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UP: एप डाउनलोड करा लोन दिलाने का झांसा, फिर बनाते आपत्तिजनक फोटाे, ब्लैकमेलिंग गिरोह के पांच आरोपी गिरफ्तार

Sat, 06 Sep 2025 02:47 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Sat, 06 Sep 2025 02:47 AM IST
सार

रजपुरा थाना पुलिस ने फर्जी लोन एप के जरिए ठगी और रंगदारी वसूली करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरोह लोगों का डाटा चोरी कर फोटो एडिट कर ब्लैकमेल करता था और अब तक करीब दो करोड़ रुपये वसूल चुका है। गिरोह का सरगना मोनू यादव फरार है।

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Five accused of the gang who stole data from a fake loan app and blackmailed people were arrested
पुलिस हिरास में ब्लैकमेल करने वाले गिरोह के सदस्य - फोटो : संवाद

विस्तार

रजपुरा थाना पुलिस ने फर्जी लोन एप के माध्यम से ठगी करने व रंगदारी वसूलने वाले गिरोह के पांच आरोपी गिरफ्तार किए हैं। यह गिरोह एप के माध्यम से आसान तरीके से लोन देने का झांसा देता है। मोबाइल में एप डाउनलोड होते ही डाटा चोरी हो जाता है।

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इसके बाद आरोप चुराए गए फोटो को आपत्तिजनक बनाकर दूसरे नंबर पर भेजकर रंगदारी की मांगते हैं। इसमें कई लोग फंस चुके हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह करीब दो करोड़ की ठगी कर चुका है और रंगदारी वसूल चुका है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि इस गिरोह का सरगना चंदौसी की इंद्रा कॉलोनी निवासी मोनू यादव उर्फ सोनू यादव है।
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उसके खाते में करीब दो करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। कर्नाटक, बंगाल, राजस्थान और तेलंगाना में करीब दो करोड़ की ठगी करने में शिकायतें दर्ज हैं। एसपी ने बहजोई कार्यालय में खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में चंदौसी की इंद्रा कॉलोनी निवासी बाबू यादव, हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव धनेटा सोतीपुरा निवासी दिनेश, गांव ऐंचोली निवासी अभिषेक राघव, नितुल और बदायूं के बिसौली अंतर्गत मोहल्ला इतवार नखासा निवासी मोहित शर्मा शामिल हैं।
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एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि वह कॉल सेंटर में काम करते थे। इसी दौरान उन्होंने एप के माध्यम से लोगों का डाटा चोरी करना शुरू किया और फोटो एडिट कर आपत्तिजनक बनाकर ब्लैकमेल कर रंगदारी वसूलने लगे थे। आरोपियों के खिलाफ कर्नाटक, राजस्थान, बंगाल और तेलंगाना में मामले भी दर्ज हैं।

एसपी ने बताया कि मोनू यादव उर्फ सोनू यादव की तलाश में टीम लगी है। उसकी गिरफ्तारी के बाद इस गिरोह के तार कहां कहां जुड़े हैं इसकी जानकारी सामने आएगी। गिरफ्तार किए गए आरोपी नितुल की आईडी पर 15 कंपनी के नंबर चल रहे हैं। इन नंबरों का कहां-कहां इस्तेमाल किया गया। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

ब्लैकमेलिंग से परेशान व्यक्ति की शिकायत पर केस
रजपुरा थाना क्षेत्र के कस्बा गवां निवासी एक व्यक्ति ने पहली सितंबर को थाने में दी शिकायत में बताया था कि उसके परिचित लोगों के पास उसके आपत्तिजनक फोटो भेजे जा रहे हैं। रंगदारी के रूप में 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है। जिस नंबर से कॉल की जा रही थी, उसके आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की और छानबीन की।

इसी क्रम में पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। एसपी ने बताया कि पीड़ित ने बताया कि उसने इंस्टाग्राम पर फ्लैश वॉलेट एप से आसान तरीके से लोन मिलने का एड देखा था। उसके बाद एप डाउनलोड कर लिया और एप ने जो परमिशन मांगी वह दे दी।

गैलरी से फोटो और नंबर गिरोह ने एप के माध्यम से चोरी कर लिए। पहले तो 5355 रुपये लोन बकाया के मांगे और जब लोन नहीं लेने की बात कही तो धमकी देने लगे और बाद में एडिट फोटो के माध्यम से ब्लैकमेल करने लगे।

अनवेरिफाइड एप बन रहे मुसीबत
एसपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर तमाम ऐसे विज्ञापन मिलते हैं, जिसमें आसानी से लोन मिलने और जल्दी ही अमीर बनने का झांसा दिया जाता है। लोग इन भ्रामक विज्ञापनों को देखकर गुमराह हो जाते हैं और एप डाउनलोड कर लेते हैं। एप डाउनलोड होते ही परमिशन मांगी जाती है जो आमतौर पर लोग देते हैं।

इससे ठगी करने वाले गिरोह का काम आसान हो जाता है। वह गैलरी और नंबर की परमिशन लेकर डाटा चोरी कर लेते हैं और बाद में ब्लैकमेलिंग करते हैं। एसपी ने कहा कि अनवेरिफाइड एप कभी डाउनलोड नहीं करने चाहिए। इससे ठगी का खतरा बना रहता है। इसलिए सभी में जागरूकता और सतर्कता जरूरी है।

आरोपियों के खाते भी खंगाले जाएंगे
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के बैंक खाते खंगाले जाएंगे। इस गिरोह से और कौन जुड़ा है उनकी भी छानबीन चल रही है। इस गिरोह द्वारा कई करोड़ रुपये की ठगी और रंगदारी वसूलने की आशंका है। इसलिए टीम छानबीन कर रही है। इस गिरोह का एप जिस प्लेटफार्म पर है। उसको भी हटवाया जाएगा। ताकि दूसरे लोग इसका शिकार न हो सकें।

ऑनलाइन ठगी करने वाले और रंगदारी वसूलने वाले गिरोह के पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। गिरोह का सरगना भागा हुआ है। उसके खाते में करीब दो करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। चार राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं। लोगों को जागरूक होना चाहिए और अनवेरिफाइड एप डाउनलोड न करें। इस तरह से ठगी का शिकार होने से बचा जा सकता है। - कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल

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