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Noida News: फर्जीवाड़े में दो फार्मों पर 1.02 करोड़ का जुर्माना
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फर्जीवाड़े में दो फार्मों पर 1.02 करोड़ का जुर्माना
इनपुट टैक्स क्रेडिट में मिली हेराफेरी, जीएसटी विभाग ने की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) में फर्जीवाड़ा करने पर राज्य के जीएसटी विभाग ने दो फर्मों पर 1.02 करोड़ का जुर्माना लगाया है। विभाग ने मंगलवार को दोनों फर्माें के कार्यालयों की जांच की। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है। अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
अपर आयुक्त ईशा दुहन ने बताया कि अपर आयुक्त ग्रेड-2 राजाराम गुप्त के नेतृत्व में रेडीमेट गार्मेंट्स फर्म रंगोली सिन्टेक्स प्राइवेट लिमिटेड की जांच की गई। इसमें व्यापारी की ओर से विभिन्न वर्षो में 11.62 करोड़ रुपये के माल की सप्लाई अस्तित्वहीन बोगस फर्मों से की गई। इससे गलत तरीके से 58.25 लाख रुपये की आइटीसी का लाभ लिया। साथ ही, कागज में दर्ज माल की तुलना में ज्यादा माल स्टोर था। इस पर 52.28 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
वहीं, ईटी इंफ्रा डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की भी जांच की गई। यह भवन निर्माण के साथ सरकारी व गैरसरकारी उपक्रमों को रेंटल व मेंटेनेंस सेवाओं की आपूर्ति करती है। जांच में पाया गया कि कंपनी की ओर से विविध वर्षों में 4.10 करोड़ रुपये की आपूर्ति घोषित करते हुए 74.29 लाख की आइटीसी का दावा किया गया, जबकि आपूर्ति करने वाली फर्में अस्तित्व में नहीं हैं। इस पर 50 लाख रुपये जमा कराया गया है। टीम में संयुक्त आयुक्त विवेक आर्य, योगेश कुमार विजय, उपायुक्त आशीष शुक्ल, अन्जेश बरनवाल, सहायक आयुक्त तारा चंद, राज्य कर अधिकारी विनोद कुमार मिश्र, प्रतीक गुप्ता, प्रदीप कुमार नैन, राजीव, रजनीश, गोविंद कुमार शामिल रहे।
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इनपुट टैक्स क्रेडिट में मिली हेराफेरी, जीएसटी विभाग ने की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) में फर्जीवाड़ा करने पर राज्य के जीएसटी विभाग ने दो फर्मों पर 1.02 करोड़ का जुर्माना लगाया है। विभाग ने मंगलवार को दोनों फर्माें के कार्यालयों की जांच की। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है। अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
अपर आयुक्त ईशा दुहन ने बताया कि अपर आयुक्त ग्रेड-2 राजाराम गुप्त के नेतृत्व में रेडीमेट गार्मेंट्स फर्म रंगोली सिन्टेक्स प्राइवेट लिमिटेड की जांच की गई। इसमें व्यापारी की ओर से विभिन्न वर्षो में 11.62 करोड़ रुपये के माल की सप्लाई अस्तित्वहीन बोगस फर्मों से की गई। इससे गलत तरीके से 58.25 लाख रुपये की आइटीसी का लाभ लिया। साथ ही, कागज में दर्ज माल की तुलना में ज्यादा माल स्टोर था। इस पर 52.28 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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वहीं, ईटी इंफ्रा डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की भी जांच की गई। यह भवन निर्माण के साथ सरकारी व गैरसरकारी उपक्रमों को रेंटल व मेंटेनेंस सेवाओं की आपूर्ति करती है। जांच में पाया गया कि कंपनी की ओर से विविध वर्षों में 4.10 करोड़ रुपये की आपूर्ति घोषित करते हुए 74.29 लाख की आइटीसी का दावा किया गया, जबकि आपूर्ति करने वाली फर्में अस्तित्व में नहीं हैं। इस पर 50 लाख रुपये जमा कराया गया है। टीम में संयुक्त आयुक्त विवेक आर्य, योगेश कुमार विजय, उपायुक्त आशीष शुक्ल, अन्जेश बरनवाल, सहायक आयुक्त तारा चंद, राज्य कर अधिकारी विनोद कुमार मिश्र, प्रतीक गुप्ता, प्रदीप कुमार नैन, राजीव, रजनीश, गोविंद कुमार शामिल रहे।
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