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आत्मरक्षा के लिए तैयार रहें लड़कियां : नीलम
Mon, 13 Oct 2025 12:17 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Mon, 13 Oct 2025 12:17 AM IST
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कार्यक्रम को संबोधित करतीं एएसआई नीलम। संस्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डीएवी गर्ल्स कॉलेज में पेरेंट्स-टीचर मीट व मानसिक स्वास्थ्य के महत्व विषय पर एक्सटेंशन लेक्चर का आयोजन हुआ। इसमें एएसआई नीलम मुख्य वक्ता रहीं। एक्सटेंशन लेक्चर में राजकीय महाविद्यालय अहड़वाला की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नंदिनी मोदगिल ने वक्तव्य प्रस्तुत किए।
एएसआई नीलम ने कहा कि वर्तमान समय में लड़कियों को न केवल शिक्षित होना चाहिए, बल्कि आत्मरक्षा के लिए भी तैयार रहना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को बताया कि यदि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या साइबर अपराध की घटना होती है, तो उसे नजरअंदाज न करें बल्कि तुरंत पुलिस या महिला हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
इसके साथ ही छात्राओं को मोबाइल में 112 इंडिया एप और महिला सुरक्षा एप डाउनलोड करने के लिए भी प्रेरित किया गया, जिससे किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त की जा सके। साइबर अपराध से बचने के लिए सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति से बातचीत या निजी जानकारी साझा न करें।
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डॉ नंदिनी मोदगिल ने अभिभावकों को अवगत कराया कि किशोरावस्था में अवसाद, दुचिंता व तनाव इत्यादि के लक्षण देखें जा सकते हैं। समय पर सही परामर्श व इलाज न मिलने की वजह इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। प्राचार्य डॉ. सुरिंद्र कौर ने कहा कि छात्राओं की समस्याओं का निदान करने के लिए पेरेंट्स टीचर मीट जरूरी है। कालेज में पढ़ाई के साथ साथ छात्राओं को खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित अन्य में भाग लेने का अवसर प्रदान किए जाते है।
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यमुनानगर। डीएवी गर्ल्स कॉलेज में पेरेंट्स-टीचर मीट व मानसिक स्वास्थ्य के महत्व विषय पर एक्सटेंशन लेक्चर का आयोजन हुआ। इसमें एएसआई नीलम मुख्य वक्ता रहीं। एक्सटेंशन लेक्चर में राजकीय महाविद्यालय अहड़वाला की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नंदिनी मोदगिल ने वक्तव्य प्रस्तुत किए।
एएसआई नीलम ने कहा कि वर्तमान समय में लड़कियों को न केवल शिक्षित होना चाहिए, बल्कि आत्मरक्षा के लिए भी तैयार रहना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को बताया कि यदि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या साइबर अपराध की घटना होती है, तो उसे नजरअंदाज न करें बल्कि तुरंत पुलिस या महिला हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
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इसके साथ ही छात्राओं को मोबाइल में 112 इंडिया एप और महिला सुरक्षा एप डाउनलोड करने के लिए भी प्रेरित किया गया, जिससे किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त की जा सके। साइबर अपराध से बचने के लिए सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति से बातचीत या निजी जानकारी साझा न करें।
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डॉ नंदिनी मोदगिल ने अभिभावकों को अवगत कराया कि किशोरावस्था में अवसाद, दुचिंता व तनाव इत्यादि के लक्षण देखें जा सकते हैं। समय पर सही परामर्श व इलाज न मिलने की वजह इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। प्राचार्य डॉ. सुरिंद्र कौर ने कहा कि छात्राओं की समस्याओं का निदान करने के लिए पेरेंट्स टीचर मीट जरूरी है। कालेज में पढ़ाई के साथ साथ छात्राओं को खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित अन्य में भाग लेने का अवसर प्रदान किए जाते है।