{"_id":"62549368c386eb18f246450f","slug":"former-senior-manager-of-greno-authority-suspended-noida-news-noi642399250","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रेनो प्राधिकरण की पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रेनो प्राधिकरण की पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक निलंबित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक (नियोजन विभाग) निमिषा शर्मा को वर्ष 2018 के एक भूआवंटन मामले में शासन ने गैर जिम्मेदार और लापरवाह मानते हुए निलंबित कर दिया है। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) कानपुर में संप्रति उप महाप्रबंधक (नियोजन) के रूप में तैनात थी। संयुक्त सचिव अनिल कुमार ने इनके निलंबन का आदेश सोमवार को जारी किया है।
वर्ष 2018 में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में वरिष्ठ प्रबंधक (नियोजन) के पद पर निमिषा शर्मा तैनात थी। उस दौरान प्राधिकरण के औद्योगिक क्षेत्र में भूखंडों की योजना में विशाल इंजीनियरिंग वर्क्स को ईकोटेक-3 क्षेत्र में भूखंड संख्या-340 में 450 वर्गमीटर का भूखंड आवंटन हुआ था। शासन की ओर से प्रथम दृष्टया की गई जांच में सामने आया कि ले आउट में दिखाया गया भूखंड मौके पर मौजूद ही नहीं था। इसका मतलब यह हुआ कि ले आउट से बाहर ही प्लाट लगा दिया गया। आरोप है कि आवंटन के लिए जो समिति गठित की गई थी उसमें निमिषा शर्मा शामिल थीं।
भूखंड आवंटन से पहले यह सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य था कि यह भूखंड अस्तित्व में है या नहीं, लेकिन इसकी मौके पर जांच नहीं की गई। इससे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की छवि धूमिल हुई है। शासन की ओर से इस मामले में उन्हें जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। इसलिए तत्काल प्रभाव से निमिषा शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। वह इस दौरान यूपीसीडा से संबद्ध रहेंगी। उधर, इस कार्रवाई से तीनों प्राधिकरणों के अधिकारियों में अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। अधिकारियों द्वारा एक दूसरे से प्रकरण की जानकारी ली जा रही है और आपस में संभल कर काम करने की हिदायत भी दी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि यदि इस मामले में और गहराई से जांच की जाएगी और अन्य कई अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्ष 2018 में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में वरिष्ठ प्रबंधक (नियोजन) के पद पर निमिषा शर्मा तैनात थी। उस दौरान प्राधिकरण के औद्योगिक क्षेत्र में भूखंडों की योजना में विशाल इंजीनियरिंग वर्क्स को ईकोटेक-3 क्षेत्र में भूखंड संख्या-340 में 450 वर्गमीटर का भूखंड आवंटन हुआ था। शासन की ओर से प्रथम दृष्टया की गई जांच में सामने आया कि ले आउट में दिखाया गया भूखंड मौके पर मौजूद ही नहीं था। इसका मतलब यह हुआ कि ले आउट से बाहर ही प्लाट लगा दिया गया। आरोप है कि आवंटन के लिए जो समिति गठित की गई थी उसमें निमिषा शर्मा शामिल थीं।
विज्ञापन
भूखंड आवंटन से पहले यह सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य था कि यह भूखंड अस्तित्व में है या नहीं, लेकिन इसकी मौके पर जांच नहीं की गई। इससे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की छवि धूमिल हुई है। शासन की ओर से इस मामले में उन्हें जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। इसलिए तत्काल प्रभाव से निमिषा शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। वह इस दौरान यूपीसीडा से संबद्ध रहेंगी। उधर, इस कार्रवाई से तीनों प्राधिकरणों के अधिकारियों में अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। अधिकारियों द्वारा एक दूसरे से प्रकरण की जानकारी ली जा रही है और आपस में संभल कर काम करने की हिदायत भी दी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि यदि इस मामले में और गहराई से जांच की जाएगी और अन्य कई अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।
विज्ञापन