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Noida News: डीयू के स्नातक प्रोग्राम में गैप ईयर वाले छात्र भी ले सकेंगे दाखिला
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-गैप ईयर वाले छात्रों को सीयूईटी 2025 में उपस्थित होना होगा, बीते साल का स्कोर नहीं होगा मान्य
-दाखिला भाषा, डोमेन विशिष्ठ विषयों या सामान्य टेस्ट के आधार पर ही मिलेगा
-दाखिला के लिए केवल सीयूईटी 2025 में प्राप्त अंकों पर ही विचार किया जाएगा
-डीयू ने इस साल भी व्यवस्था को जारी रखा, इंर्फोमेशन बुलेटिन में किया शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक प्रोग्राम में गैप ईयर वाले छात्र भी दाखिला ले सकेंगे। गैप ईयर के साथ शर्त यह होगी कि उन्हें सीयूईटी 2025 में उपस्थित होना होगा। दाखिले के लिए केवल सीयूईटी 2025 में प्राप्त अंकों पर ही विचार किया जाएगा। बीते साल का सीयूईटी स्कोर मान्य नहीं होगा। दाखिला भाषा, डोमेन विशिष्ठ विषयों या सामान्य टेस्ट के आधार पर ही मिलेगा। डीयू ने इस साल भी इस व्यवस्था को जारी रखा है, और इंर्फोमेशन बुलेटिन में शामिल किया गया है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से सीयूईटी यूजी के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब डीयू ने भी स्नातक प्रोग्राम में दाखिले के लिए शनिवार को अपना इंर्फोमेशन बुलेटिन जारी कर दिया है। डीयू ने छात्रों की सहूलियत के लिए इस साल भी गैप ईयर वाली व्यवस्था को जारी रखने का फैसला किया है और इसे बुलेटिन में शामिल किया है। प्रशासन के अनुसार जिन भी छात्रों ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 में बारहवीं पास की है लेकिन सीयूईटी देने से चूक गए तो ऐसे छात्र गैप ईयर छात्रों की श्रेणी में आ गए।
अब यदि वह इस साल डीयू के किसी स्नातक प्रोग्राम में दाखिला लेना चाहते हैं तो उन्हें दाखिला मिल सकता है। बस शर्त यह रहेगी कि उन्हें इस साल सीयूईटी यूजी को देना होगा। उनका इससे पहले कभी भी दिया गया सीयूईटी स्कोर मान्य नहीं होगा। छात्रों को यह ध्यान रखना होगा कि डीयू में उन्हें सीट आवंटन के जरिए दाखिला भाषा, डोमेन विशिष्ट विषयों या सामान्य टेस्ट के आधार पर मिलेगा।
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डीयू प्रशासन ने अपने इंर्फोमेशन बुलेटिन में छात्रों को सलाह दी है कि उन्हें स्नातक प्रोग्राम की विशिष्ट आवश्यकताओं को जरूर पढऩा चाहिए। उसी के आधार पर सीयूईटी यूजी के लिए उपस्थित होना चाहिए। छात्र सीयूईटी यूजी के लिए आवेदन करते समय डीयू के इंर्फोमेशन बुलेटिन में दी गई कोर्स संबंधी योग्यताओं को जरूर देखें। इससे उन्हें इस बात का पता चल जाएगा कि वह किन-किन विषयों में सीयूईटी यूजी दे सकते हैं।
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सीयूईटी में भाषा में 30 फीसदी अंक लाने की अनिवार्यता नहीं
डीयू ने दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों को बड़ी राहत दी है। अब सीयूईटी मेें भाषा में 30 फीसदी अंक लाने की अनिवार्यता नहीं होगी। डीयू ने विज्ञान विषयों में योग्यता पीसीएम(फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ) या फिर पीसीबी(फिजिक्स, केमिस्ट्री व बॉयोलॉजी) के साथ सीयूईटी में भाषा में 30 फीसदी अंक लाने की बाध्यता को हटा दिया गया है। अब सिर्फ किसी भाषा में बैठना ही जरूरी होगा। यह शर्त केवल विज्ञान विषयों के लिए ही रहेगी। अब तक 30 फीसदी अंक लाने की बाध्यता रहती थी। यह फैसला छात्रों के लिए दाखिले को सहज बनाने के लिए किया गया है।
