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नोएडा प्राधिकरण में लगी आग, सैकड़ों फाइलें जलीं
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नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में आग लगने के बाद जली फाइलें और सामान ।
नोएडा प्राधिकरण में लगी आग, सैकड़ों फाइलें जलीं
नोएडा। सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय परिसर में बुधवार सुबह करीब दस बजे आग लग गई। आग लगने का कारण एयरकंडीशन में शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। हादसे में सैकड़ों फाइलें जल गईं। इससे सीएजी ऑडिट समेत कई प्रोजेक्टों के काम पर असर पड़ेगा। आग लगने की घटना की जांच के लिए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ आलोक टंडन ने कमेटी गठित की है, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी।
बुधवार सुबह करीब 10 बजे वर्क सर्किल-10 के पीछे एयरकंडीशन में आग लगी थी जो देखते-देखते पूरे परिसर में फैल गई। आननफानन में फायर विभाग सूचना दी गई। छह फायर टेंडर ने करीब डेढ़ से दो घंटे में आग पर काबू पाया। वर्क सर्किल-10 के ऑफिस में पीछे की ओर जूनियर इंजीनियर का कमरा है जो पूरी तरह से नष्ट हो गया। इसी तरह से एक कंप्यूटर कक्ष और ट्रैफिक सेल का ऑफिस भी जल गया। वर्क सर्किल-10 की कई वर्षों की पुरानी फाइलें जल गई। जितनी फाइलें बचीं, उनमें से कई पानी में भीगकर नष्ट हो गईं। इसके अलावा कार्यालय की कई अलमारियां, एसी, पंखे, फर्नीचर, प्रिंटर, कंप्यूटर, फैक्स व फोटो कॉपी मशीनें आदि जल गईं। आग लगने के दौरान कार्यालय में सीईओ आलोक टंडन भी मौजूद समेत कई अधिकारी भी मौजूद थे।
सात दिन में सौंपनी होगी जांच की रिपोर्ट
सीईओ आलोक टंडन ने ओएसडी अविनाश त्रिपाठी को मामले की जांच सौंपी है। उन्हें सात दिन में जांच रिपोर्ट सीईओ को सौंपनी होगी। जांच अधिकारी ने चीफ फायर ऑफिसर, वर्क सर्किल-10 के सीनियर मैनेजर, जीएम (इलेक्ट्रिक एंड मेंटेनेंस) और ट्रैफिक सेल के प्रभारी से तीन दिन में जांच आख्या मांगी है। मौजूद लोगों के भी बयान लिए जाएंगे।
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पुरानी फाइलें जलने से प्रभावित होगा सीएजी ऑडिट
बताया जा रहा है कि वर्क सर्किल-10 की कई साल पुरानी फाइलें वहां रखी हुई हैं। कई अलमारियां जल गई हैं जिनमें सैकड़ों फाइलें रखी हुई थीं। अभी सीएजी की ओर से अलग-अलग विभागों के 2005 के कार्यों पर आपत्तियां लगाईं गई थीं और विभागों को उनका जवाब देना था। पिछले दिनों जवाब नहीं देने की वजह से सीईओ ने संबंधित विभागों को फटकार भी लगाई थी, लेकिन अब आग लगने की घटना से कई पुराने कार्यों की जांच पर असर पड़ेगा।
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अपने ऑफिस में ही मानक पूरे नहीं करता प्राधिकरण
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पूरे शहर को नियमों का पाठ पढ़ाने वाला प्राधिकरण अपने कार्यालय में ही मानकों को पूरा नहीं करता है। पूरे कार्यालय में शेड और लकड़ी का काम होने से आग भड़क गई। आग बुझाने के साधन भी कम पाए गए। पूरे कार्यालय में असंख्य एसी लगाए गए हैं, लेकिन इससे लोड बढ़ रहा है इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसकी भी जांच करने वाला कोई नहीं है। पूरे परिसर में तारें लटक रही हैं, लेकिन इसे कोई देखने वाला नहीं है।
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ठेकेदारों को भुगतान में होगी दिक्कत
प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि घटना में ठेकेदार और प्राधिकरण के बीच के कई करारनामे और पेमेंट के दस्तावेज जल गए। ऐसे में अब उनको पेमेंट के लिए काफी परेशानी झेलनी होगी। इसके लिए दूसरे विभागों से मिलान करना होगा। इसमें काफी समय लगेगा।
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फाइलों फिर से तैयार करने का दिया आदेश
जो फाइलें जल गई हैं या पानी की वजह से खराब हो गई हैं। उन्हें दोबारा तैयार करने के लिए जीएम केके अग्रवाल को निर्देश दिया गया है। उनकी ओर से ऐसी फाइलों को दोबारा अस्तित्व में लाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
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प्राधिकरण कार्यालय में आग लगने की जांच के लिए एक आंतरिक कमेटी गठित की गई है। सात दिनों में जांच रिपोर्ट आ जाएगी। प्रथमदृष्टया किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की फाइल जलने की बात सामने नहीं आ रही है। हालांकि, जो फाइलें जली हैं उनको दोबारा सृजित करने में समय लगेगा।
