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Ram Sutar: मशहूर मूर्तिकार राम सुतार का निधन, 100 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, आज ही होगा अंतिम संस्कार

Thu, 18 Dec 2025 10:39 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: आकाश दुबे Updated Thu, 18 Dec 2025 10:39 AM IST
सार

राम सुतार की आयु 100 साल थी। दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माता भी थे, इसकी ऊंचाई 182 मीटर ऊंची है। पढ़ें उनके बारे में-

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Famous sculptor Ram Sutar passes away who made the Statue of Unity
मूर्तिकार राम सुतार का निधन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश के महान मूर्तिकार राम वनजी सुतार का निधन देर रात हो गया। राम सुतार ने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को आकार दिया। उनके पुत्र मूर्तिकार अनिल राम सुतार ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि उनकी लंबी बीमारी के बाद बुधवार (कल) देर रात करीब डेढ़ बजे नोएडा के सेक्टर-19 स्थित निवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। वह 100 साल के थे। आज उनका अंतिम संस्कार सेक्टर-94 में किया जाएगा।

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पुत्र अनिल राम सुतार ने बताया कि पिता राम सितार पिछले कई दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। पद्म भूषण से सम्मानित राम सुतार ने नोएडा में अपने घर पर ही आखिरी सांस ली। उनके निधन से कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके बेटे अनिल सुतार, जो खुद एक कुशल शिल्पकार हैं, ने पिता की विरासत को आगे बढ़ाया है।

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राम सुतार ने महज एक मूर्तिकार के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव को जीवंत करने वाले कलाकार के रूप में अपनी पहचान बनाई। सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी हो या महात्मा गांधी की ध्यानमग्न मुद्रा वाली प्रतिमाएं, उनके हाथों से निकली हर रचना देश की स्मृतियों में अमर हो गई।

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उनकी उपलब्धियां 
मूर्तिकार राम सुतार को अब तक पद्म भूषण (2018) पद्म श्री (1999) और टैगोर पुरस्कार (2018) से सम्मानित किया जा चुका है। राम सुतार ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ( सरदार पटेल 182 मीटर गुजरात), भारतीय संसद सहित 450 शहरों में महात्मा गांधी की प्रतिमा तैयार की हैं। साथ ही बंगलूरू में 153 फीट ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा के अलावा, मोशी, पुणे में 100 फीट ऊंची छत्रपति संभाजी महाराज की प्रतिमा के भी निर्माता थे। वह अपने परिवार संग नोए़डा के सेक्टर-19 स्थित निजी आवास में रह रहे थे।

वरिष्ठ मूर्तिकार राम सुतार को महाराष्ट्र भूषण 2024 पुरस्कार देने नोएडा आए थे सीएम देवेंद्र फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व अजीत पवार 14 नवंबर, 2025 की शाम नोएडा आए थे और उन्होंने सेक्टर-19 स्थित मूर्तिकार राम सुतार के आवास पर उन्हें महाराष्ट्र भूषण 2024 से सम्मानित किया था। दरअसल उनकी तबीयत पिछले कई दिनों से खराब चल रहित थी, इसीलिए वह सम्मान प्राप्त करने के लिए महाराष्ट्र नहीं जा पा रहे थे, ऐसे में महाराष्ट्र सरकार ने निर्णय लिया कि वह उनके घर आकर ही उन्हें इस सम्मान से सम्मानित करेंगे।

अमर उजाला से साझा किया था यह किस्सा
राम सुतार का जन्म 1925 में महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव गोंडूर में हुआ था। उनका पूरा नाम राम वनजी सुतार है। स्कूल के दिनों में ही पहली बार जिस गांधी को बनाया था, वह हंसते हुए गांधी थे। उन्होंने इस किस्से को अमर उजाला से साझा करते हुए कहा था कि -"मेरे पास गांधी की एक तस्वीर थी। उसमें वे हंस रहे थे। मेरे एक टीचर को गांधी का बस्ट चाहिए था। मैंने बनाया। फिर उस बस्ट की एक और कॉपी भी बनाई। उस समय मुझे 300 रुपये मिले थे।''

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री ने जताया शोक
महाराष्ट्र में दुख की लहर है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री दोनों आए थे, महाराष्ट्र गौरव पुरस्कार दिया था, वह महाराष्ट्र की शान है। हम सभी गमगीन हैं। सुतार साहब के चलते ऐसी मूर्तियां जीवंत लगती हैं, उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने यहां आया हूं। मुख्यमंत्री के निर्देशन पर वह आए हैं। द धुले जिले के वह मंत्री हैं, जिसके चलते उन्हें यहां भेजा है। –जय कुमार जितेंद्र सिंह रावल, कैबिनेट मंत्री, महाराष्ट्र सरकार

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