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Greater Noida Fire: एसी रिपेयरिंग के दौरान अस्पताल में आग, ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर बाहर निकले मरीज; मची अफरातफरी
Tue, 16 May 2023 11:25 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 16 May 2023 11:25 PM IST
सार
नवीन अस्पताल में एसी रिपेयरिंग के दौरान आग लग गई। चौथी मंजिल स्थित आईसीयू और एचडीयू के बीच स्थित डॉक्टर के कमरे में शार्ट सर्किट से हादसा हुआ।
27 गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पताल भेजा गया।
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नवीन अस्पताल में आग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सेक्टर अल्फा-दो स्थित नवीन अस्पताल में चौथी मंजिल स्थित आईसीयू और एचडीयू के बीच डॉक्टर के कमरे में मंगलवार शाम आग लग गई। अस्पताल कर्मियों का कहना है कि यहां एसी में रिपेयरिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग लग गई और अस्पताल में अफरातफरी मच गई। अस्पतालकर्मी आईसीयू और एचडीयू में भर्ती गंभीर मरीजों को सुरक्षित निकालने के साथ आग बुझाने के प्रयास में जुट गए।
ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पांच गंभीर मरीजों, 17 सामान्य वार्ड के और पांच अन्य सहित 27 मरीजों को सुरक्षित निकाला गया। सूचना पर लगभग 15 मिनट में दमकलकर्मी और पुलिस भी पहुंच गए। हालांकि तब तक आग लगभग बुझ चुकी थी। लेकिन पूरे अस्पताल में धुआं भरने के कारण मरीज, तीमारदार और बचाव कार्य में जुटे अस्पतालकर्मियों का बुरा हाल हो गया।
अस्पताल से सुरक्षित निकाला गया मरीजों को
अस्पताल में आग लगने की सूचना मंगलवार शाम 5:19 बजे पुलिस और दमकलकर्मियों को दी गई। सूचना पर एसपी अरविंद कुमार, बीटा-दो थाना प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा की टीम और एफएसओ इंद्रपाल सिंह दमकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। अस्पतालकर्मियों की मदद से आईसीयू और एचडीयू में भर्ती पांच मरीजों को सुरक्षित निकालकर दूसरे अस्पताल पहुंचा दिया गया। सभी मरीजों को नीचे लाया गया। एफएसओ इंद्रपाल सिंह ने बताया कि अस्पताल में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन मौजूद थे। इससे कोई जनहानि नहीं हुई और समय रहते मरीजों को सुरक्षित निकाल दिया गया।
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कई मरीज बेड से उठकर निकले
आग का असर अन्य मंजिलों पर भी दिखा। अस्पताल में इस तरह अफरातफरी मच गई कि कई मरीज खुद जान बचाने के लिए बेड से उठकर भाग निकले। यहां तक की आईसीयू और एचडीयू में भी कुछ मरीज खुद उठकर खड़े हो गए। हालांकि बाद में उन्हें अस्पतालकर्मियों ने निकालकर एंबुलेंस की मदद से दूसरे अस्पताल पहुंचाया। एक-दो मरीज गंभीर हालत होने के कारण बेड से उठ नहीं पाए। उन्हें दमकलकर्मियों ने सुरक्षित निकाला।
चौथी मंजिल पर थी जगह कम
चौथी मंजिल पर स्थित एचडीयू में ऐसे मरीजों को भर्ती किया जाता है, जिनकी मदद के लिए अस्पतालकर्मी हर समय मौजूद रहते हैं। एचडीयू में बेड काफी करीब लगे हुए थे। एचडीयू के सामने ही आईसीयू था और इनके बीच में डॉक्टर का कमरा था। आईसीयू और एचडीयू के बीच काफी कम जगह थी। इस वजह से राहत और बचाव कार्य में परेशानी हुई। अस्पतालकर्मी, दमकलकर्मी और पुलिस ने समय रहते आग पर काबू पा लिया। बचाव कार्य के बाद यहां हर जगह पानी और धुआं दिख रहा था।
ऑक्सीजन सिलिंडर सहित बाहर निकले मरीज
बचाव कार्य के दौरान अस्पताल से मरीज, तीमारदार और अस्पतालकर्मी खांसते हुए बाहर निकल रहे थे। कुछ मरीजों के ऑक्सीजन सिलिंडर लगा हुआ था। ऐसे मरीजों को व्हीलचेयर पर ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ ही बाहर निकाला गया। कुछ मरीजों को आसपास के घरों में भी रखा गया और बाद में उन्हें दूसरे अस्पताल शिफ्ट किया गया। एफएसओ इंद्रपाल सिंह ने बताया कि अस्पताल में आग बचाने के पर्याप्त उपकरण मौजूद थे। जिनकी मदद से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और आईसीयू के पांच समेत कुल 27 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर डेल्टा-2 स्थित ग्रीन सिटी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।
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ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पांच गंभीर मरीजों, 17 सामान्य वार्ड के और पांच अन्य सहित 27 मरीजों को सुरक्षित निकाला गया। सूचना पर लगभग 15 मिनट में दमकलकर्मी और पुलिस भी पहुंच गए। हालांकि तब तक आग लगभग बुझ चुकी थी। लेकिन पूरे अस्पताल में धुआं भरने के कारण मरीज, तीमारदार और बचाव कार्य में जुटे अस्पतालकर्मियों का बुरा हाल हो गया।
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अस्पताल से सुरक्षित निकाला गया मरीजों को
अस्पताल में आग लगने की सूचना मंगलवार शाम 5:19 बजे पुलिस और दमकलकर्मियों को दी गई। सूचना पर एसपी अरविंद कुमार, बीटा-दो थाना प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा की टीम और एफएसओ इंद्रपाल सिंह दमकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। अस्पतालकर्मियों की मदद से आईसीयू और एचडीयू में भर्ती पांच मरीजों को सुरक्षित निकालकर दूसरे अस्पताल पहुंचा दिया गया। सभी मरीजों को नीचे लाया गया। एफएसओ इंद्रपाल सिंह ने बताया कि अस्पताल में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन मौजूद थे। इससे कोई जनहानि नहीं हुई और समय रहते मरीजों को सुरक्षित निकाल दिया गया।
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कई मरीज बेड से उठकर निकले
आग का असर अन्य मंजिलों पर भी दिखा। अस्पताल में इस तरह अफरातफरी मच गई कि कई मरीज खुद जान बचाने के लिए बेड से उठकर भाग निकले। यहां तक की आईसीयू और एचडीयू में भी कुछ मरीज खुद उठकर खड़े हो गए। हालांकि बाद में उन्हें अस्पतालकर्मियों ने निकालकर एंबुलेंस की मदद से दूसरे अस्पताल पहुंचाया। एक-दो मरीज गंभीर हालत होने के कारण बेड से उठ नहीं पाए। उन्हें दमकलकर्मियों ने सुरक्षित निकाला।
चौथी मंजिल पर थी जगह कम
चौथी मंजिल पर स्थित एचडीयू में ऐसे मरीजों को भर्ती किया जाता है, जिनकी मदद के लिए अस्पतालकर्मी हर समय मौजूद रहते हैं। एचडीयू में बेड काफी करीब लगे हुए थे। एचडीयू के सामने ही आईसीयू था और इनके बीच में डॉक्टर का कमरा था। आईसीयू और एचडीयू के बीच काफी कम जगह थी। इस वजह से राहत और बचाव कार्य में परेशानी हुई। अस्पतालकर्मी, दमकलकर्मी और पुलिस ने समय रहते आग पर काबू पा लिया। बचाव कार्य के बाद यहां हर जगह पानी और धुआं दिख रहा था।
ऑक्सीजन सिलिंडर सहित बाहर निकले मरीज
बचाव कार्य के दौरान अस्पताल से मरीज, तीमारदार और अस्पतालकर्मी खांसते हुए बाहर निकल रहे थे। कुछ मरीजों के ऑक्सीजन सिलिंडर लगा हुआ था। ऐसे मरीजों को व्हीलचेयर पर ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ ही बाहर निकाला गया। कुछ मरीजों को आसपास के घरों में भी रखा गया और बाद में उन्हें दूसरे अस्पताल शिफ्ट किया गया। एफएसओ इंद्रपाल सिंह ने बताया कि अस्पताल में आग बचाने के पर्याप्त उपकरण मौजूद थे। जिनकी मदद से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और आईसीयू के पांच समेत कुल 27 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर डेल्टा-2 स्थित ग्रीन सिटी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।