{"_id":"686d4449db0a176d970a4c85","slug":"four-drug-smugglers-including-ssb-jawan-and-lab-technician-arrested-grnoida-news-c-23-1-lko1064-67575-2025-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: एसएसबी जवान और लैब टेक्नीशियन समेत चार ड्रग्स तस्कर दबोचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: एसएसबी जवान और लैब टेक्नीशियन समेत चार ड्रग्स तस्कर दबोचे
विज्ञापन
आरोपियों के पास से 25 लाख रुपये का ड्रग्स बरामद,
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गुर्जरपुर रेलवे अंडरपास के पास स्थित कच्चे रास्ते के पास से मंगलवार को चार ड्रग्स तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) का जवान और लैब टेक्नीशियन भी शामिल है। आरोपियों के कब्जे से 600 ग्राम ड्रग्स बरामद की है। जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान खुर्शेदपुरा जारचा के रोहित कुमार, कृष्ण, लवकुश तेवतिया व वीरपुरा जारचा के नकुल के रूप में हुई हैं। आरोपी रोहित कुमार एसएसबी जवान है।
पुलिस को पिछले कई दिन से नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत स्थित कॉलेजों में छात्रों को ड्रग्स की सप्लाई करने की शिकायत मिल रही थी। इसके बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने ग्राहक बनकर उनसे संपर्क किया। आरोपियों ने गुर्जरपुर रेलवे अंडरपास के पास ड्रग्स की डिलीवरी के लिए पुलिस को बुलाया। आरोपी जैसे ही डिलीवरी देने के लिए पहुंचे, तो पहले से घात लगाए बैठी पुलिस ने उन्हें ड्रग्स सहित दबोच लिया।
जवान छुट्टी लेकर आया था घर
आरोपी रोहित एसएसबी में जवान है। वह पैर टूटने की बात कहकर छुट्टी लेकर घर आया था। नकुल एनआईईटी कॉलेज में लैब टेक्नीशियन है जबकि लवकुश तेवतिया का जारता में साइबर कैफे है। वहीं कृष्ण गांव में ही खेती करता है। नकुल का ड्रग्स का सेवन करने वाले छात्रों से परिचय है। वह ग्राहकों को ढूंढने में मदद करता था। आरोपी इसके बाद अपने दो साथियों कृष्ण और लवकुश को ग्राहकों सप्लाई के लिए भेजते थे। एक ग्राम ड्रग्स को करीब चार से पांच हजार रुपये में बेचा जाता था। प्रतिदिन 100 ग्राम बेचते थे। इस कारण इन प्रतिदिन की कमाई लाखों में थी। गिरोह पिछले साढ़े तीन साल से सक्रिय था। अबतक सैकड़ों लोगों को ड्रग्स की सप्लाई यह लोग कर चुके हैं। सभी आरोपी जारचा के रहने वाले हैं। इस कारण बचपन से एक दूसरे से परिचित थे। ड्रग्स एसएसबी जवान ही जम्मू-कश्मीर के बार्डर क्षेत्र के इलाके से लाता था।
विज्ञापन
-- -- --
आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी ड्रग्स कहां से लाते थे, इसका पता लगाया जा रहा। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। - सुधीर कुमार, एडिशनल डीसीपी, ग्रेटर नोएडा
-- --
छात्रों को निशाना बना रहे तस्कर
शिक्षा का हब कहे जाने वाले नॉलेज पार्क में करीब 100 छोटे बड़े स्कूल, कॉलेज हैं। यहां 50 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। बड़ी संख्या में हॉस्टल भी बने हैं। इस कारण ड्रग्स, गांजा तस्कर यहां सक्रिय है। तस्कर पान की गुमटी, रेहड़ी-पटरी लगाने वालों के माध्यम से छात्रों को अपना निशाना बनाते हैं। वहीं पूर्व छात्र के अलावा हाउसकीपिंग, पैंट्री, सुरक्षा गार्ड भी कम समय में अधिक मुनाफे के लिए तस्करों से हाथ मिलाकर छात्रों तक गांजे और ड्रग्स की सप्लाई पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। गिरोह में नशे का सेवन करने वाले छात्र भी शामिल हैं। पूर्व में पुलिस कई गिरोह को गिरफ्तार कर चुकी है जिसमें छात्र भी शामिल मिले हैं। आरोपी ऑनलाइन के साथ ही ऑफलाइन तरीके से तस्करी कर रहे हैं। बकायदा शातिराना तरीके से ग्रुप बनाकर मादक पदार्थों की सप्लाई की जाती है। गिरोह मोबाइल पर ऑर्डर लेने के बाद वॉट्सएप पर लोकेशन मंगाते हैं। इसके बाद ई कॉमर्स कंपनी के लिफाफे और पॉलिथीन में पैक कर चरस और गांजा पहुंचाते हैं। ऑनलाइन डिलीवरी भी की जाती है। इसके लिए बाइक टैक्सी, ऑनलाइन सामान ट्रांसपोर्ट करने वाली कंपनियों की मदद ली जाती है।