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मुकदमा वापस ले किसान, तब मिलेगा मुआवजा
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मुकदमा वापस लें किसान, तब मिलेगा मुआवजा
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण में किसानों को 64.7 प्रतिशत का अतिरिक्त मुआवजा मुकदमे वापस लेने के बाद ही मिलेगा। सरकार के शासनादेश के चलते प्राधिकरण ने नीति स्पष्ट कर दी है। केवल उन्हीं किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है, जिनकी जमीन किसी प्रोजेक्ट में आ रही हैं। यह अतिरिक्त मुआवजा आवंटी से लेकर दिया जा रहा है।
बता दें कि यमुना प्राधिकरण के किसान अतिरिक्त मुआवजा को लेकर आंदोलनरत हैं। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में जमीनों को लेकर किसानों की करीब 700 याचिकाएं अदालत में लंबित हैं। इसी वजह से किसानों को अतिरिक्त मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। 2014 में प्रदेश सरकार ने आदेश जारी किया कि जब तक किसी गांव के 100 प्रतिशत किसान मुकदमे वापस नहीं लेंगे, तब तक अतिरिक्त मुआवजा नहीं देंगे। 2016 में नरमी बरतते हुए 80 प्रतिशत मुकदमे वापसी पर यह पैसा देने के लिए कहा गया। 2018 में एक और शासनादेश जारी हुआ। इसमें बताया गया कि अगर किसी अटके प्रोजेक्ट के चक में किसानों की जमीन आ रही है और उन्होंने मुकदमा वापस ले लिया है तो अतिरिक्त मुआवजा मिल सकता है। यमुना प्राधिकरण ने इसी आधार पर अब तक 1617 करोड़ रुपये अतिरिक्त मुआवजे में बांटे हैं। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि अगर किसान मुकदमा वापस लेते हैं तो अतिरिक्त मुआवजा दे दिया जाएगा। शासनादेश के अनुसार पैसा बांटा जाएगा। अगर किसी चक में किसान की जमीन आती है तो उसे भी पैसा दिया जा रहा है।
इन गांवों की याचिकाएं लंबित
अच्छेजा गावं में 12, अट्टा गुजरान में 13, भट्टा में 16, दनकौर में 40, धनौरी में 20, जगनुपर-अफजलपुर में 20, खेरली भाव में 34, मोहम्मदपुर गूजर में 7 याचिकाएं अदालत में लंबित हैं। इसी तरह मूछखेड़ा में 31, मिर्जापुर में 37, निलौनी शाहपुर में 21, पारसौल में 45, रबूपुरा में 6, रामपुर बांगर में 20, रौनीजा में 16, सलारपुर में 36, फतेहपुर अट्टा में 12, औरंगपुर में 17 व उस्मानपुर में 8 मुकदमे लंबित पड़े हैं।
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ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण में किसानों को 64.7 प्रतिशत का अतिरिक्त मुआवजा मुकदमे वापस लेने के बाद ही मिलेगा। सरकार के शासनादेश के चलते प्राधिकरण ने नीति स्पष्ट कर दी है। केवल उन्हीं किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है, जिनकी जमीन किसी प्रोजेक्ट में आ रही हैं। यह अतिरिक्त मुआवजा आवंटी से लेकर दिया जा रहा है।
बता दें कि यमुना प्राधिकरण के किसान अतिरिक्त मुआवजा को लेकर आंदोलनरत हैं। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में जमीनों को लेकर किसानों की करीब 700 याचिकाएं अदालत में लंबित हैं। इसी वजह से किसानों को अतिरिक्त मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। 2014 में प्रदेश सरकार ने आदेश जारी किया कि जब तक किसी गांव के 100 प्रतिशत किसान मुकदमे वापस नहीं लेंगे, तब तक अतिरिक्त मुआवजा नहीं देंगे। 2016 में नरमी बरतते हुए 80 प्रतिशत मुकदमे वापसी पर यह पैसा देने के लिए कहा गया। 2018 में एक और शासनादेश जारी हुआ। इसमें बताया गया कि अगर किसी अटके प्रोजेक्ट के चक में किसानों की जमीन आ रही है और उन्होंने मुकदमा वापस ले लिया है तो अतिरिक्त मुआवजा मिल सकता है। यमुना प्राधिकरण ने इसी आधार पर अब तक 1617 करोड़ रुपये अतिरिक्त मुआवजे में बांटे हैं। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि अगर किसान मुकदमा वापस लेते हैं तो अतिरिक्त मुआवजा दे दिया जाएगा। शासनादेश के अनुसार पैसा बांटा जाएगा। अगर किसी चक में किसान की जमीन आती है तो उसे भी पैसा दिया जा रहा है।
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इन गांवों की याचिकाएं लंबित
अच्छेजा गावं में 12, अट्टा गुजरान में 13, भट्टा में 16, दनकौर में 40, धनौरी में 20, जगनुपर-अफजलपुर में 20, खेरली भाव में 34, मोहम्मदपुर गूजर में 7 याचिकाएं अदालत में लंबित हैं। इसी तरह मूछखेड़ा में 31, मिर्जापुर में 37, निलौनी शाहपुर में 21, पारसौल में 45, रबूपुरा में 6, रामपुर बांगर में 20, रौनीजा में 16, सलारपुर में 36, फतेहपुर अट्टा में 12, औरंगपुर में 17 व उस्मानपुर में 8 मुकदमे लंबित पड़े हैं।
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