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25 लाख के मोबाइल चोरी में पड़ोसी दुकान के कर्मी समेत चार गिरफ्तार
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ग्रेटर नोएडा। कासना थाना क्षेत्र में दुकान से 25 लाख के मोबाइल चुराने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने पड़ोस की मिठाई की दुकान पर काम करने कर्मचारी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 15 लाख रुपये के 112 मोबाइल बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान आगरा निवासी आनंद, हीरा सिंह व घनश्याम और जेवर निवासी संजीव के रूप में हुई। आनंद मिठाई की दुकान में काम करता था और संजीव चालक है, जबकि वारदात के मास्टरमाइंड इंद्रपाल को चोरी के अगले दिन ही आगरा पुलिस ने गैंगस्टर केस में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
एडीसीपी विशाल पांडेय ने बताया कि आरोपियों ने 31 मई को कासना बस स्टैंड के पास मोबाइल की दुकान का शटर काटकर 25 लाख रुपये के मोबाइल चुरा लिए थे। दुकान मालिक यतेंद्र कुमार ने केस दर्ज कराया था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को सूरजपुर स्थित साइट-4 से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इंद्रपाल के इशारे पर आरोपियों ने वारदात की थी। आरोपी ने ही मोबाइल खपाने की जिम्मेदारी ली थी। अब पुलिस इंद्रपाल को रिमांड पर लेकर अन्य मोबाइल बरामद करने का प्रयास करेगी।
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वहीं, चोरी के लिए इंद्रपाल ने आनंद से रेकी करवाई थी। वारदात के बाद बिना बताए आनंद ने काम पर आना बंद कर दिया था। इससे पुलिस को उस पर शक हुआ और गहनता से जांच शुरू कर दी गई। डीसीपी ग्रेनो जोन मीनाक्षी कात्यान ने वारदात का खुलासा करने वाली टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
गड्ढे में दबा दिए थे मोबाइल
पकड़े गए आरोपी एक दूसरे के पड़ोसी या फिर रिश्तेदार हैं। आरोपियों ने वारदात के बाद मोबाइल बांट लिए थे। आरोपियों ने परिजनों की मदद से चोरी के मोबाइल गड्ढे में दबा दिए थे। इसके बाद बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश में जुटे थे। पकड़े गए आरोपी अलग-अलग जगह काम करते हैं और पहले कई जगह काम कर छोड़ भी चुके हैं।
नहीं कराया था सत्यापन
सीसीटीवी में आरोपी कैद हो गए थे। जांच में पता चला है कि आनंद व अन्य आरोपी आरोपियों का उनके मालिकों ने सत्यापन नहीं कराया था। इससे पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में पहचान होने के बाद भी परेशानी हुई। पुलिस ने खुलासे के बाद व्यापारियों संग बैठक की और निर्देश दिए कि सुरक्षा बढ़ाने के लिए मार्केट में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाए। साथ ही, सभी कर्मचारियों का सत्यापन कराया जाए।
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पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान आगरा निवासी आनंद, हीरा सिंह व घनश्याम और जेवर निवासी संजीव के रूप में हुई। आनंद मिठाई की दुकान में काम करता था और संजीव चालक है, जबकि वारदात के मास्टरमाइंड इंद्रपाल को चोरी के अगले दिन ही आगरा पुलिस ने गैंगस्टर केस में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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एडीसीपी विशाल पांडेय ने बताया कि आरोपियों ने 31 मई को कासना बस स्टैंड के पास मोबाइल की दुकान का शटर काटकर 25 लाख रुपये के मोबाइल चुरा लिए थे। दुकान मालिक यतेंद्र कुमार ने केस दर्ज कराया था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को सूरजपुर स्थित साइट-4 से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इंद्रपाल के इशारे पर आरोपियों ने वारदात की थी। आरोपी ने ही मोबाइल खपाने की जिम्मेदारी ली थी। अब पुलिस इंद्रपाल को रिमांड पर लेकर अन्य मोबाइल बरामद करने का प्रयास करेगी।
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वहीं, चोरी के लिए इंद्रपाल ने आनंद से रेकी करवाई थी। वारदात के बाद बिना बताए आनंद ने काम पर आना बंद कर दिया था। इससे पुलिस को उस पर शक हुआ और गहनता से जांच शुरू कर दी गई। डीसीपी ग्रेनो जोन मीनाक्षी कात्यान ने वारदात का खुलासा करने वाली टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
गड्ढे में दबा दिए थे मोबाइल
पकड़े गए आरोपी एक दूसरे के पड़ोसी या फिर रिश्तेदार हैं। आरोपियों ने वारदात के बाद मोबाइल बांट लिए थे। आरोपियों ने परिजनों की मदद से चोरी के मोबाइल गड्ढे में दबा दिए थे। इसके बाद बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश में जुटे थे। पकड़े गए आरोपी अलग-अलग जगह काम करते हैं और पहले कई जगह काम कर छोड़ भी चुके हैं।
नहीं कराया था सत्यापन
सीसीटीवी में आरोपी कैद हो गए थे। जांच में पता चला है कि आनंद व अन्य आरोपी आरोपियों का उनके मालिकों ने सत्यापन नहीं कराया था। इससे पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में पहचान होने के बाद भी परेशानी हुई। पुलिस ने खुलासे के बाद व्यापारियों संग बैठक की और निर्देश दिए कि सुरक्षा बढ़ाने के लिए मार्केट में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाए। साथ ही, सभी कर्मचारियों का सत्यापन कराया जाए।