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गुर्जरपुर रेलवे अंडरपास के पास स्थित कच्चे रास्ते के पास से मंगलवार को चार ड्रग्स तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) का जवान और लैब टेक्नीशियन भी शामिल है। आरोपियों के कब्जे से 600 ग्राम ड्रग्स बरामद की है। जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान खुर्शेदपुरा जारचा के रोहित कुमार, कृष्ण, लवकुश तेवतिया व वीरपुरा जारचा के नकुल के रूप में हुई हैं। आरोपी रोहित कुमार एसएसबी जवान है।
पुलिस को पिछले कई दिन से नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत स्थित कॉलेजों में छात्रों को ड्रग्स की सप्लाई करने की शिकायत मिल रही थी। इसके बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने ग्राहक बनकर उनसे संपर्क किया। आरोपियों ने गुर्जरपुर रेलवे अंडरपास के पास ड्रग्स की डिलीवरी के लिए पुलिस को बुलाया। आरोपी जैसे ही डिलीवरी देने के लिए पहुंचे, तो पहले से घात लगाए बैठी पुलिस ने उन्हें ड्रग्स सहित दबोच लिया।
विज्ञापन
जवान छुट्टी लेकर आया था घर
आरोपी रोहित एसएसबी में जवान है। वह पैर टूटने की बात कहकर छुट्टी लेकर घर आया था। नकुल एनआईईटी कॉलेज में लैब टेक्नीशियन है जबकि लवकुश तेवतिया का जारता में साइबर कैफे है। वहीं कृष्ण गांव में ही खेती करता है। नकुल का ड्रग्स का सेवन करने वाले छात्रों से परिचय है। वह ग्राहकों को ढूंढने में मदद करता था। आरोपी इसके बाद अपने दो साथियों कृष्ण और लवकुश को ग्राहकों सप्लाई के लिए भेजते थे। एक ग्राम ड्रग्स को करीब चार से पांच हजार रुपये में बेचा जाता था। प्रतिदिन 100 ग्राम बेचते थे। इस कारण इन प्रतिदिन की कमाई लाखों में थी। गिरोह पिछले साढ़े तीन साल से सक्रिय था। अबतक सैकड़ों लोगों को ड्रग्स की सप्लाई यह लोग कर चुके हैं। सभी आरोपी जारचा के रहने वाले हैं। इस कारण बचपन से एक दूसरे से परिचित थे। ड्रग्स एसएसबी जवान ही जम्मू-कश्मीर के बार्डर क्षेत्र के इलाके से लाता था।
विज्ञापन
आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी ड्रग्स कहां से लाते थे, इसका पता लगाया जा रहा। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। - सुधीर कुमार, एडिशनल डीसीपी, ग्रेटर नोएडा
छात्रों को निशाना बना रहे तस्कर
शिक्षा का हब कहे जाने वाले नॉलेज पार्क में करीब 100 छोटे बड़े स्कूल, कॉलेज हैं। यहां 50 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। बड़ी संख्या में हॉस्टल भी बने हैं। इस कारण ड्रग्स, गांजा तस्कर यहां सक्रिय है। तस्कर पान की गुमटी, रेहड़ी-पटरी लगाने वालों के माध्यम से छात्रों को अपना निशाना बनाते हैं। वहीं पूर्व छात्र के अलावा हाउसकीपिंग, पैंट्री, सुरक्षा गार्ड भी कम समय में अधिक मुनाफे के लिए तस्करों से हाथ मिलाकर छात्रों तक गांजे और ड्रग्स की सप्लाई पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। गिरोह में नशे का सेवन करने वाले छात्र भी शामिल हैं। पूर्व में पुलिस कई गिरोह को गिरफ्तार कर चुकी है जिसमें छात्र भी शामिल मिले हैं। आरोपी ऑनलाइन के साथ ही ऑफलाइन तरीके से तस्करी कर रहे हैं। बकायदा शातिराना तरीके से ग्रुप बनाकर मादक पदार्थों की सप्लाई की जाती है। गिरोह मोबाइल पर ऑर्डर लेने के बाद वॉट्सएप पर लोकेशन मंगाते हैं। इसके बाद ई कॉमर्स कंपनी के लिफाफे और पॉलिथीन में पैक कर चरस और गांजा पहुंचाते हैं। ऑनलाइन डिलीवरी भी की जाती है। इसके लिए बाइक टैक्सी, ऑनलाइन सामान ट्रांसपोर्ट करने वाली कंपनियों की मदद ली जाती है।