{"_id":"688cc26dc9724b0eaf06dabe","slug":"fifth-grade-maths-and-environmental-studies-books-arrived-in-the-shops-noida-news-c-1-gnd1002-3235425-2025-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: पांचवीं की गणित व पर्यावरण अध्ययन की किताबें दुकानों पर आईं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: पांचवीं की गणित व पर्यावरण अध्ययन की किताबें दुकानों पर आईं
विज्ञापन
कई दुकानदार 10 से 30 रुपये तक अतिरिक्त दाम वसूल रहे
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। एनसीईआरटी की पांचवीं कक्षा की गणित और पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) की किताबें दुकानों पर उपलब्ध हो गईं हैं। किताबें तब आनी शुरू हुई हैं, जब स्कूलों की ओर से पहली तिमाही की परीक्षाओं की तिथि की घोषणा कर दी गई है। इस वजह से छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि शिक्षकों ने अपने स्तर पर परीक्षा की तैयारी कराई है।
अप्रैल में नया सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन पांचवीं कक्षा के छात्रों को अब तक पूरी किताबें नहीं मिल पाई थीं। इसका मुख्य कारण एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में हुआ बदलाव है, जो कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप किया गया है। इस बदलाव के कारण किताबों के प्रकाशन में देरी हुई और अब सत्र के चार महीने बीत जाने के बाद किताबें आनी शुरू हुई हैं। हालांकि अभी कुछ चुनिंदा दुकानों पर ही किताबें मिल रही हैं।
सेक्टर-24 स्थित केंद्रीय विद्यालय के सामने स्टेशनरी चलाने वाले तरुण कुमार ने कहा, गणित और पर्यावरण अध्ययन की किताबों की मांग बहुत ज्यादा है और स्टॉक सीमित है। अब धीरे-धीरे किताबें आ रही हैं।
विज्ञापन
सीमित स्टॉक, अधिक कीमत
अभिभावक आशीष कुमार ने बताया कि मैंने अपनी बेटी के लिए गणित और पर्यावरण अध्ययन की किताबें खरीदी हैं। किताबों पर 65-65 रुपये मूल्य अंकित है, लेकिन दुकानदार ने 30 रुपये अतिरिक्त लिए। मजबूरी थी, इसलिए लेनी पड़ी। सभी अभिभावकों से दुकानदार अतिरिक्त पैसे ले रहे हैं। इसको लेकर सीबीएसई को कोई सख्त कदम उठाना चाहिए। दुकानदार छात्रों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। एनसीईआरटी की पांचवीं कक्षा की गणित और पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) की किताबें दुकानों पर उपलब्ध हो गईं हैं। किताबें तब आनी शुरू हुई हैं, जब स्कूलों की ओर से पहली तिमाही की परीक्षाओं की तिथि की घोषणा कर दी गई है। इस वजह से छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि शिक्षकों ने अपने स्तर पर परीक्षा की तैयारी कराई है।
अप्रैल में नया सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन पांचवीं कक्षा के छात्रों को अब तक पूरी किताबें नहीं मिल पाई थीं। इसका मुख्य कारण एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में हुआ बदलाव है, जो कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप किया गया है। इस बदलाव के कारण किताबों के प्रकाशन में देरी हुई और अब सत्र के चार महीने बीत जाने के बाद किताबें आनी शुरू हुई हैं। हालांकि अभी कुछ चुनिंदा दुकानों पर ही किताबें मिल रही हैं।
विज्ञापन
सेक्टर-24 स्थित केंद्रीय विद्यालय के सामने स्टेशनरी चलाने वाले तरुण कुमार ने कहा, गणित और पर्यावरण अध्ययन की किताबों की मांग बहुत ज्यादा है और स्टॉक सीमित है। अब धीरे-धीरे किताबें आ रही हैं।
विज्ञापन
सीमित स्टॉक, अधिक कीमत
अभिभावक आशीष कुमार ने बताया कि मैंने अपनी बेटी के लिए गणित और पर्यावरण अध्ययन की किताबें खरीदी हैं। किताबों पर 65-65 रुपये मूल्य अंकित है, लेकिन दुकानदार ने 30 रुपये अतिरिक्त लिए। मजबूरी थी, इसलिए लेनी पड़ी। सभी अभिभावकों से दुकानदार अतिरिक्त पैसे ले रहे हैं। इसको लेकर सीबीएसई को कोई सख्त कदम उठाना चाहिए। दुकानदार छात्रों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं।