुताबिक, 1365 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के लिए शासन ने 13 अप्रैल को अधिसूचना जारी की थी। इसमें करौली बांगर, दयानतपुर, कुरैब, रन्हेरा, मुढरह व बीरमपुर के किसानों से 1185 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना था, बाकी 124 हेक्टेयर सरकारी जमीन व 57 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण यमुना प्राधिकरण पहले ही कर चुका है। अधिसूचना के बाद इन गांव के प्रभावित किसानों के सामाजिक समाघात निर्धारण के लिए गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय को नामित किया गया था।
नामित एजेंसी ने गांव-गांव जाकर किसानों से बैठक करते हुए 16 नवंबर को रिपोर्ट तैयार कर दी थी। जिला प्रशासन ने 7 दिसंबर को राज्य सरकार को रिपोर्ट भेज दी थी। 17 दिसंबर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा के बाद 22 दिसंबर को शासन ने मुहर लगा दी।
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जनवरी में शुरू होगी किसानों से सहमति की प्रक्रिया
भूमि अधिग्रहण के लिए सहमति लेने की प्रक्रिया जनवरी में शुरू होगी। 7 जनवरी को करौली बांगर के नगला करौली इंटर कालेज व मुढरह के सामुदायिक भवन, 8 जनवरी को वीरमपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय व रन्हेरा के आदर्श इंटर कॉलेज, 10 जनवरी को दयानतपुर के सर्वहितकारी इंटर कॉलेज व कुरैब गांव के प्राथमिक विद्यालय में बैठक कर किसानों से सहमति ली जाएगी।
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अधिकारियों के मुताबिक, 1365 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के लिए शासन ने 13 अप्रैल को अधिसूचना जारी की थी। इसमें करौली बांगर, दयानतपुर, कुरैब, रन्हेरा, मुढरह व बीरमपुर के किसानों से 1185 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना था, बाकी 124 हेक्टेयर सरकारी जमीन व 57 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण यमुना प्राधिकरण पहले ही कर चुका है। अधिसूचना के बाद इन गांव के प्रभावित किसानों के सामाजिक समाघात निर्धारण के लिए गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय को नामित किया गया था।
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नामित एजेंसी ने गांव-गांव जाकर किसानों से बैठक करते हुए 16 नवंबर को रिपोर्ट तैयार कर दी थी। जिला प्रशासन ने 7 दिसंबर को राज्य सरकार को रिपोर्ट भेज दी थी। 17 दिसंबर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा के बाद 22 दिसंबर को शासन ने मुहर लगा दी।
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जनवरी में शुरू होगी किसानों से सहमति की प्रक्रिया
भूमि अधिग्रहण के लिए सहमति लेने की प्रक्रिया जनवरी में शुरू होगी। 7 जनवरी को करौली बांगर के नगला करौली इंटर कालेज व मुढरह के सामुदायिक भवन, 8 जनवरी को वीरमपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय व रन्हेरा के आदर्श इंटर कॉलेज, 10 जनवरी को दयानतपुर के सर्वहितकारी इंटर कॉलेज व कुरैब गांव के प्राथमिक विद्यालय में बैठक कर किसानों से सहमति ली जाएगी।