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जी 20 समिट : हर आपदा के लिए दिल्ली के अस्पताल तैयार
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-न्यूक्लियर हमले में एम्स तो जैविक के लिए आरएमएल देगा सेवाएं
-रसायन में सफदरजंग, विकिरण हमले को आर्मी अस्पताल रहेंगे तैयार
- नोडल अस्पताल की तरह करेंगे काम, स्टाफ को दी गई है ट्रेनिंग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देश में होने वाली जी-20 समिट में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से निपटने के लिए दिल्ली के अस्पताल तैयार हैं। इन अस्पतालों को न्यूक्लियर से लेकर रसायन हमले तक की आपदा से निपटने व पीड़ितों के उपचार के लिए तैयार किया गया है। अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ की ट्रेनिंग भी करवाई जा रही है। जरूरत पड़ने पर इन अस्पतालों के सभी बेड व आईसीयू को आरक्षित किया जा सकता है।
विशेषज्ञों की माने तो जी-20 समिट में दुनियाभर से लोग आएंगे। ऐसे में किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। अस्पताल सूत्रों की माने तो देश के सबसे बड़े चिकित्सीय संस्थान एम्स को न्यूक्लियर हमले से होने वाली आपदा से निपटने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अस्पताल के डॉक्टर ऐसी किसी भी आपदा से निपटने, पीड़ितों के उपचार व अन्य के लिए पूरी तरह से तैयार रहेंगे। अगर कोई घटना होती है तो मरीजों को एम्स में लाया जाएगा और यहीं पर उपचार होगा। अस्पताल के सभी आईसीयू व अन्य बेड को जरूरत के आधार पर इस्तेमाल किया जाएगा।
वहीं किसी भी प्रकार के जैविक दुर्घटना में पीड़ितों का उपचार डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में किया जाएगा। आरएमएल को जैविक हमले से जुड़े मामलों के लिए पूरी तरह से तैयार रहने को कहा गया है। इसके अलावा अस्पताल में कुछ बेड और आईसीयू भी आरक्षित रखने को कहा गया है, जो जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किए जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि आयोजन स्थल के नजदीक यहीं अस्पताल है। ऐसे में यहां के डॉक्टरों को विशेष रूप से तैयार रहने को कहा गया है। वहीं किसी भी प्रकार की रसायन दुर्घटना होती है तो सफदरजंग अस्पताल सेवाएं देगा। अस्पताल का बर्न विभाग काफी मजबूत है। जबकि किसी भी प्रकार के विकिरण मामलों में उपचार के लिए धौला कुआं स्थित आर्मी अस्पताल तैयार रहेगा। यह चारों नोडल अस्पताल की तरह काम करेंगे।
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आयोजन स्थल पर देंगे सेवाएं
जी-20 समिट के आयोजन स्थल पर इन चारों अस्पताल से कुछ चयनित प्रशिक्षित डॉक्टरों को नियुक्त किया जाएगा। यह जरूरत के आधार पर अपनी सेवाएं उक्त जगहों पर ही देंगे। सूत्रों का कहना है कि इन मेडिकल सेवाओं के लिए पिछले कुछ समय से लगातार अस्पताल में ट्रेनिंग का दौर जारी है।
बॉक्स
आईसीयू की नहीं होगी कमी
जी-20 समिट के दौरान जरूरत के आधार पर पर्याप्त आईसीयू की सुविधा उपलब्ध होगी। इन चार अस्पतालों के अलावा आसपास के अन्य अस्पतालों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये सभी अस्पताल एम्स, आरएमएल सहित अन्य नोडल अस्पताल की देखरेख में सेवाएं देंगे। सूत्रों का कहना है कि सभी अस्पतालों को आयोजन से पूर्व मॉक ड्रिल भी करने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी प्रकार की समस्या न आए।
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-रसायन में सफदरजंग, विकिरण हमले को आर्मी अस्पताल रहेंगे तैयार
- नोडल अस्पताल की तरह करेंगे काम, स्टाफ को दी गई है ट्रेनिंग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देश में होने वाली जी-20 समिट में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से निपटने के लिए दिल्ली के अस्पताल तैयार हैं। इन अस्पतालों को न्यूक्लियर से लेकर रसायन हमले तक की आपदा से निपटने व पीड़ितों के उपचार के लिए तैयार किया गया है। अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ की ट्रेनिंग भी करवाई जा रही है। जरूरत पड़ने पर इन अस्पतालों के सभी बेड व आईसीयू को आरक्षित किया जा सकता है।
विशेषज्ञों की माने तो जी-20 समिट में दुनियाभर से लोग आएंगे। ऐसे में किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। अस्पताल सूत्रों की माने तो देश के सबसे बड़े चिकित्सीय संस्थान एम्स को न्यूक्लियर हमले से होने वाली आपदा से निपटने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अस्पताल के डॉक्टर ऐसी किसी भी आपदा से निपटने, पीड़ितों के उपचार व अन्य के लिए पूरी तरह से तैयार रहेंगे। अगर कोई घटना होती है तो मरीजों को एम्स में लाया जाएगा और यहीं पर उपचार होगा। अस्पताल के सभी आईसीयू व अन्य बेड को जरूरत के आधार पर इस्तेमाल किया जाएगा।
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वहीं किसी भी प्रकार के जैविक दुर्घटना में पीड़ितों का उपचार डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में किया जाएगा। आरएमएल को जैविक हमले से जुड़े मामलों के लिए पूरी तरह से तैयार रहने को कहा गया है। इसके अलावा अस्पताल में कुछ बेड और आईसीयू भी आरक्षित रखने को कहा गया है, जो जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किए जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि आयोजन स्थल के नजदीक यहीं अस्पताल है। ऐसे में यहां के डॉक्टरों को विशेष रूप से तैयार रहने को कहा गया है। वहीं किसी भी प्रकार की रसायन दुर्घटना होती है तो सफदरजंग अस्पताल सेवाएं देगा। अस्पताल का बर्न विभाग काफी मजबूत है। जबकि किसी भी प्रकार के विकिरण मामलों में उपचार के लिए धौला कुआं स्थित आर्मी अस्पताल तैयार रहेगा। यह चारों नोडल अस्पताल की तरह काम करेंगे।
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आयोजन स्थल पर देंगे सेवाएं
जी-20 समिट के आयोजन स्थल पर इन चारों अस्पताल से कुछ चयनित प्रशिक्षित डॉक्टरों को नियुक्त किया जाएगा। यह जरूरत के आधार पर अपनी सेवाएं उक्त जगहों पर ही देंगे। सूत्रों का कहना है कि इन मेडिकल सेवाओं के लिए पिछले कुछ समय से लगातार अस्पताल में ट्रेनिंग का दौर जारी है।
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आईसीयू की नहीं होगी कमी
जी-20 समिट के दौरान जरूरत के आधार पर पर्याप्त आईसीयू की सुविधा उपलब्ध होगी। इन चार अस्पतालों के अलावा आसपास के अन्य अस्पतालों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये सभी अस्पताल एम्स, आरएमएल सहित अन्य नोडल अस्पताल की देखरेख में सेवाएं देंगे। सूत्रों का कहना है कि सभी अस्पतालों को आयोजन से पूर्व मॉक ड्रिल भी करने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी प्रकार की समस्या न आए।