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आवंटित जमीन का नहीं दिया गया पूरा हिस्सा: सुपरटेक

Wed, 10 May 2023 12:09 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 10 May 2023 12:09 AM IST
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Full share of allotted land not given: Supertech
आवंटित जमीन का नहीं दिया गया पूरा हिस्सा: सुपरटेक
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- यीडा पर आरोप, 31 करोड़ के बकाया में सुपरटेक के एमडी को लिया गया था हिरासत में
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा।
सुपरटेक बिल्डर ने यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) पर आवंटित जमीन का पूरा हिस्सा नहीं देने का आरोप लगाया है। सुपरटेक का कहना है कि जमीन आवंटन के बाद किसानों ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया। इसके बाद यमुना प्राधिकरण ने काम भी रोक दिया। अभी भी करीब 50 प्रतिशत जमीन विवादित है। इसी परियोजना में खरीदारों के 31 करोड़ रुपये के बकाये के मामले में रिकवरी सर्टिफिककेट (आरसी) जारी की गई थी। आरसी की वसूली के लिए सुपरटेक के चेयरमैन आरके अरोड़ा को सोमवार को हिरासत में ले लिया गया था। लेकिन बाद में छोड़ दिया गया।
सुपरटेक की ओर से बताया गया है कि जिला प्रशासन ने बीते सोमवार को ग्रुप के चेयरमैन आरके अरोड़ा को गोल्फ कंट्री परियोजना के लंबित रिकवरी से संबंधित मुद्दों पर कार्यालय बुलाया था। इस बाबत चेयरमैन आरके अरोड़ा का कहना है कि यमुना प्राधिकरण की ओर से कंपनी को 414185 वर्गमीटर जमीन का आवंटन किया गया था। इस जमीन के प्लान को यमुना प्राधिकरण से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण का काम शुरू कर दिया गया था। लेकिन किसानों ने इस जमीन पर हाईकोर्ट का स्टे ले लिया था। इस संबंध में यमुना प्राधिकरण ने 9 जुलाई 2015 के ऑर्डर में निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया था। इसका अर्थ यह है कि सुपरटेक को कभी भी पूरी जमीन नहीं दी गई।
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किसानों के विरोध के चलते नहीं हुआ काम:
अरोड़ा का कहना है कि किसानों के विरोध के कारण निर्माण का काम भी नहीं हो रहा है। बीते 12 साल से कंपनी यीडा से जमीन दिलाने का अनुरोध कर रही है। लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। इस संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक रीट याचिका भी लंबित है। जिसमें प्राधिकरण ने मामले को विवादित होना स्वीकार किया है। इसका परिणाम यह हुआ कि निर्माण नहीं होने की वजह से घर खरीदारों ने यूपी रेरा में शिकायत की और रेरा ने रिफंड का आदेश दे दिया। खरीदारों की सारी पूंजी या तो निर्माण में लग गई या फिर यीडा को लैंड ड्यूज के रूप में दी गई। अब यीडा, रेरा और प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि आरसी वसूली की प्रक्रिया रोकी जाए। वहीं हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एटीएस डेवलपर के मामले में एक आदेश दिया है कि जमीन का पूरा कब्जा दिलाना प्राधिकरण का काम है।
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