- इंद्र विक्रम सिंह, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण
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नोएडा। सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय परिसर में बुधवार सुबह करीब दस बजे आग लग गई। आग लगने का कारण एयरकंडीशन में शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। हादसे में सैकड़ों फाइलें जल गईं। इससे सीएजी ऑडिट समेत कई प्रोजेक्टों के काम पर असर पड़ेगा। आग लगने की घटना की जांच के लिए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ आलोक टंडन ने कमेटी गठित की है, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी।
बुधवार सुबह करीब 10 बजे वर्क सर्किल-10 के पीछे एयरकंडीशन में आग लगी थी जो देखते-देखते पूरे परिसर में फैल गई। आननफानन में फायर विभाग सूचना दी गई। छह फायर टेंडर ने करीब डेढ़ से दो घंटे में आग पर काबू पाया। वर्क सर्किल-10 के ऑफिस में पीछे की ओर जूनियर इंजीनियर का कमरा है जो पूरी तरह से नष्ट हो गया। इसी तरह से एक कंप्यूटर कक्ष और ट्रैफिक सेल का ऑफिस भी जल गया। वर्क सर्किल-10 की कई वर्षों की पुरानी फाइलें जल गई। जितनी फाइलें बचीं, उनमें से कई पानी में भीगकर नष्ट हो गईं। इसके अलावा कार्यालय की कई अलमारियां, एसी, पंखे, फर्नीचर, प्रिंटर, कंप्यूटर, फैक्स व फोटो कॉपी मशीनें आदि जल गईं। आग लगने के दौरान कार्यालय में सीईओ आलोक टंडन भी मौजूद समेत कई अधिकारी भी मौजूद थे।
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सात दिन में सौंपनी होगी जांच की रिपोर्ट
सीईओ आलोक टंडन ने ओएसडी अविनाश त्रिपाठी को मामले की जांच सौंपी है। उन्हें सात दिन में जांच रिपोर्ट सीईओ को सौंपनी होगी। जांच अधिकारी ने चीफ फायर ऑफिसर, वर्क सर्किल-10 के सीनियर मैनेजर, जीएम (इलेक्ट्रिक एंड मेंटेनेंस) और ट्रैफिक सेल के प्रभारी से तीन दिन में जांच आख्या मांगी है। मौजूद लोगों के भी बयान लिए जाएंगे।
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पुरानी फाइलें जलने से प्रभावित होगा सीएजी ऑडिट
बताया जा रहा है कि वर्क सर्किल-10 की कई साल पुरानी फाइलें वहां रखी हुई हैं। कई अलमारियां जल गई हैं जिनमें सैकड़ों फाइलें रखी हुई थीं। अभी सीएजी की ओर से अलग-अलग विभागों के 2005 के कार्यों पर आपत्तियां लगाईं गई थीं और विभागों को उनका जवाब देना था। पिछले दिनों जवाब नहीं देने की वजह से सीईओ ने संबंधित विभागों को फटकार भी लगाई थी, लेकिन अब आग लगने की घटना से कई पुराने कार्यों की जांच पर असर पड़ेगा।
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अपने ऑफिस में ही मानक पूरे नहीं करता प्राधिकरण
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पूरे शहर को नियमों का पाठ पढ़ाने वाला प्राधिकरण अपने कार्यालय में ही मानकों को पूरा नहीं करता है। पूरे कार्यालय में शेड और लकड़ी का काम होने से आग भड़क गई। आग बुझाने के साधन भी कम पाए गए। पूरे कार्यालय में असंख्य एसी लगाए गए हैं, लेकिन इससे लोड बढ़ रहा है इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसकी भी जांच करने वाला कोई नहीं है। पूरे परिसर में तारें लटक रही हैं, लेकिन इसे कोई देखने वाला नहीं है।
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ठेकेदारों को भुगतान में होगी दिक्कत
प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि घटना में ठेकेदार और प्राधिकरण के बीच के कई करारनामे और पेमेंट के दस्तावेज जल गए। ऐसे में अब उनको पेमेंट के लिए काफी परेशानी झेलनी होगी। इसके लिए दूसरे विभागों से मिलान करना होगा। इसमें काफी समय लगेगा।
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फाइलों फिर से तैयार करने का दिया आदेश
जो फाइलें जल गई हैं या पानी की वजह से खराब हो गई हैं। उन्हें दोबारा तैयार करने के लिए जीएम केके अग्रवाल को निर्देश दिया गया है। उनकी ओर से ऐसी फाइलों को दोबारा अस्तित्व में लाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
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प्राधिकरण कार्यालय में आग लगने की जांच के लिए एक आंतरिक कमेटी गठित की गई है। सात दिनों में जांच रिपोर्ट आ जाएगी। प्रथमदृष्टया किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की फाइल जलने की बात सामने नहीं आ रही है। हालांकि, जो फाइलें जली हैं उनको दोबारा सृजित करने में समय लगेगा।
- इंद्र विक्रम सिंह, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण