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Noida News: नए सचिवालय के लिए चार स्थानों पर विचार
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राजघाट थर्मल पावर प्लांट की जमीन सबसे उपयुक्त मानी जा रही
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार नया सचिवालय बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है जहां सभी विभाग एक ही छत के नीचे काम कर सकेंगे। इसके लिए राजघाट थर्मल पावर प्लांट, खैबर पास, आईटीओ एमएसओ बिल्डिंग और विश्व स्वास्थ्य संगठन भवन के पास स्थित इंद्रप्रस्थ एस्टेट को संभावित स्थानों के रूप में देखा जा रहा है।
राजघाट थर्मल पावर प्लांट की जमीन सबसे उपयुक्त मानी जा रही है। यह पावर प्लांट करीब 10 साल से बंद है। यहां करीब 18 एकड़ का क्षेत्र उपलब्ध है। यहां सिविक सेंटर जैसी ऊंची इमारत बनाई जा सकती है और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर निर्माण कर लागत भी वसूली जा सकती है। अधिकारियों के अनुसार, पावर प्लांट की 70 फीसदी जमीन सरकार व बाकी डीडीए के पास है। वहीं खैबर पास (सिविल लाइंस, विधानसभा के पास), आईटीओ और डब्ल्यूएचओ बिल्डिंग के पास स्थित इंद्रप्रस्थ एस्टेट भी सूची में शामिल हैं।
आईटीओ क्षेत्र में एमएसओ और ट्रेड एंड टैक्स बिल्डिंग के साथ विकास भवन दिल्ली सरकार के अंतर्गत आते हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में घोषणा की थी कि सरकार नया सचिवालय बनाने के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करेगी। वर्तमान में मुख्यमंत्री, मंत्री और शीर्ष अधिकारी इंद्रप्रस्थ एस्टेट स्थित सचिवालय बैठते हैं। वर्ष 2023 में पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट में इसे भूकंपरोधी मानकों के लिहाज से असुरक्षित पाया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार नया सचिवालय बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है जहां सभी विभाग एक ही छत के नीचे काम कर सकेंगे। इसके लिए राजघाट थर्मल पावर प्लांट, खैबर पास, आईटीओ एमएसओ बिल्डिंग और विश्व स्वास्थ्य संगठन भवन के पास स्थित इंद्रप्रस्थ एस्टेट को संभावित स्थानों के रूप में देखा जा रहा है।
राजघाट थर्मल पावर प्लांट की जमीन सबसे उपयुक्त मानी जा रही है। यह पावर प्लांट करीब 10 साल से बंद है। यहां करीब 18 एकड़ का क्षेत्र उपलब्ध है। यहां सिविक सेंटर जैसी ऊंची इमारत बनाई जा सकती है और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर निर्माण कर लागत भी वसूली जा सकती है। अधिकारियों के अनुसार, पावर प्लांट की 70 फीसदी जमीन सरकार व बाकी डीडीए के पास है। वहीं खैबर पास (सिविल लाइंस, विधानसभा के पास), आईटीओ और डब्ल्यूएचओ बिल्डिंग के पास स्थित इंद्रप्रस्थ एस्टेट भी सूची में शामिल हैं।
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आईटीओ क्षेत्र में एमएसओ और ट्रेड एंड टैक्स बिल्डिंग के साथ विकास भवन दिल्ली सरकार के अंतर्गत आते हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में घोषणा की थी कि सरकार नया सचिवालय बनाने के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करेगी। वर्तमान में मुख्यमंत्री, मंत्री और शीर्ष अधिकारी इंद्रप्रस्थ एस्टेट स्थित सचिवालय बैठते हैं। वर्ष 2023 में पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट में इसे भूकंपरोधी मानकों के लिहाज से असुरक्षित पाया गया है।
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