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Noida News: ठगी का आरोपी फर्जी सीआरपीएफ इंस्पेक्टर पुलिस की गिरफ्त में
Mon, 20 Oct 2025 01:25 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Mon, 20 Oct 2025 01:25 AM IST
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लखनऊ। काकोरी के रेवरी निवासी ढाबा संचालक रामकुमार से अयोध्या के खंडासा में रहने वाले फर्जी सीआरपीएफ इंस्पेक्टर आलोक कुमार ने बेटी को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगने की कोशिश की। सही समय पर जालसाज के बारे में पता चलने पर रामकुमार ने आरोपी को काकोरी पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
रामकुमार के मुताबिक आगरा एक्सप्रेसवे रेवरी प्लाजा के पास स्थित उनके ढाबे पर आलोक अक्सर आता-जाता था। बातचीत बढ़ने पर उसने ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए उनकी बेटी व भांजे की सीआरपीएफ में नौकरी लगवाने की बात कही। भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने उनके व्हाट्सएप पर अपना पहचान पत्र, आधार कार्ड, वर्द और सीआरपीएफ का आईडी कार्ड भेजा।
आलोक ने नौकरी के बदले तीन लाख रुपये मांगे। रामकुमार का आरोप है कि कुछ समय बाद आलोक ने उनकी बेटी का सीआरपीएफ में चयन होने और रकम तैयार रखने की बात कही। बेटी का सीआरपीएफ का फर्जी आईडी कार्ड भी दिया। रामकुमार ने बताया कि शनिवार रात 11 बजे आरोपी ढाबे पर कार से पहुंचा और रकम मांगने लगा।
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जॉइनिंग लेटर न देने पर हुआ संदेह
रामकुमार ने जॉइनिंग लेटर मांगा तो आलोक टालमटोल करने लगा। संदेह होने पर उसने आरोपी को उलझाकर ढाबे पर बैठा लिया। रामकुमार ने परिचितों को कार्ड दिखाया तो वह फर्जी निकला। काकोरी पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कई लोगों से ऐंठ चुका है लाखों रुपये
इंस्पेक्टर सतीश राठौर के मुताबिक आलोक के पास से दो मोबाइल, सीआरपीएफ की वर्दी, तीन स्टार, विभाग का आईडी कार्ड, तीन मुहरें, इंक पैड, दो पैन कार्ड और कार बरामद हुई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कई लोगों से नौकरी के नाम पर लाखों ऐंठ चुका है। वह चयन होने की बात कहकर फर्जी एडमिट कार्ड बनाता और उस पर मुहर लगाकर थमा देता है। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अयोध्या व लखनऊ में ठगी के आठ मुकदमे दर्ज हैं।
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रामकुमार के मुताबिक आगरा एक्सप्रेसवे रेवरी प्लाजा के पास स्थित उनके ढाबे पर आलोक अक्सर आता-जाता था। बातचीत बढ़ने पर उसने ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए उनकी बेटी व भांजे की सीआरपीएफ में नौकरी लगवाने की बात कही। भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने उनके व्हाट्सएप पर अपना पहचान पत्र, आधार कार्ड, वर्द और सीआरपीएफ का आईडी कार्ड भेजा।
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आलोक ने नौकरी के बदले तीन लाख रुपये मांगे। रामकुमार का आरोप है कि कुछ समय बाद आलोक ने उनकी बेटी का सीआरपीएफ में चयन होने और रकम तैयार रखने की बात कही। बेटी का सीआरपीएफ का फर्जी आईडी कार्ड भी दिया। रामकुमार ने बताया कि शनिवार रात 11 बजे आरोपी ढाबे पर कार से पहुंचा और रकम मांगने लगा।
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जॉइनिंग लेटर न देने पर हुआ संदेह
रामकुमार ने जॉइनिंग लेटर मांगा तो आलोक टालमटोल करने लगा। संदेह होने पर उसने आरोपी को उलझाकर ढाबे पर बैठा लिया। रामकुमार ने परिचितों को कार्ड दिखाया तो वह फर्जी निकला। काकोरी पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कई लोगों से ऐंठ चुका है लाखों रुपये
इंस्पेक्टर सतीश राठौर के मुताबिक आलोक के पास से दो मोबाइल, सीआरपीएफ की वर्दी, तीन स्टार, विभाग का आईडी कार्ड, तीन मुहरें, इंक पैड, दो पैन कार्ड और कार बरामद हुई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कई लोगों से नौकरी के नाम पर लाखों ऐंठ चुका है। वह चयन होने की बात कहकर फर्जी एडमिट कार्ड बनाता और उस पर मुहर लगाकर थमा देता है। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अयोध्या व लखनऊ में ठगी के आठ मुकदमे दर्ज हैं।