फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Gang that stole wires and stopped the speed of metro busted

Noida News: तार चुराकर मेट्रो की रफ्तार रोकने वाले गिरोह का पर्दाफाश

Thu, 12 Dec 2024 11:02 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2024 11:02 AM IST
विज्ञापन
Gang that stole wires and stopped the speed of metro busted
पुलिस ने गिरोह में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, सात हैं फरार
विज्ञापन


पांच दिसंबर को ब्लू लाइन पर 140 मीटर लंबी तार चुराकर ले गए थे आरोपी

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
तार चुराकर मेट्रो की रफ्तार पर ब्रेक लगाने वाले गिरोह के चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके पास से चाेरी की 52 मीटर लंबी तार बरामद की गई है। आरोपियों की पहचान बागपत के खेकड़ा, नई बस्ती निवासी राशिद मलिक, मुस्तफाबाद निवासी शाहरुख मलिक, गोकलपुरी निवासी रमजान और गाजियाबाद के कैला बाथा निवासी जुनैद उर्फ भूरा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से टाटा ऐस लोडर और दो मोबाइल बरामद किए हैं।



संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार के अनुसार, पांच दिसंबर की सुबह पांच बजे ब्लू लाइन (नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से द्वारका) पर मोती नगर से कीर्ति नगर मेट्रो स्टेशनों के बीच 140 मीटर लंबी तार चुरा ली गई थी। मामले की जांच के लिए राजा गार्डन मेट्रो थाने के एसएचओ पवन तोमर के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। करीब 500 सीसीटीवी कैमरों को खंगालने के बाद आरोपियों के बारे में पता चला। इसके बाद चारों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, मासूम, फैजल, इस्लाम, नदीम, सिद्धु, तेली और सरफराज फरार हैं। गिरोह के सात आरोपियों की तलाश की जा रही है। आरोपी राशिद, फैजल, मासूम और जुनैद इस गिरोह के सरगना हैं।
विज्ञापन

चारों ने पहले इलाके में कई जगहों पर रेकी की थी। इसके बाद मोती नगर और कीर्ति नगर के बीच एलिवेटेड ट्रैक पर मेट्रो डक्ट की पहचान की। तार चुराने के लिए गिरोह ने इस्लाम, नदीम, सिद्धू और तेली को काम पर रखा था। यह मेट्रो के खंभों पर चढ़कर ट्रैक तक पहुंचने के लिए रस्सियों और हुक का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद तार काटकर लोडर वाहन में डालकर फरार हो जाते थे। वारदात के दौरान आरोपी होंडा अमेज कार सवार होकर निगरानी कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन






500 से 700 रुपये प्रति मीटर बेचते थे तार

कबाड़ी के यहां 500 से 700 रुपये प्रति मीटर के हिसाब से तार बेची जाती थी। चुराई गई तार का उपयोग मेट्रो के ट्रैक सर्किट में डाटा भेजने के लिए किया जाता है, ताकि पटरियों पर चलने वाली ट्रेनों का पता लगाया जा सके। केबल के कटने से ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही रुक जाती है। इसके बाद परिचालन मैनुअल तरीके से करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed