फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Fraud on the pretext of OSD of BJP national president, two arrested

लखनऊ सहित सभी केंद्र: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का ओएसडी बताकर ठगी, दो गिरफ्तार

Tue, 16 May 2023 07:20 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 16 May 2023 07:20 PM IST
विज्ञापन
Fraud on the pretext of OSD of BJP national president, two arrested
पार्टी फंड और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए नाम की सिफारिश करने के नाम पर ऐंठते थे पैसे
विज्ञापन

---------------
01 करोड़ ठगे कई नेताओं, अधिकारियों और कार्यकर्ताओं से
55 फर्जी विजिटिंग कार्ड ओएसडी के नाम के बरामद किए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मध्य जिला साइबर सेल ने खुद को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का ओएसडी बताकर ठगने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने भाजपा के कई नेताओं, अधिकारियों और कार्यकर्ताओं से करीब एक करोड़ ठग लिए। इनके कब्जे से पुलिस ने लैैपटॉप, तीन मोबाइल फोन, चार सिम और ओएसडी के नाम के 55 फर्जी विजिटिंग कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव घरोली, मयूर विहार फेज-3 निवासी प्रवीण कुमार (19) और गोमती नगर लखनऊ निवासी पीयूष कुमार श्रीवास्तव (34) के रूप में हुई है। प्रवीण 12वीं तक पढ़ा लिखा है, जबकि पीयूष एमबीए कर चुका है। पीयूष फर्जी विजिटिंग कार्ड का इस्तेमाल कर खुद को राष्ट्रीय अध्यक्ष का ओएसडी बताता था। 9 मई को भाजपा मुख्यालय के पदाधिकारी की ओर से साइबर सेल में ठगी की शिकायत की गई। इसमें आरोप लगाया गया कि कुछ लोग खुद को भाजपा पदाधिकारी बताकर विभिन्न राज्यों में पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं, सरकारी अधिकारियों आदि से धोखाधड़ी कर रहे हैं। आरोपी खुद को केंद्रीय कार्यालय से जुड़ा भाजपा पदाधिकारी बता रहे हैं। शिकायत में आरोपियों के बारे में कुछ साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे गए। शिकायत पर प्रारंभिक जांच के बाद साइबर सेल ने मामला दर्ज कर लिया। निरीक्षक केपी सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित कर पुलिस ने जांच शुरू की।
विज्ञापन

पुलिस ने ठेकेदार बनकर आरोपी को जाल में फंसाया
पुलिस ने मोबाइल सेवा प्रदाताओं से सीडीआर और नंबर के उपभोक्ता की जानकारी हासिल की। इससे पता चला कि प्रवीण कुमार घरौली में रहता है, लेकिन उसके वास्तविक पते की जानकारी पुलिस को नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी से मिलने के लिए एक योजना तैयार की। एक पुलिसकर्मी को ठेकेदार बनाकर संपर्क करवाया गया। आरोपी से ठेका दिलवाने में मदद करने के लिए कहा गया। आरोपी मयूर विहार इलाके में ठेकेदार बनकर फोन करने वाले से मिलने के लिए राजी हो गया। बताए समय पर पुलिस ने घेराबंदी कर दी। प्रवीण के वहां पहुंचते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

ठगी की रकम सट्टे पर कर रहे थे खर्च

प्रवीण ने पूछताछ में बताया कि वह इंटरनेट से नेताओं और पार्टी के पदाधिकारियों का विवरण लेता था। इसके बाद उत्तर-पूर्वी राज्यों के कई नेताओं के संपर्क में आया। खुद को केंद्रीय कार्यालय में पदाधिकारी बताकर उनके साथ घनिष्ठता कर ली। वह उनसे पार्टी फंड के नाम पर और कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए सिफारिश करने के नाम पर ठगता है। इसके एवज में उनसे होटल बुकिंग, हवाई यात्रा के टिकट और अन्य खर्चों के पैसे लेता था। इन नेताओं को प्रभावित करने के लिए वह पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ जाने-माने नेताओं के साथ अपनी फोटो का इस्तेमाल करता था। इस तरह से आरोपी ने कई नेताओं, अधिकारी और ठेकेदार से लाखों रुपये ठग लिए। उसने बताया कि ठगी के पैसे को वह सट्टेबाजी और विलासितापूर्ण जीवन शैली में खर्च करते थे।

फर्जी ओएसडी ने गेल से ऐंठे 45 लाख रुपये
पुलिस ने एक अन्य मोबाइल नंबर के जरिए दूसरे जालसाज को गिरफ्तार किया। दूसरा मोबाइल नंबर लखनऊ निवासी पीयूष कुमार श्रीवास्तव का था। पुलिस टीम लखनऊ जाकर पीयूष के बारे में स्थानीय स्तर पर पूछताछ की और विवरण एकत्र किया। पुलिस टीम ने उससे व्यवसायी बनकर संपर्क किया। जब आरोपी पुलिस टीम से मिलने आया तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से वह मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया जिसका इस्तेमाल कर वह खुद को ओएसडी बताकर लोगों को धोखा दे रहा था। आरोपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के ओएसडी के नाम से विजिटिंग कार्ड का भी इस्तेमाल कर रहा था। जांच में पता चला कि उसने एक एनजीओ (भारतीय इनक्लूसिव डेवलपमेंट फाउंडेशन) को पंजीकृत किया हुआ है। वह निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व का लाभ लेने के लिए गेल, सेल, ओएनजीसी, बीएचईएल, आईआरसीटीसी जैसी सरकारी कंपनियों के विभिन्न उच्चाधिकारियों को व्हाट्स एप के माध्यम से फर्जी विजिटिंग कार्ड की कॉपी भेजता था। इसके जरिए वह गेल से 45 लाख रुपये ले चुका था। आरोपी इसी तरीके का इस्तेमाल कर और पैसा कमाना चाहता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed