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मर्चेंट नेवी के अफसर पर पत्नी ने दर्ज कराया धोखाधड़ी का केस
Sun, 30 Jun 2019 11:30 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jun 2019 11:30 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
सेक्टर-137 निवासी महिला ने मर्चेंट नेवी में अफसर अपने पति और उनके परिजन के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। आरोप है कि पति ने परिजनों के साथ मिलकर भरण पोषण की रकम देने से बचने के लिए कोर्ट में उसका फर्जी पहचान पत्र, शादी का कार्ड और शपथ पत्र लगाया था। वोटर कार्ड नायब तहसीलदार की जांच में फर्जी पाया गया है। मामले में सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने अफसर समेत छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
महिला ने बताया कि उसका विवाह 23 अप्रैल 2014 को मूलरूप से बीकानेर निवासी और मर्चेंट नेवी में अफसर अभिमन्यु से हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न किया जाने लगा। रोजाना की प्रताड़ना से तंग आकर उसने अदालत की शरण ली। कोर्ट ने अगस्त 2018 में भरण-पोषण के लिए 85 हजार रुपये प्रतिमाह देने का आदेश दिया था, लेकिन उसे राशि नहीं दी गई। आरोप है कि इससे बचने के लिए कोर्ट में उसके नाम से ही एक याचिका डाली गई। जिसमें उसका फर्जी वोटर कार्ड, शपथ पत्र और शादी का कार्ड लगाया गया। वहीं, शपथ पत्र में किसी दूसरे व्यक्ति का नाम पति के रुप में लिखकर मांग की गई थी कि उसके शांतिपूर्ण जीवन में कोई दखल न दे। इस पर कोर्ट ने आदेश भी जारी किया था।
आरोप है कि इस आदेश को आधार बनाकर उसका पति भरण पोषण की राशि देने और उससे पीछा छुड़ाना चाहता था। जानकारी होने पर उसने सभी दस्तावेजों की जांच के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा। जांच में वोटर कार्ड आदि कूटरचित पाया गया। इसके बाद महिला ने कोर्ट को जानकारी दी। सूरजपुर कोतवाली प्रभारी मुनीष चौहान ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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विवाह से मुकरने पर दर्ज कराया था दुष्कर्म का केस
महिला का आरोप है कि 2009 में आरोपी ने उससे शादी का वादा किया था। उनकी सगाई 10 अगस्त और शादी 24 नवंबर 2012 को होनी थी। महिला का आरोप है कि 6 अगस्त को आरोपी व उसके परिजन ने दहेज में कार की मांग पूरी न होने पर शादी से इंकार कर दिया। इसके चलते उसने दुष्कर्म की धारा में केस दर्ज कराया था। मामले में समझौते के बाद दोनों का विवाह 23 अप्रैल 2014 को संपन्न हुआ था।
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महिला ने बताया कि उसका विवाह 23 अप्रैल 2014 को मूलरूप से बीकानेर निवासी और मर्चेंट नेवी में अफसर अभिमन्यु से हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न किया जाने लगा। रोजाना की प्रताड़ना से तंग आकर उसने अदालत की शरण ली। कोर्ट ने अगस्त 2018 में भरण-पोषण के लिए 85 हजार रुपये प्रतिमाह देने का आदेश दिया था, लेकिन उसे राशि नहीं दी गई। आरोप है कि इससे बचने के लिए कोर्ट में उसके नाम से ही एक याचिका डाली गई। जिसमें उसका फर्जी वोटर कार्ड, शपथ पत्र और शादी का कार्ड लगाया गया। वहीं, शपथ पत्र में किसी दूसरे व्यक्ति का नाम पति के रुप में लिखकर मांग की गई थी कि उसके शांतिपूर्ण जीवन में कोई दखल न दे। इस पर कोर्ट ने आदेश भी जारी किया था।
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आरोप है कि इस आदेश को आधार बनाकर उसका पति भरण पोषण की राशि देने और उससे पीछा छुड़ाना चाहता था। जानकारी होने पर उसने सभी दस्तावेजों की जांच के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा। जांच में वोटर कार्ड आदि कूटरचित पाया गया। इसके बाद महिला ने कोर्ट को जानकारी दी। सूरजपुर कोतवाली प्रभारी मुनीष चौहान ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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विवाह से मुकरने पर दर्ज कराया था दुष्कर्म का केस
महिला का आरोप है कि 2009 में आरोपी ने उससे शादी का वादा किया था। उनकी सगाई 10 अगस्त और शादी 24 नवंबर 2012 को होनी थी। महिला का आरोप है कि 6 अगस्त को आरोपी व उसके परिजन ने दहेज में कार की मांग पूरी न होने पर शादी से इंकार कर दिया। इसके चलते उसने दुष्कर्म की धारा में केस दर्ज कराया था। मामले में समझौते के बाद दोनों का विवाह 23 अप्रैल 2014 को संपन्न हुआ था।