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-दाखिला भाषा, डोमेन विशिष्ठ विषयों या सामान्य टेस्ट के आधार पर ही मिलेगा
-दाखिला के लिए केवल सीयूईटी 2025 में प्राप्त अंकों पर ही विचार किया जाएगा
-डीयू ने इस साल भी व्यवस्था को जारी रखा, इंर्फोमेशन बुलेटिन में किया शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक प्रोग्राम में गैप ईयर वाले छात्र भी दाखिला ले सकेंगे। गैप ईयर के साथ शर्त यह होगी कि उन्हें सीयूईटी 2025 में उपस्थित होना होगा। दाखिले के लिए केवल सीयूईटी 2025 में प्राप्त अंकों पर ही विचार किया जाएगा। बीते साल का सीयूईटी स्कोर मान्य नहीं होगा। दाखिला भाषा, डोमेन विशिष्ठ विषयों या सामान्य टेस्ट के आधार पर ही मिलेगा। डीयू ने इस साल भी इस व्यवस्था को जारी रखा है, और इंर्फोमेशन बुलेटिन में शामिल किया गया है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से सीयूईटी यूजी के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब डीयू ने भी स्नातक प्रोग्राम में दाखिले के लिए शनिवार को अपना इंर्फोमेशन बुलेटिन जारी कर दिया है। डीयू ने छात्रों की सहूलियत के लिए इस साल भी गैप ईयर वाली व्यवस्था को जारी रखने का फैसला किया है और इसे बुलेटिन में शामिल किया है। प्रशासन के अनुसार जिन भी छात्रों ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 में बारहवीं पास की है लेकिन सीयूईटी देने से चूक गए तो ऐसे छात्र गैप ईयर छात्रों की श्रेणी में आ गए।
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अब यदि वह इस साल डीयू के किसी स्नातक प्रोग्राम में दाखिला लेना चाहते हैं तो उन्हें दाखिला मिल सकता है। बस शर्त यह रहेगी कि उन्हें इस साल सीयूईटी यूजी को देना होगा। उनका इससे पहले कभी भी दिया गया सीयूईटी स्कोर मान्य नहीं होगा। छात्रों को यह ध्यान रखना होगा कि डीयू में उन्हें सीट आवंटन के जरिए दाखिला भाषा, डोमेन विशिष्ट विषयों या सामान्य टेस्ट के आधार पर मिलेगा।
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डीयू प्रशासन ने अपने इंर्फोमेशन बुलेटिन में छात्रों को सलाह दी है कि उन्हें स्नातक प्रोग्राम की विशिष्ट आवश्यकताओं को जरूर पढऩा चाहिए। उसी के आधार पर सीयूईटी यूजी के लिए उपस्थित होना चाहिए। छात्र सीयूईटी यूजी के लिए आवेदन करते समय डीयू के इंर्फोमेशन बुलेटिन में दी गई कोर्स संबंधी योग्यताओं को जरूर देखें। इससे उन्हें इस बात का पता चल जाएगा कि वह किन-किन विषयों में सीयूईटी यूजी दे सकते हैं।
सीयूईटी में भाषा में 30 फीसदी अंक लाने की अनिवार्यता नहीं
डीयू ने दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों को बड़ी राहत दी है। अब सीयूईटी मेें भाषा में 30 फीसदी अंक लाने की अनिवार्यता नहीं होगी। डीयू ने विज्ञान विषयों में योग्यता पीसीएम(फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ) या फिर पीसीबी(फिजिक्स, केमिस्ट्री व बॉयोलॉजी) के साथ सीयूईटी में भाषा में 30 फीसदी अंक लाने की बाध्यता को हटा दिया गया है। अब सिर्फ किसी भाषा में बैठना ही जरूरी होगा। यह शर्त केवल विज्ञान विषयों के लिए ही रहेगी। अब तक 30 फीसदी अंक लाने की बाध्यता रहती थी। यह फैसला छात्रों के लिए दाखिले को सहज बनाने के लिए किया गया है।