FONRWA Elections: अध्यक्ष की कुर्सी पर तीसरी बार योगेंद्र शर्मा का कब्जा, राजीव गर्ग को 89 मतों से दी मात
अध्यक्ष राजीव गर्ग- 66, महासचिव सुखदेव शर्मा को 84 मत एवं कोधाध्यक्ष के लिए ओमवीर सिंह बंसल को 75 मत मिले। वरिष्ठ उपाध्यक्ष के लिए ओपी यादव को 83, जेपी उप्पल 95, अनिल कुमार सिंह 89, विजय कुमार राणा 71 मत मिले।
विस्तार
फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवा) में इस बार योगेंद्र शर्मा ने 155 वोट हासिल कर बाजी मार ली है। उन्होंने राजीव गर्ग को 89 वोटों से हरा दिया। सुबह शुरू हुई मतदान प्रक्रिया रात करीब सात बजे तक जारी रही। सभी पदाधिकारी योगेंद्र शर्मा पैनल से ही चुने गए हैं। फोनरवा चुनाव के 21 पदों के लिए 225 सदस्यों ने मतदान किया।
अध्यक्ष - योगेंद्र शर्मा -155
महासचिव - के के जैन-130
कोषाध्यक्ष -पवन यादव 143
वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक मिश्रा -151
वरिष्ठ उपाध्यक्ष -विजय भाटी -115
वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह चौहान 122
वरिष्ठ उपाध्यक्ष - सुशील यादव-122
उपाध्यक्ष - अशोक शर्मा 141
उपाध्यक्ष प्रदीप वोहरा 144
उपाध्यक्ष -लाट साहब लोहिया 145
उपाध्यक्ष -संजय चौहान 136
सह कोषाध्यक्ष- भूषण शर्मा 137
विधि सचिव - उमाशंकर शर्मा 144
सचिव - विनोद शर्मा 132
सचिव - सुखवीर 124
सचिव -देवेंद्र। 142
सचिव -जीएस सचदेवा 130
संयुक्त सचिव -शुशील शर्मा 137
संयुक्त सचिव -कोशिन्दर यादव। 149
संयुक्त सचिव - ह्रदयेश। 129
संयुक्त सचिव - राजेश सिंह 122
निर्दलीय महासिचव के लिए लड़ रहे राजीव चौधरी को महज छह वोट मिले।
राजीव गर्ग पैनल के प्रत्यासी
अध्यक्ष राजीव गर्ग- 66, महासचिव सुखदेव शर्मा को 84 मत एवं कोधाध्यक्ष के लिए ओमवीर सिंह बंसल को 75 मत मिले। वरिष्ठ उपाध्यक्ष के लिए ओपी यादव को 83, जेपी उप्पल 95, अनिल कुमार सिंह 89, विजय कुमार राणा 71 मत मिले। वहीं उपाध्यक्ष के लिए रामेश्वर यादव 89, कन्हैया अवाना 62 , विद्यासागर 60, पुष्पा शाह 74 एवं लीगल सचिव के लिए लक्ष्मी नारायण को 70 और सचिव के लिए अनीता 76, जगदीश यादव 85, अनिल कुमार चौहान 77, सुभाष चौहान 90, सह सचिव के लिए गौरव यादव 91, नरोत्तम शर्मा 89, हीरालाल गुप्ता 65, दिगंबर नौटियाल को 62 मत एवं सह कोषाध्यक्ष में पुनीत शुक्ला को 84 मत मिले।
दिनभर चर्चा में रहे अशोक मिश्रा
फोनरवा चुनाव में योगेन्द्र शर्मा पैनल के वरिष्ट उपाध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ रहे अशोक मिश्रा रविवार को चर्चा में रहे। फोनरवा में पिछले दो बार से कोषाध्यक्ष रहे अशोक के मधुर व्यवहार और आरडब्ल्यूए में लोकप्रियता देखते हुए इस बार उनका कद बढ़ाते हुए वरिष्ट उपाध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ाया गया और जीत दर्ज कर उन्होने वरिष्ट उपाध्यक्ष में सबसे ज्यादा 151 मत पाकर अपनी लोकप्रियता को साबित किया। फोनरवा में जीत के बाद चर्चा रही कि जल्द ही उन्हे भाजपा में बड़े पद पर भी जिम्मेदारी मिल सकती है।